Asif Ansari

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बिहार के सारण जिले से पुलिस महकमे का सिर फख्र से ऊंचा करने वाली एक शानदार और भावुक खबर सामने आई है। मांझी थाना क्षेत्र क...
19/06/2026

बिहार के सारण जिले से पुलिस महकमे का सिर फख्र से ऊंचा करने वाली एक शानदार और भावुक खबर सामने आई है। मांझी थाना क्षेत्र के रामघाट पर सरयू नदी में नहाते समय 8 वर्षीय मासूम शेरू गिरी अचानक गहरे पानी में डूब गया। बच्चा अपने परिवार के साथ घर की पूजा के लिए जल लेने घाट पर गया था।
घटना की सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर (SI) शमीम खान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना एक पल गँवाए अपनी पुलिस वर्दी में ही बच्चे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। एक कुशल तैराक की तरह उन्होंने गोताखोरों के साथ करीब 45 मिनट तक पानी में अथक खोजबीन की। दारोगा के इस अदम्य साहस और इंसानियत की हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है। फिलहाल एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भी सर्च अभियान में जुटी है, हालांकि मासूम का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
बिहार के सारण जिले से पुलिस महकमे का सिर फख्र से ऊंचा करने वाली एक शानदार और भावुक खबर सामने आई है। मांझी थाना क्षेत्र के रामघाट पर सरयू नदी में नहाते समय 8 वर्षीय मासूम शेरू गिरी अचानक गहरे पानी में डूब गया। बच्चा अपने परिवार के साथ घर की पूजा के लिए जल लेने घाट पर गया था।

19/06/2026

इस्लामिक content Part 1

19/06/2026

इस्लामिक content

40 साल की उम्र, दो बच्चों की मां, सुनने की दिव्यांगता... और आखिरकार UPSC में सफलता! केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली नी...
19/06/2026

40 साल की उम्र, दो बच्चों की मां, सुनने की दिव्यांगता... और आखिरकार UPSC में सफलता! केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली नीसा उन्नीराजन ने वह कर दिखाया, जिसे कई लोग असंभव मान लेते हैं।

जब अधिकांश UPSC अभ्यर्थी 30 की उम्र तक अपने प्रयास पूरे कर चुके होते हैं, तब नीसा ने 35 वर्ष की उम्र में इस कठिन परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनके सामने सिर्फ एक चुनौती नहीं थी।

🔹 वे दो बच्चों की मां थीं।

🔹 फुल-टाइम नौकरी कर रही थीं।

🔹 सुनने की दिव्यांगता (Hearing Disability) के साथ जीवन जी रही थीं।

🔹 और UPSC जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा का सपना देख रही थीं।

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सात लंबे प्रयासों, असफलताओं और संघर्षों के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 1000 हासिल की। दिव्यांग श्रेणी के तहत वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए पात्र हैं।

इस सफर में उनके पति अरुण, उनकी बेटियां नंदना और थान्वी, तथा उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनका साथ दिया। नीसा का मानना है कि असफलता कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि हर असफल प्रयास ने उन्हें कुछ नया सिखाया और उनकी रणनीति को बेहतर बनाया।

प्रेरणा बनाए रखने के लिए वे सफल लोगों की जीवनी पढ़ती थीं, मोटिवेशनल वीडियो देखती थीं और लगातार खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करती थीं। उनकी सफलता केवल एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि उम्र, परिस्थितियां या शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की क्षमता तय नहीं करतीं।



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उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती इम्तिहान में लखनऊ के सैय्यद शादाब हुसैन ने पहली रैंक हासिल करके अपनी ...
19/06/2026

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती इम्तिहान में लखनऊ के सैय्यद शादाब हुसैन ने पहली रैंक हासिल करके अपनी काबिलियत का लोहा मनवा दिया।

पहली रैंक हासिल करने पर उन्हें लखनऊ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) सौंपा गया। मेरिट लिस्ट में सबसे ऊपर रहना उनके पूरे ख़ानदान के लिए फ़ख्र की बात है।

सैय्यद शादाब हुसैन ने अपनी इस शानदार कामयाबी का श्रेय अपने वालिद नवाब मियां और अपने अहल-ए-ख़ानदान को दिया,
इस इम्तिहान में सामान्य ज्ञान, मानसिक क्षमता, तर्कशक्ति, कंप्यूटर साइंस और कंप्यूटर टाइपिंग से जुड़े मुश्किल सवाल शामिल थे। सख़्त मुकाबले के बावजूद शादाब हुसैन ने अपनी मेहनत, लगन और सलाहियत के दम पर पूरे उत्तर प्रदेश में पहली रैंक हासिल की।

