01/01/2026
क्या इस्लामी साल अलग और ईसाई साल अलग है? ❓
मुहर्रम से क़मरी (चाँद) और जनवरी से शम्सी (सूरज) साल की शुरुआत होती है। इसमें इस्लामी और ग़ैर-इस्लामी साल जैसी कोई बात नहीं है।
चाँद और सूरज — दोनों अल्लाह के बनाए हुए हैं। दोनों के हिसाब से साल इंसानों की सहूलियत (आसान हिसाब) के लिए बनाए गए हैं।
📖 क़ुरआन
वही अल्लाह है जिसने सूरज को चमकने वाला और चाँद को रौशन बनाया, और उसके लिए मंज़िलें तय कीं, ताकि तुम वर्षों की गिनती और हिसाब जान सको।
📚 सूरह यूनुस (10), आयत: 05
क़ुरआन के इस फ़ैसले के बाद अब आप 2026 को इस्लामी तरीके से मनाएँ—
🤲 दुआ करें,
💝 खूब सदक़ा करें।
हदीस-ए-पाक में है:
सदक़ा बलाओं को टालता है और बुरी मौत से बचाता है।
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