24/09/2026
🚨 NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट केस में बड़ा खुलासा!
देहरादून में MBBS दाखिले से जुड़े फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।
SIT ने मामले में दो आरोपियों—रूपेश पंडित और अरविंद कुमार—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में आरोप है कि फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए MBBS दाखिले के लिए प्रति अभ्यर्थी 45 लाख रुपये तक का सौदा किया गया था।
🔎 जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही स्वतंत्रता सेनानी के नाम से चार कथित फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए। मामले में निलंबित किए गए दो लेखपालों की भूमिका और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
SSP प्रमेंद्र डोबाल ने कहा है कि जांच में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या निजी व्यक्ति, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब SIT की नजर बैंक खातों, मोबाइल फोन और दस्तावेजों से मिलने वाले साक्ष्यों पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।
⚠️ फर्जी प्रमाण पत्र से मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के आरोपों ने व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।