I Love Aulia-E-Kiram

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-E-Kiram Hind is dedicated to sharing the legacy and teachings of the revered Sufi saints of the Indian subcontinent. We provide authentic knowledge about the lives, miracles, and spiritual wisdom of the Awliya (Friends of Allah). Join us on a journey to explore the rich history of Sufism, with stories of devotion, compassion, and divine love. Follow us for daily posts on the shrines, teachings, and events related to these great saints and their lasting influence on our lives today.

मशवरा करने वाला इंसान कभी नाकाम नहीं होता, क्योंकि वो दूसरों की अक़्ल से फ़ायदा उठाता है।
27/09/2026

मशवरा करने वाला इंसान कभी नाकाम नहीं होता, क्योंकि वो दूसरों की अक़्ल से फ़ायदा उठाता है।

किसी को उसके गुज़रे हुए वक़्त से मत जानो, इंसान बदलता है; उसे उसके मौजूदा किरदार से पहचानो।
26/09/2026

किसी को उसके गुज़रे हुए वक़्त से मत जानो, इंसान बदलता है; उसे उसके मौजूदा किरदार से पहचानो।

तकब्बुर (घमंड) बंदे और उसके रब के दरमियान एक पर्दा है। किसी को हकजारत (हिकारत) की नजर से मत देखो, क्योंकि तुम नहीं जानते...
25/09/2026

तकब्बुर (घमंड) बंदे और उसके रब के दरमियान एक पर्दा है। किसी को हकजारत (हिकारत) की नजर से मत देखो, क्योंकि तुम नहीं जानते कि किसका खात्मा अल्लाह को पसंद आएगा।

हसद (जलन) इंसान की सेहत को इस तरह खा जाती है जैसे दीमक लकड़ी को।
25/09/2026

हसद (जलन) इंसान की सेहत को इस तरह खा जाती है जैसे दीमक लकड़ी को।

नमाज को एक बोझ समझ कर मत पढ़ो, बल्कि इसे रब्बुल आलमीन से तन्हाई में गुफ्तगू (बातचीत) करने का एक मौका समझो।
24/09/2026

नमाज को एक बोझ समझ कर मत पढ़ो, बल्कि इसे रब्बुल आलमीन से तन्हाई में गुफ्तगू (बातचीत) करने का एक मौका समझो।

जो इंसान अपनी ख़ामियों से वाक़िफ़ हो जाता है, उसे दूसरों के ऐब देखने की फुर्सत नहीं मिलती।
24/09/2026

जो इंसान अपनी ख़ामियों से वाक़िफ़ हो जाता है, उसे दूसरों के ऐब देखने की फुर्सत नहीं मिलती।

अल्लाह पर तवक्कुल का मतलब यह है कि मखलूक के वसीलों से ज्यादा उसके वादे पर भरोसा रखा जाए, जबकि अपने फर्ज को आजजी और सब्र ...
23/09/2026

अल्लाह पर तवक्कुल का मतलब यह है कि मखलूक के वसीलों से ज्यादा उसके वादे पर भरोसा रखा जाए, जबकि अपने फर्ज को आजजी और सब्र के साथ पूरा किया जाए।

ग़रीबी इंसान को अपने ही शहर में अजनबी बना देती है।
23/09/2026

ग़रीबी इंसान को अपने ही शहर में अजनबी बना देती है।

🌙 11वीं शरीफ़ मुबारक 🌙हज़रत गौस-ए-पाक, पीराने पीरशैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी रज़ियल्लाहु तआला अन्हुकी बारगाह में ख़िराज-ए-...
22/09/2026

🌙 11वीं शरीफ़ मुबारक 🌙

हज़रत गौस-ए-पाक, पीराने पीर
शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु
की बारगाह में ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हुए,

आप सभी को 11वीं शरीफ़ की दिली मुबारकबाद।

अल्लाह तआला अपने प्यारे वली के सदक़े में
हम सबकी जायज़ दुआएँ क़ुबूल फ़रमाए,
घर में अमन, बरकत और ख़ुशहाली अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन 🤲🌹

❣️❣️

दिल एक आईने की तरह है। अगर यह दुनिया की ख्वाहिशों और गुनाहों के जंग (ज़ंग) से ढक जाए, तो यह इलाही हकीकत का नूर अक्स (रिफ...
22/09/2026

दिल एक आईने की तरह है। अगर यह दुनिया की ख्वाहिशों और गुनाहों के जंग (ज़ंग) से ढक जाए, तो यह इलाही हकीकत का नूर अक्स (रिफ्लेक्ट) नहीं कर सकता।

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