03/08/2026
ऐतिहासिक बापू भवन टाउन हॉल के सुंदरीकरण को लेकर बलिया नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया ज्ञापन
बलिया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपनी अलग पहचान रखने वाले बलिया जिले के ऐतिहासिक बापू भवन (टाउन हॉल) के संरक्षण और सुंदरीकरण की माँग को लेकर प्रतिनिधियों ने नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा।
बलिया का नाम देश के स्वाधीनता आंदोलन में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महान क्रांतिकारी चित्तू पांडेय के नेतृत्व में बलिया ने अंग्रेजी शासन की चूले हिलाकर स्वतंत्र प्रशासन की स्थापना की थी। इसी महान विरासत की स्मृति में हर वर्ष स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में निकलने वाले जुलूस और प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों का समापन ऐतिहासिक टाउन हॉल स्थित बापू भवन में ही होता आ रहा है।
"ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बलिया के गौरव का प्रतीक है बापू भवन"
ज्ञापन सौंपते हुए उमाशंकर पाठक ने कहा, "यह भवन केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि बलिया की लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक एकता और ऐतिहासिक गौरव का जीवंत प्रतीक है। ऐसी ऐतिहासिक धरोहर का उचित संरक्षण, सुंदरीकरण और नियमित रखरखाव होना बेहद ज़रूरी है।"
16 अगस्त तक सुंदरीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी
सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के सदस्य जैनेन्द्र पांडेय मिंटू और सागर सिंह राहुल ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए स्पष्ट कहा कि यदि 16 अगस्त तक टाउन हॉल प्रांगण का सुंदरीकरण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे 17 अगस्त से धरना देने पर बाध्य होंगे।
क्रांतिकारियों की इस ऐतिहासिक धरती पर बापू भवन की उपेक्षा को लेकर स्थानीय लोगों और सेनानी उत्तराधिकारियों में आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या ठोस कदम उठाता है।