Brahman Ekta Zindabd

Brahman Ekta Zindabd यह ग्रुफ पेज उन सोए हुए स्वर्णों की आंखे खोलनें के लिए है जो आज अंधभक्त बने बैठे है �

22/02/2026

आज चारों तरफ एक ही चर्चा है
तिलक, तराजू और त*लवार 💪
अभी नहीं तो कभी नहीं

रुचि तिवारी  को कैसे JNU के गुं*डो ने चारों तरफ से घेर रखा है और उसके ग*ले को द*बा रखा हैअभी नहीं तो कभी नहीं 🙏
14/02/2026

रुचि तिवारी को कैसे JNU के गुं*डो ने चारों तरफ से घेर रखा है और उसके ग*ले को द*बा रखा है

अभी नहीं तो कभी नहीं 🙏

14/02/2026

पुलवामा में शहीद हुए वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि
💐🌹💐

13/02/2026

जय परशुराम

09/02/2026

भले आज मेरी यह पोस्ट आपको पसंद नहीं आए लेकिन कल इस भूल पर पछताना जरूर पड़ेगा।
आज नहीं तो कभी नहीं

सभी ब्राह्मण भाइयों से निवेदन है कि अपने बच्चों का  EWS जरूर बनवाए,और अपने ब्राह्मण भाइयों से भी यह शेयर करे ताकि ज्यादा...
09/02/2026

सभी ब्राह्मण भाइयों से निवेदन है कि अपने बच्चों का EWS जरूर बनवाए,और अपने ब्राह्मण भाइयों से भी यह शेयर करे ताकि ज्यादा से इस स्कॉलरशिप का लाभ उठा सके। जिनका EWS बनने मैं दिक्कत आ रहा हो वो मुझे कमेंट करे । उनको मुफ्त मैं सहायता दी जाएगी ।
जय ब्रह्म जय परशुराम 🙏
अभी नहीं तो कभी नहीं

#ब्राह्मण

निश्चित रूप से, आपकी भावनाओं की तीव्रता और आपके द्वारा उठाए गए तर्कों को ध्यान में रखते हुए, आपकी सोशल मीडिया पोस्ट के ल...
07/02/2026

निश्चित रूप से, आपकी भावनाओं की तीव्रता और आपके द्वारा उठाए गए तर्कों को ध्यान में रखते हुए, आपकी सोशल मीडिया पोस्ट के लिए यहाँ एक प्रभावशाली और वास्तविक ड्राफ्ट है:
सोशल मीडिया पोस्ट ड्राफ्ट
कैप्शन:
क्या जेएनयू (JNU) जैसे संस्थानों का मकसद केवल शिक्षा देना रह गया है, या यह केवल एक विशेष विचारधारा और 'ब्राह्मणवाद' को निशाना बनाने का अड्डा बन चुका है? आए दिन प्रोटेस्ट के नाम पर जिस तरह से ब्राह्मणों को निशाना बनाया जाता है और अभद्र टिप्पणी की जाती है, क्या वह स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है? 🤔📚
इतिहास गवाह है कि इसी देश के ब्राह्मणों ने फटेहाल रहकर भी समाज को शिक्षित किया। जब कोई AI क्लास या मॉडर्न यूनिवर्सिटी नहीं थी, तब गुरुकुलों ने वो ज्ञान दिया जिसे आज दुनिया 'क्रांति' मानती है। हमारे वेदों और प्राचीन ग्रंथों में वो आविष्कार हजारों साल पहले दर्ज थे, जिन्हें आज आधुनिक विज्ञान अपना बता रहा है।
किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षक पर टिकी होती है, और आदि काल से ब्राह्मणों ने निस्वार्थ भाव से ज्ञान की लौ जलाए रखी। शिक्षा का केंद्र नफरत फैलाना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण होना चाहिए।
समय आ गया है अपनी विरासत और संस्कृति के सम्मान में आवाज उठाने का। अभी नहीं तो कभी नहीं! 😡🚩

Brahman Ekta Zindabd

बॉलीवुड वालों को हमेशा से ही ब्राह्मण सॉफ्ट टारगेट रह है तभी तो हर तरफ से ब्राह्मण को ही दोषी बना रहे हैं। इस देश मैं क्...
06/02/2026

