Radha Krishn Suvichar

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ईश्वरः परमः कृष्णः सच्चिदानन्दविग्रहः।
अनादिरादिर्गोविन्दः सर्वकारणकारणम्॥

कृष्ण गोविन्द परमेशवर है, सच्चिदानन्द-स्वरूप है, अनादि और प्रथम है, तथा सब कारणों का कारण है।

🙏🌹गुरुवाणी🌹🙏
13/10/2025

🙏🌹गुरुवाणी🌹🙏






नित्य श्री गीता जी के आनंद प्राप्ति हेतु हमें फॉलो करें!श्रीमद् भगवद्द गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान श्लोक 38न हि ज्ञानेन स...
13/10/2025

नित्य श्री गीता जी के आनंद प्राप्ति हेतु हमें फॉलो करें!

श्रीमद् भगवद्द गीता
अध्याय 4: दिव्य ज्ञान

श्लोक 38
न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।
तत्स्वयं योगसंसिद्धः कालेनात्मनि विन्दति॥

हिन्दी अनुवाद:
इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला निःसंदेह कुछ भी नहीं है। उस ज्ञान को कितने ही काल से कर्मयोग द्वारा शुद्धान्तःकरण हुआ मनुष्य अपने-आप ही आत्मा में पा लेता है।

व्याख्या:
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ज्ञान की महिमा का वर्णन कर रहे हैं। वे कहते हैं कि इस संसार में ज्ञान के समान कोई दूसरी पवित्र वस्तु नहीं है। ज्ञान ही सबसे अधिक पवित्र और श्रेष्ठ है।

योग के द्वारा सिद्ध हुआ व्यक्ति समय के साथ इस ज्ञान को अपने भीतर प्राप्त करता है। जब व्यक्ति योग और साधना के मार्ग पर चलता है, तो वह धीरे-धीरे इस दिव्य ज्ञान की प्राप्ति करता है, जो उसे आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाता है।

भगवान श्रीकृष्ण यह भी बताते हैं कि यह ज्ञान समय के साथ प्राप्त होता है, जब व्यक्ति योग साधना के माध्यम से अपनी आत्मा को शुद्ध और निर्मल कर लेता है। ऐसे समय में यह दिव्य ज्ञान स्वयं उसके भीतर प्रकट होता है, और वह इस संसार के सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है।

इस श्लोक का सार यही है कि ज्ञान ही वह मार्ग है जो हमें सत्य और मोक्ष की ओर ले जाता है। यह ज्ञान व्यक्ति के भीतर ही मौजूद होता है, जिसे साधना और समय के साथ प्राप्त किया जा सकता है।






#गीता

13/10/2025

नित्य श्री गंगा जी दर्शन हेतु हमें फॉलो करें!

🙏🌷श्री गंगाजी आज के दर्शन, हृषिकेश 13/10/2025😇🎉✨

*॥ श्रीहरि: ॥*
🌺 *'स्रोतसामस्मि जाह्नवी’— नदियोंमें गंगाजी मैं हूँ। (गीता १०/३१)*
*सुबह- सुबह श्रीगंगा दर्शन, भगवान जी के दर्शन!*🙏
आज के गंगादर्शन गीताभवन,ऋषिकेश
आज की शुभ तिथि
माह कार्तिकमासे कृष्णपक्षे
तिथि : सप्तमी सोमवार
विक्रम संवत 2082 तदनुसार 13 अक्टूबर 2025
आज सप्तमी दोपहर 12:24pm तत्पश्चात अष्टमी
आज का विशेष दिन
अहोई अष्टमी,राधाकुण्ड स्नान( गोवर्धन),कालाष्टमी,
रवियोग
➖➖➖
सूर्यराशि कन्या
चंद्रराशि मिथुन, दिशाशूल पूर्व
अग्निवास आकाश,नक्षत्र आरद्रा/पूनर्वसु
➖➖➖
राहुकाल का समय प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:54 से 12:44 तक रहेगा
➖➖➖
17 अक्टूबर गौवत्स द्वादशी, तुला संक्रांति, रमा एकादशी
18 अक्टूबर धनतेरस, प्रदोष व्रत,
19 अक्टूबर कालीचौदस,श्री हनुमान जयंती,मासिक शिवरात्रि
🌺 *हर हर गंगा लहर तरंगा , दरशण से होय पातक भंगा*

🌺भगवद्गीता किञ्चिदधीता गङ्गाजललवकणिका पीता।सकृदपि यस्य मुरारिसमर्चा तस्य यमः किं कुरुते चर्चाम् ॥🌺
*गंगाजल दिव्य जल है। यह महान पवित्र है। सब लोगों को रोजाना सुबह गंगाजल का चरणामृत लेना चाहिए।*
परम श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदास जी महाराज
*🙏 हे मेरे नाथ! मैं आपको भूलूँ नहीं!🙏*







#गंगा

🙏😇 आज के प्रमुख ठाकुरजी एवं अन्य वंदनीय देवों के श्रृंगार दर्शन 13/10/2025🙏🌷✨🎉                                          ...
13/10/2025

