11/10/2026
कोली समुदाय की महिलाओं से जुड़ा है गुजरात का 'टिप्पणी' नृत्य
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से जुड़ा "टिप्पणी" नृत्य कोली समुदाय की श्रमिक महिलाओं की मेहनत से जुड़ा है. पुराने समय में गुजरात के तटीय इलाकों में मकानों की छतों और फर्श को मजबूत बनाने के लिए चूने और पत्थर के मिश्रण को कूटा जाता था. पोरबंदर के कोली समुदाय की महिलाएं इसमें काम किया करती थीं. फर्श को समतल बनाने के लिए वो लकड़ी के एक भारी औजार का इस्तेमाल करती थीं, जिसे "टिप्पणी" कहा जाता है. कड़ी धूप में अपनी ऊर्जा बनाए रखने के लिए महिलाएं एक लय में काम करने लगीं और थकान मिटाने के लिए बीच-बीच में लोकगीत गाने लगीं. धीरे-धीरे लोकगीतों की धुनों पर टिप्पणी को पटकने की लय ने नृत्य का रूप ले लिया और टिप्पणी नृत्य की शुरुआत हुई.
इस नृत्य को खास इसमें इस्तेमाल होने वाली लकड़ी के डंडे की आवाज है. नर्तकियां पारंपरिक रंग-बिरंगी चनिया, चोली और ओढ़नी पहनती हैं और चांदी के पारंपरिक गहने पहनती हैं. ये नृत्य समूह में किया जाता है, जिसमें टिप्पणी के जमीन पर टकराने की आवाज इसे आकर्षक बनाती है.
"टिप्पणी" नृत्य सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं किया जाता, बल्कि ये गुजरात के ग्रामीण जीवन से काफी जुड़ा हुआ है. इसकी शुरुआत भले ही श्रम के दौरान ऊर्जा बनाए रखने के लिए हुई थी, लेकिन आज महिलाएं इस नृत्य को शादी जैसे शुभ अवसरों पर भी काफी उत्साह के साथ करती हैं.
इस नृत्य को महिलाएं घेरे में खड़ी होकर करती हैं. नृत्य में महिलाएं धीमी गति की ताल पर टिप्पणी को जमीन पर ठोकते हुए नृत्य शुरू करती हैं और साथ में लोकगीत गाती हैं. इस नृत्य को ढोल, मंजीरे जैसे वाद्य यंत्रों की धुन दी जाती है, जो टिप्पणी की आवाज के साथ मिलकर इसे और भी मजेदार बना देते हैं.