PRachu ki poetry

PRachu ki poetry Passion

कितनो को भुला दिया,कितनो को दिल से लगाये बैठे है।उन्हें शायद खबर भी नही,और हम उन्हें अपना बनाये बैठे है।।वो नजरअंदाज कर ...
09/09/2025

कितनो को भुला दिया,
कितनो को दिल से लगाये बैठे है।
उन्हें शायद खबर भी नही,
और हम उन्हें अपना बनाये बैठे है।।

वो नजरअंदाज कर देते है,
और हम सपने सजा लेते है।
उनके दिये हर दर्द को,
हम सीने से लगा लेते है।।

उनको छू कर हवा जब,
हम तक आती है ।
इस एकतरफा मोहब्बत को,
तसल्ली मिल जाती है।।

बात आते-आते,
जुबा पे रह जाती है।
हम कह नही पाते,
और कलम कह जाती है।।

29/09/2022

हजार माँगने पर
दो हजार थमा देने वाले ,
है मेरे पिताजी ।।

एक छीक आने पर
सौ नुस्खे लाने वाले,
है मेरे पिताजी ।।

मेरी हर ख्वाहिश
पूरी करने वाले ,
है मेरे पिताजी ।।

खुद पुराने कपड़े पहन
हमे नये दिलाने वाले,
है मेरे पिताजी ।।

मै लाख चिंता दू उन्हें ,
पर मेरे माथे की हर
-सिलवटे मिटाने वाले ।
है मेरे पिताजी ।।

दुआ है यही , बस
ईश्वर से मेरी ।
उनके हर दुःख मे,
साथ मै रहू खड़ी।।

हो जाऊ मै चाहे,
पापा जितनी भी बड़ी।
रहूँगी हमेशा, आपकी
नन्ही सी परी👰।।।।

गजब है तेरी दुनिया ऐ पुरुष प्रधान समाज ,सह भी तुम्हारी और तुम्हारी ही है मात ।अपना हित देख कर तुमने बनाये हर रिवाज,सालो ...
23/09/2022

गजब है तेरी दुनिया ऐ पुरुष प्रधान समाज ,
सह भी तुम्हारी और तुम्हारी ही है मात ।
अपना हित देख कर तुमने बनाये हर रिवाज,
सालो बीत जाने पर भी तुम आए नही बाज।

तुम मनमानी करो तो स्वभाव तुम्हारा कहलाता है,
हम मन की कर ले तो लांछन हम पे लग जाता है।
त्याग- समर्पण ये सब तुम्हें कहाँ आता है , लेकिन
हम स्त्रियों का तो ये प्रथम धर्म कहलाता है।।

क्या खूब नीती के साथ तुमने हर रीती बनाई है,
खुद को व्यवसाय और हमे रसोई थमाई है।
सड़को पर आजाद तुमने रोज महफिल जमाई है,और
हमने चार दीवारी मे अपनी पुरी जिंदगी बिताई है।

खुद पर कोई रोक नहीं हम पर बस रोक लगाते हो,
हमे आत्म निर्भर बनाने से आज भी तुम कतराते हो।
नजरे झुका कर चलना हमारी सभ्यता बताते हो,
और खुद भेड़िये जैसी नजरे हर तरफ घुमाते हो।।

वाह रे पुरुषो तुमने कितना ज्यादा किया पक्षपात,
ना हमे सम्पत्ति दी और ना दिया हमे कोई अधिकार ।
ना विवाह कर तुम्हें बदलना पड़ा अपना निवास,
हमे बताया पराया धन और खुद बने घर का चिराग ।।

अपनी बुद्धि का क्या अदभुद प्रदर्शन दिखाया है,
अपनी रस्मो का रक्षण खुद स्त्रीयो को ही थमाया है।
औरत को ही औरत का दुस्मन बनाया है , और हम
मूर्खो ने भी इन जंजीरो को गहना बना सर मे सजाया है।।.....

❣️❣️Part-2❣️❣️फिर प्रेम को महसूस ही कहा किया,फिर तो तुमने प्रेम को ही नही जिया।फिर तुमने गुलाबी आसमान देखा ही कहा,फिर तु...
17/09/2022

❣️❣️Part-2❣️❣️
फिर प्रेम को महसूस ही कहा किया,
फिर तो तुमने प्रेम को ही नही जिया।
फिर तुमने गुलाबी आसमान देखा ही कहा,
फिर तुमने जलते अंगारो को सेका ही कहा‌।।

फिर तुमने किसी के इंतजार मे,
समय को धीमा चलता नही पाया होगा।
फिर तुमने किसी की याद मे,
आँखों से सैलाब नही बहाया होगा।

फिर तुमने किसी की एक झलक पर,
उसकी सौ बार नजर नही उतारी होगी।
फिर तुम किसी से एक बार जीतकर,
उस पर बार-बार दिल नही हारी होगी।।

वो असहनीय दर्द तो तुमने-
महसूस ही नही किया होगा,
जो किसी से जुदा होकर-
सीने मे होता है।

उस खालीपन का तो तुम्हें-
आभास ही नही होगा,
जो किसी के बिना-
जीने मे होता है।।

फिर क्या ही महसूस हुआ होगा तुम्हें,
प्रेम को पा लेने का अहसास ।
वो सर्द हवा,पैरो के नीचे आसमान,
और हर चीज का हो जाना खास ।। 💕💕

