10/12/2025
*हरियाणा में 11 नए जिले बनाने की तैयारी : 62 प्रस्ताव CM को भेजे; जनगणना से पहले फैसला जरूरी, हांसी-डबवाली पर भी चर्चा*
*हरियाणा में नए जिलों को लेकर चंडीगढ़ में कैबिनेट सब-कमेटी ने बैठक की, जिसमें 11 जगहों असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पटौदी, पिहोवा, हांसी, बरवाला, सफीदों, गोहाना और डबवाली पर नया जिला बनाने पर चर्चा हुई।*
*कमेटी ने 62 प्रस्तावों को देखकर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसे मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेज दिया गया है। सरकार को 31 दिसंबर 2025 से पहले फैसला लेना होगा, क्योंकि जनगणना शुरू होने से पहले सीमा बदलने की यही आखिरी तारीख है।*
*नए जिले बनाने के लिए 125-200 गांव, 4 लाख से ज्यादा आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र वाला मानक रखा गया है।*
*कमेटी की मीटिंग का पूरा सेटअप*
*बैठक चंडीगढ़ में यूएलबी मंत्री विपुल गोयल के आवास पर हुई, जिसकी अध्यक्षता कमेटी चेयरमैन कृष्ण लाल पंवार ने की। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और आईएएस सुमिता मिश्रा भी मौजूद रहीं*
*62 प्रस्तावों की पूरी स्क्रूटनी हुई*
*नए जिलों को लेकर आए सभी 62 प्रस्तावों पर एक-एक करके चर्चा की गई। कमेटी ने इन्हें आधार बनाकर अंतिम रिपोर्ट तैयार की, जिसे सीएम के पास भेजा जा रहा है।*
*11 जिलों के साथ सब-डिविजन और तहसीलों पर भी चर्चा*
*सिर्फ नए जिले ही नहीं, बल्कि संभावित सब-डिविजन, तहसील और उप-तहसील के प्रस्तावों को भी बैठक में विस्तार से देखा गया ताकि नया प्रशासनिक ढांचा संतुलित बन सके।*
*पुलिस जिला घोषित हांसी और डबवाली पर भी विचार
हांसी और डबवाली पहले से पुलिस जिला हैं, इसलिए इन्हें पूर्ण जिले के रूप में अपग्रेड करने के लिए अलग से व्यवहार्यता देखी जा रही है। अन्य जिलों के साथ इन दोनों के प्रशासनिक बोझ और जनसंख्या संतुलन को भी कमेटी ने नोट किया।*
*73 प्रशासनिक पुनर्गठन प्रस्ताव भी पेंडिंग*
*नए जिलों के अलावा, समिति को अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 73 अन्य प्रशासनिक बदलावों के सुझाव मिले हैं। जैसे कुछ गांवों को नए उपमंडल/उप-तहसील या दूसरे जिले में शामिल करने वाले प्रस्ताव। इनका मूल्यांकन भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।*
*लंबे समय से 5 जगहों को जिले बनाने की मांग*
*हरियाणा में लंबे समय से 5 नए जिले बनाने की चर्चा चल रही थी। असंध, हांसी, डबवाली, मानेसर और गोहाना को नए जिले बनाने की मांग लगातार उठती रही। हरियाणा निकाय चुनावों के बाद सरकार ने इस दिशा में फैसला लेते हुए 4 दिसंबर 2024 को नई कमेटी गठित कर दी थी। चार मंत्रियों वाली इस कमेटी ने 2 महीने में अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी।*