सऊदी अरब की 15 वर्षीय लड़की थबिया अल-शहरानी को अपने इलाके से अलग-अलग तरह के पत्थर इकट्ठा करने का शौक था। वर्ष 2014 में उ...
19/06/2026

सऊदी अरब की 15 वर्षीय लड़की थबिया अल-शहरानी को अपने इलाके से अलग-अलग तरह के पत्थर इकट्ठा करने का शौक था। वर्ष 2014 में उसने 705 पत्थर जमा किए, जिनकी जांच के दौरान पुरातत्व विशेषज्ञों ने पाया कि उनमें से 19 पत्थर अरब प्रायद्वीप की प्राचीन सभ्यताओं से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेष हैं। थबिया ने ये सभी पत्थर अधिकारियों को सौंप दिए, जिसके बाद सऊदी हेरिटेज कमीशन ने उन्हें राष्ट्रीय धरोहर की सूची में शामिल कर राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित किया और थबिया को सम्मानित भी किया गया।

इसी क्रम में सऊदी हेरिटेज कमीशन ने हाल ही में मदीना मुनव्वरा के अल-महद ज़िले में पुरातात्विक सर्वेक्षण का दूसरा चरण पूरा किया। इस सर्वेक्षण में कुल 1774 ऐतिहासिक अवशेष प्राप्त हुए, जिनमें 461 इस्लामी शिलालेख, 34 समूदी शिलालेख, 1259 रॉक आर्ट पैनल, 11 पत्थर की संरचनाएं, 3 ऐतिहासिक महल, 2 प्राचीन काफिला मार्ग और 4 पुराने कुएं शामिल हैं।

इन खोजों में सबसे महत्वपूर्ण एक चट्टान पर उकेरा गया लगभग 1400 वर्ष पुराना शिलालेख माना जा रहा है, जिसमें इस्लाम के दूसरे खलीफा हज़रत उमर इब्न अल-खत्ताब (रज़ि.) का उल्लेख मिलता है। शिलालेख में लिखा है, “अल्लाह दुनिया और आख़िरत में उमर इब्न अल-खत्ताब का संरक्षक है। ला इलाहा इल्लल्लाह।” यह लेखन शुरुआती इस्लामी दौर की प्राचीन हिजाज़ी लिपि में दर्ज है, जिसे अरबी भाषा के सबसे पुराने लिखित रूपों में गिना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज केवल एक ऐतिहासिक नाम मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस दौर की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी दर्शाती है। इसी क्षेत्र में इस्लाम-पूर्व काल के समूदी शिलालेख भी मिले हैं, इसलिए इतिहासकार इसे इस्लाम-पूर्व अरब और प्रारंभिक इस्लामी युग के बीच एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कड़ी मान रहे हैं। सऊदी हेरिटेज कमीशन ने इन खोजों को इस्लामी इतिहास की एक खुली खिड़की बताते हुए इन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समझने में बेहद महत्वपूर्ण करार दिया है।

फातिमा ने UPSC में 708वीं रैंक हासिल किया, फातिमा के पिता ट्रक ड्राइवर है. किराए के मकान में पूरा घर रहता है. कुछ साल पह...
19/06/2026

फातिमा ने UPSC में 708वीं रैंक हासिल किया, फातिमा के पिता ट्रक ड्राइवर है. किराए के मकान में पूरा घर रहता है. कुछ साल पहले बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. अपनी बेटी को उन्होंने बेटा समझ कर पढ़ाया लिखाया और सीमित संसाधनों में भी किसी तरह की कमी नहीं होने दी.

"बाज़ की खामोशी को उसकी हार मत समझो..."
19/06/2026

"बाज़ की खामोशी को उसकी हार मत समझो..."

🔥 “खान सर को लेकर अलख पांडे का बयान, पहचान और योगदान पर की टिप्पणी”शिक्षक और EdTech उद्यमी अलख पांडे ने खान सर को लेकर च...
18/06/2026

🔥 “खान सर को लेकर अलख पांडे का बयान, पहचान और योगदान पर की टिप्पणी”

शिक्षक और EdTech उद्यमी अलख पांडे ने खान सर को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खान सर ने शिक्षा के क्षेत्र में लाखों छात्रों तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन हाल के विवादों में उनकी पहचान और नाम को लेकर अनावश्यक बहस छेड़ दी गई। अलख पांडे के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई है।





18/06/2026

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