11/03/2026
कभी-कभी जिंदगी इतनी मुश्किल हो जाती है कि इंसान के लिए जीना ही सबसे बड़ा दर्द बन जाता है…
आज देश की सबसे बड़ी अदालत ने एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दी है।
करीब 13 साल पहले एक हादसे के बाद हरीश राणा ऐसी हालत में चले गए थे जहाँ न बोल सकते थे, न चल सकते थे, न ही सामान्य जीवन जी सकते थे। उनके माता-पिता सालों तक उम्मीद के सहारे बेटे की सेवा करते रहे, लेकिन जब डॉक्टरों ने भी कहा कि ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है, तब परिवार ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया।
आज अदालत ने यह कहते हुए अनुमति दी कि हर इंसान को सम्मान के साथ जीने का ही नहीं, बल्कि सम्मान के साथ विदा लेने का भी अधिकार है।
यह फैसला सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदना और मानवीय गरिमा की भी बड़ी मिसाल बन गया है।
🙏 ईश्वर हरीश राणा और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दे।
#इच्छामृत्यु