🙏😇 आज के प्रमुख ठाकुरजी एवं अन्य वंदनीय देवों के श्रृंगार दर्शन 13/10/2025🙏🌷✨🎉






नित्य श्री गीता जी के आनंद प्राप्ति हेतु हमें फॉलो करें!श्रीमद् भगवद्द गीता अध्याय 4: दिव्य ज्ञान श्लोक 37यथैधांसि समिद्...
10/10/2025

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श्रीमद् भगवद्द गीता
अध्याय 4: दिव्य ज्ञान

श्लोक 37
यथैधांसि समिद्धोऽग्निर्भस्मसात्कुरुतेऽर्जुन।
ज्ञानाग्निः सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते तथा॥

हिन्दी अनुवाद:
क्योंकि हे अर्जुन! जैसे प्रज्वलित अग्नि ईंधनों को भस्ममय कर देता है, वैसे ही ज्ञानरूप अग्नि सम्पूर्ण कर्मों को भस्ममय कर देता है।

व्याख्या:
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से यह कह रहे हैं कि जैसे समिधा (इंधन) से भरी हुई अग्नि सारी समिधा को जलाकर भस्म बना देती है, उसी प्रकार ज्ञान की अग्नि सभी कर्मों को नष्ट कर देती है।

इसका तात्पर्य यह है कि जब एक व्यक्ति को सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है, तो उसकी आत्मा में ऐसा प्रबोधन उत्पन्न होता है कि वह सभी कर्मों के फल और उनके बंधनों से मुक्त हो जाता है। ज्ञान की अग्नि कर्मों को भस्म कर देती है, अर्थात् वह कर्मों के प्रभाव और बंधनों को समाप्त कर देती है।

यह श्लोक ज्ञान के प्रभाव और उसके रूपांतरण की क्षमता को दर्शाता है, जो कर्मों के समस्त परिणामों और बंधनों को समाप्त कर देता है। जैसे अग्नि समिधा को पूरी तरह से जलाकर समाप्त कर देती है, वैसे ही ज्ञान सभी कर्मों को अपनी अग्नि से भस्म कर देता है।

इस प्रकार, यह श्लोक ज्ञान के महत्व और उसकी शक्ति को स्पष्ट करता है, जो व्यक्ति को कर्मों के बंधनों से मुक्ति दिलाता है और उसे आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करता है।






#गीता

10/10/2025

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🙏🌷श्री गंगाजी आज के दर्शन, हृषिकेश 10/10/2025😇🎉✨

*॥ श्रीहरि: ॥*
🌺 *'स्रोतसामस्मि जाह्नवी’— नदियोंमें गंगाजी मैं हूँ। (गीता १०/३१)*
*सुबह- सुबह श्रीगंगा दर्शन, भगवान जी के दर्शन!*🙏
आज के गंगादर्शन गीताभवन,ऋषिकेश
आज की शुभ तिथि
माह कार्तिकमासे कृष्णपक्षे
तिथि : चतुर्थी शुक्रवार
विक्रम संवत 2082 तदनुसार 10 अक्टूबर 2025
आज चतुर्थी 07:38pm तत्पश्चात पंचमी
आज का विशेष दिन
चौथ माता का पूजन,
करवाचौथ, वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी,मासिक कार्तिगाई
सिद्धि योग,शिववास योग,
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सूर्यराशि कन्या
चंद्रराशि वृषभ, दिशाशूल पश्चिम
अग्निवास पाताल/पृथ्वी
नक्षत्र कृतिका/रोहिणी
➖➖➖
राहुकाल का समय
प्रातः10:30 से 12:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:54 से 12:44 तक रहेगा
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कल पदम प्रभु जन्म जैन
13 अक्टूबर अहोई अष्टमी, राधाकुण्ड स्नान ( गोवर्धन),कालाष्टमी
17 अक्टूबर गौवत्स द्वादशी, तुला संक्रांति, रमा एकादशी
🌺 *हर हर गंगा लहर तरंगा , दरशण से होय पातक भंगा*

🌺भगवद्गीता किञ्चिदधीता गङ्गाजललवकणिका पीता।सकृदपि यस्य मुरारिसमर्चा तस्य यमः किं कुरुते चर्चाम् ॥🌺
*गंगाजल दिव्य जल है। यह महान पवित्र है। सब लोगों को रोजाना सुबह गंगाजल का चरणामृत लेना चाहिए।*
परम श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदास जी महाराज
*🙏 हे मेरे नाथ! मैं आपको भूलूँ नहीं!🙏*







#गंगा

🙏😇 आज के प्रमुख ठाकुरजी एवं अन्य वंदनीय देवों के श्रृंगार दर्शन 10/10/2025🙏🌷✨🎉                                          ...
10/10/2025

🙏😇 आज के प्रमुख ठाकुरजी एवं अन्य वंदनीय देवों के श्रृंगार दर्शन 10/10/2025🙏🌷✨🎉






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