बॉलीवुड वालों को हमेशा से ही ब्राह्मण सॉफ्ट टारगेट रह है तभी तो हर तरफ से ब्राह्मण को ही दोषी बना रहे हैं। इस देश मैं क्या अकेला ब्राह्मण हो दोषी है। अभी नहीं तो कभी नहीं 🙏

05/02/2026

यूजीसी बहस मैं CJI का वो जवाब जिसको जानना बहुत जरूरी है #ब्राह्मण Brahman Ekta Zindabd

एक FIR… और पूरा गांव कटघरे में!बिहार के एक जिले से सामने आई ये कहानी अब सिर्फ क़ानूनी मामला नहीं, बल्कि सवालों की लंबी क...
04/02/2026

एक FIR… और पूरा गांव कटघरे में!
बिहार के एक जिले से सामने आई ये कहानी अब सिर्फ क़ानूनी मामला नहीं, बल्कि सवालों की लंबी कतार बन चुकी है👇

बिहार के दरभंगा ज़िले में दर्ज एक अनोखी FIR ने सबको चौंका दिया है। इस मामले में करीब 300 लोगों पर एक साथ केस दर्ज किया गया है—और हैरानी की बात ये कि सभी आरोपी झा (ब्राह्मण) जाति से हैं।
कहा जा रहा है कि पूरे गांव में शायद ही कोई ब्राह्मण बचा हो, जिस पर SC/ST Act के तहत FIR न हुई हो।

और मामला यहीं नहीं रुकता—
FIR में नामजद कई लोग दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी या नौकरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि
➡️ क्या सभी आरोपी एक ही समय, एक ही घटना में शामिल थे?
➡️ क्या सामूहिक FIR न्याय की प्रक्रिया को मज़बूत करती है या संदेह बढ़ाती है?
➡️ क्या जांच में व्यक्तिगत भूमिका परखने की पर्याप्त कोशिश हुई?

ये मामला अब क़ानून, सामाजिक संतुलन और जांच प्रक्रिया—तीनों पर बहस छेड़ रहा है। सच क्या है, ये तो निष्पक्ष जांच ही बताएगी, लेकिन सवाल पूछे जाना ज़रूरी हैं।

#विष्णुपांडेय

04/02/2026

2026 बजट मैं स्वर्णों को इतना मिला कि हर आदमी को मिलेगा 20/20 लाख बीजेपी जिंदाबाद #ब्राह्मण Brahman Ekta Zindabd

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और 9 बार से विधायक रहे गोपाल भार्गव का बयान अब सियासी गलियारों में बहस का तूफान खड़ा कर रहा ह...
04/02/2026

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और 9 बार से विधायक रहे गोपाल भार्गव का बयान अब सियासी गलियारों में बहस का तूफान खड़ा कर रहा है।

गोपाल भार्गव का कहना है—

1️⃣ ब्राह्मणों के विरुद्ध लगातार नियम-कानून बनाए जा रहे हैं।
2️⃣ संवैधानिक व्यवस्था में ब्राह्मण समाज को पीछे धकेला जा रहा है।
3️⃣ ब्राह्मण वोट बैंक नहीं हैं—यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है।

उनका तीखा तंज यहीं नहीं रुका। भार्गव ने कहा कि अगर ब्राह्मण वोट बैंक होते, तो आज उनकी “पूंछ” होती—लेकिन वे भाजपा के खूंटे से बंधी गाय की तरह हैं।
उनके अनुसार, दलित और मुस्लिम राजनीति में इसलिए प्रभावी हैं क्योंकि वे संगठित वोट बैंक हैं, जो जिस सरकार से सुविधा पाते हैं, उसी के पक्ष में खड़े हो जाते हैं।

👉 यहीं से बयान ने राजनीतिक मोड़ लिया।
गोपाल भार्गव का इशारा साफ है—
ब्राह्मण समाज को भी वोट बैंक बनना पड़ेगा, क्योंकि भाजपा अब ब्राह्मण हितों के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।

45 साल से भाजपा का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता के इस बयान को संकेत के तौर पर देखा जा रहा है—

> “अगली बार भाजपा का खूंटा तोड़ो, ताकि दूसरे दल भी ब्राह्मण समाज के बारे में सोचने को मजबूर हों।”

गाय मत बनो

उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक UGC हाथ जोड़कर वापस नहीं।ले लिया जावे 🙏

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