05/06/2026
“पेपर तो दोबारा करा लोगे, लेकिन मेरी बेटी को लौटा पाओगे क्या?... वो आज भी मेरी आंखों के सामने खड़ी हो जाती है। कहती है- मां मुझे माफ कर देना, मैं डॉक्टर नहीं बन पाई... आपके और पापा के सपने पूरे नहीं कर पाई... मेरी बच्ची का क्या कसूर था? क्या गरीब परिवार में जन्म लेकर डॉक्टर बनने का सपना देखना ही उसका गुनाह था?" यह कहते-कहते मां फफक पड़ती है। शब्द गले में अटक जाते हैं। आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं लेते। नीट पेपर लीक मामले के बाद नागपुर में सुसाइड करने वाली मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के घर में 11 दिन बाद भी मातम पसरा हुआ है। नागपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। आत्महत्या से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि अब उनमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है परिजनों के मुताबिक आकांक्षा एक मेधावी छात्रा थीं और उन्हें 650 से अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की खबरों ने उन्हें गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया। परीक्षा दोबारा होने की आशंकाओं के बीच वह पूरी तरह टूट गईं और आखिरकार उन्होंने यह दर्दनाक कदम उठा लिया।
बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने करीब 20 लाख रुपए का कर्ज लिया था। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले पिता अपनी बेटी का अंतिम संस्कार तक नहीं देख पाए। बेटी की मौत की खबर सुनते ही उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराना पडा।
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