💔💔part-1💔💔आज-कल दिल नही टूटते ,बस ब्रेकअप होता है। क्यूँ कीप्यार मे जो जितना हसता है,वो उतना ही रोता है।।कम इनवाल्व होते...
11/09/2022

💔💔part-1💔💔
आज-कल दिल नही टूटते ,
बस ब्रेकअप होता है। क्यूँ की
प्यार मे जो जितना हसता है,
वो उतना ही रोता है।।

कम इनवाल्व होते हो ना
तुम लोग इसीलिए भी प्यार मे ।
क्यूँकी समझदार होते जा रहे है ,
ना अब सब इस संसार मे।

प्यार के लिए भी टिंडर मे,
बैटर आप्सन चुनते हो।
इसीलिए शायद सैड नही ,
तुम ब्रेकअप सौंग सुनते है।

वैसे भी वफादारी महँगी बड़ी है,
स्वयं का समर्पण आसान भी तो नही है।
और आज कल लोग आसान रास्ता चुनते है,
क्यूकी कठिन कामो से दूरी ही सही है।

शाम को टहलते वक्त, जबकानो मे headphone लगाती हू।ख्वाबो से निकाल कर , तुम्हेंअपने पास पाती हूँ ।।लगता है सुर जैसे,तुम छू ...
31/08/2022

शाम को टहलते वक्त, जब
कानो मे headphone लगाती हू।
ख्वाबो से निकाल कर , तुम्हें
अपने पास पाती हूँ ।।

लगता है सुर जैसे,
तुम छू कर गये मुझे ।
और यहा मै सच में ,
मुस्कुराने लग जाती हूँ ।।

लगता है हवा जैसे,
फिर शरारत की तुमने ।
और यहा मै सच मे,
शरमाने लग जाती हूँ ।।

गीत के कुछ बोल , तो
यू लगते है जैसे ।
तुम आँखों मे आँखे डाल कर,
मुझसे कहने आते हो।।

लाख बंदिशे है , कहने को
मिलने पे हमारे।।
पर हर शाम, धुन बनकर
मुझसे मिलने आ जाते हो।। 😍.

एक लम्बी साँस भर के,दिल पल-पल ये कहता है।कि तुझे सीने से लगा कर,तेरी बाहो मे सो जाऊ मै।।पर दिल पर हाथ कर,मै इन साँसो को ...
25/08/2022

एक लम्बी साँस भर के,
दिल पल-पल ये कहता है।
कि तुझे सीने से लगा कर,
तेरी बाहो मे सो जाऊ मै।।

पर दिल पर हाथ कर,
मै इन साँसो को रोक लेती हूँ ।
कि बस थोड़ा और सब्र ,
शायद फिर तुझे पा पाऊ मै।।

मेरी आँखे हर पल, हमारी
शादी के सपने बुनती है।
कभी गहने तो कभी कपड़े
ये मन ही मन मे चुनती है।

मै कितना समझाती हूँ इन्हें,
कि आग का दरिया आधा बाकी है।
ये भीगकर हसती है उसमे,
पर मेरी कहा सुनती है।

मैंने जज्बातो की हर रजाई ,
दिल की बकसिया मे बंद रखी है।
कल तेरे संग आने वाली सर्दिया,
हम उनकी गर्मी मे बिताएगे।

बहुत वक्त गुजर गया,
बाबू तुम्हारे इंतजार मे।
पर उम्मीद अभी भी है,कि
एक दिन हम मिल जाएगे।।.......💕

20/08/2022

आज बरस रहा है,
मानो यूँ बादल ।
जैसे कब से बूँदो को,
छिपाये रखा था ।

सर्द हवा के झोके से,
बिखर गयी जो।
मानो इसी के इंतजार मे,
सजाए रखा था ।

गरज रहा है यूँ मानो,
सदियों की चुप्पी तोड़ी हो।
ताले से बंद बातो की,
बकसिया आज खोली हो।

सुंदर आसमान के चेहरे पर,
घनी जुल्फो जैसा बिखरा है।
हवा के साथ बहता हुआ,
मस्त मगन वो दिख रहा है।

रिमझिम बूँदे बरसा कर ,
उसने धरती को भी बताया है।
बह गया आखिर वो दर्द,
जिसने दिल को बड़ा सताया है।💕

अब वो छन-छन घुघरू छनकाते,मेरी तरफ भागी नही आएगी ।अब वो प्यार से ही सही,मेरा हाथ नही चबाए गी।।अब वो कमरे के बाहर सुबह-सुब...
03/08/2022

अब वो छन-छन घुघरू छनकाते,
मेरी तरफ भागी नही आएगी ।
अब वो प्यार से ही सही,
मेरा हाथ नही चबाए गी।।

अब वो कमरे के बाहर सुबह-सुबह,
म्याऊ-म्याऊ नही चिल्लाएगी।
अब वो काम करते वक्त,
मम्मी को बिल्कुल नहीं सताएगी।।

अब वो कांधे पर नही चढेगी,
ना पास आ कर सो जाएगी ।
ना आगे-पीछे पड़े गी,
ना अचानक से गुम हो जाएगी ।।

हमारी छोटी सी बिल्ली मौसी को,
उसका नया बसेरा मिल गया है।
खुशी से चमक रही होगी वहा,
उसे नया सवेरा मिल गया है।।...🐈

Address

Banda

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when PRachu ki poetry posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to PRachu ki poetry:

Share

Category