14/04/2026
नोयडा और हरियाणा की घटना प्रशासनिक तंत्र के संगठित अपराध का नतीजा है जो संपूर्ण भारत में चल रहा , जहां वर्षों से मजदूर के खुन पसीने की कमाई अधिकारी कंपनी ठेकेदार मिलकर दिनदहाडे लुटते रहें हैं लोगों को निर्धारित न्युनतम वेतन से कम में लगातार 12घंटा 30 दिन काम करना पडा है।
यह संगठित प्रशासनिक अपराध देश भर में हो रहा है और देश की सभी जिलों के DM इसमें शामिल हैं।
इसमें बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं और यह भयाक्रांत किए जाने को लेकर गिरफ्तारीयां हुई हैं।
ध्यान भटकाने के लिए और यह लुटपाट अराजकता expose ना हो जाए इसलिए सभी प्रशासनिक दमनात्मक कारवाई की जा रही है।
मैं एक जांच आयोग के गठन की मांग करता हुं जो पुरे में देश यह दिनदहाडे लुटपाट की जांच कर सके जो यह लुटपाट की राशि अरबों रुपए तक की है। संबंधित जिम्मेदार प्रशासनिक तंत्र पर संगठित आर्थिक अपराध का मुकदमा दर्ज हो जिसकी जानबूझकर कि गई उपेक्षा के कारण लोग निर्धारित न्युनतम वेतन से कम में लगातार 12 घंटा 30 दिन काम करनें को विवश हैं और इस प्रकार बर्बर मौत मारे जा रहें हैं जो कि अमानवीय है।
दिन दहाड़े श्रम कानून नियम को तोड़ने वाले को प्रशासनिक तंत्र का संरक्षण क्यों प्राप्त है ?
मैं शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठकर सरकार से और न्यायलय से न्याय की मांग करता हुं कि तत्काल DM,Sp और पुलिस अधिकारियों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज हो जो इस अराजकता लुटपाट में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं।