13/05/2026
मैं जहां हूं! 'वहां शोर ही शोर है,
झूठ ही झूठ है।
इक दिखावे की दुनिया जहां,
कुछ किसी का भी नहीं।।
ख्वाब हैं तो खरीदे हुए,
नींद है तो चुराई हुई,
आंख है तो मिलाई हुई,
दिल किसी से लगाया हुआ,
और कसम है तो खाई हुई।।
हाथ हैं तो छुड़ाए हुए,
अश्क हैं तो बहाये हुए,
लफ्ज लिख कर मिटाए हुए,
दिन भी है तो बिताया हुआ,
रात है तो गुजारी हुई।
सब के दिल में कोई एक तस्वीर है,
और वो भी किसी और के कैनोस से उतारी हुई।
Sahil Shaikh 🩵💛
✍️🖤