22/03/2022
इलाहाबाद: घरों मे नज़्रो नियाज़ तो रात भर मरहुमीन की मग़फिरत को होती रही तिलावत
"मरहुमीन की क़ब्रों व बुज़ुरगाने दीन की मज़ारात पर अगर बत्ती की खुशबू व मोमबत्ती से चराग़ाँ से गुलज़ार रही शहरे खमोशाँ"
इसलामिक कैलेण्डर के मुताबिक़ शाबान की चौदहवीं की रात शुक्रवार को शबे बारात के मौक़े पर जहाँ घरों में पैग़म्बरे इसलाम हज़रत मोहम्मदे मुस्तफा ,मीर हमज़ा , चहारदाह मासूमीन , शोहदाए करबला व असीराने करबला की हलवे पर नज़्रो नियाज़ दिलाई गई वहीं हर घर मे अपने खानवादे और मरहुमीन की मग़फिरत को हलवे और खाने पर फातिहा करा कर ग़रीबों मिस्कीनों व ज़रुरतमन्दों को तक़सीम किया गया।सामाजिक व धार्मिक संस्था उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी के मुताबिक़ शबे बारात जुमा और होली के मद्देनज़र ओलमाओं के पैग़ाम पर अमल करते हुए ज़्यादातर लोगों ने मुहल्ले की मस्जिदों मे ही नमाज़ ए जुमा अदा की।वहीं मग़रिब की नमाज़ के बाद अहले इसलाम के लोगों ने क़ब्रिस्तानों का रुख किया।रात भर क़ब्रिस्तानो मे तिलावते कलाम पाक होती रही।मरहुमीन की क़ब्रों पर अगर बत्ती की खुशबू और मोमबत्ती की रौशनी से क़ब्रिस्तान का अंधेरा छट सा गया।शहर के सभी छोटे बड़े क़ब्रिस्तानो मे इन्तेज़ामिया कमेटी के लोग मुस्तैद रहे।रात भर मरहुमीन की मग़फिरत को खुदा की बारगाह मे लोग दूआ मांगते रहे।विभिन्न क़ब्रिस्तानो की कमेटीयों की ओर से पुरे क़ब्रिस्तान मे रंग बिरंगी लाईट और बल्बों से सजावट भी कराई गई।क़ब्रिस्तान मे आने वालों के लिए पानी और शरबत का ऐहतेमाम भी कमेटी की तरफ से कराया गया था।क़ब्रिस्तान क़मेटी के इरशाद हुसैन मुन्ने भय्या ,हसन दानिश ,अनवर कमाल ,ताबिश सरदार ,मेंहदी अब्बास ,सैफ रज़ा ,सै०मो०अस्करी , शेरु भाई ,असग़र अब्बास ,शाहिद अब्बास रिज़वी ,सूफी हसन ,ज़ामिन हसन ,हुसैन मेहदी समेत अन्य सदस्य मोमनीन की सहुलियत के लिए पुरी रात मुस्तैद रहे।