29/05/2026
अलवर जिला राजकीय सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक मरीज के परिजन ने महिला डॉक्टर रेणुका जी से ब्लड रिपोर्ट पर डॉक्टर के नाम की मोहर सही तरीके से लगाने का अनुरोध किया।
परिजनों का आरोप है कि रिपोर्ट पर लगाई गई मोहर स्पष्ट नहीं थी, जिससे आगे इलाज और जांच के दौरान समस्या आने की आशंका थी। परिजन ने डॉक्टर से दोबारा मोहर लगाने का निवेदन किया, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने मना कर दिया और कहा कि “हम दोबारा मोहर नहीं लगाएंगे, अगर आगे समस्या आए तो फिर आ जाना।”
परिजन ने कई बार विनम्रता से अनुरोध किया, लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट पर दोबारा स्पष्ट मोहर नहीं लगाई गई।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में आने वाला व्यक्ति पहले से ही अपने मरीज की हालत को लेकर मानसिक तनाव में रहता है, ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे डॉक्टरों से संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद की जाती है।
अब इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और मरीजों के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
📍 अलवर जिला राजकीय सामान्य अस्पताल, अलवर, राजस्थान
✍️ Alwar Live Now
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