16/07/2026
जिस भाई ने यह तस्वीर ली थी,
वो कहता है कि सफेदी मेरे बालों में उतर आई है, और ज़िंदगी के कई साल गुजर चुके हैं,
लेकिन मेरी माँ आज भी वैसी ही है जैसी वो पहले थी। जब मैं घर से निकलता हूँ तो वो बालकनी में खड़ी होती है और मुझे तब तक देखती रहती है, जब तक मैं गली के आख़िर में नज़र से ओझल नहीं हो जाता… और उसकी दुआएँ मेरे कानों में गूंजती रहती हैं।
बेशक माँ अनमोल है।❤️💐