Ainy

Ainy Life is a School we learn from each & every thing all that happens around. Nature has its significant role in learning to prosper & acquire inner peace.

With Ravish Kumar Journalist  – I'm on a streak! I've been a top fan for 5 months in a row. 🎉One of the few honest & Tru...
03/03/2026

With Ravish Kumar Journalist – I'm on a streak! I've been a top fan for 5 months in a row. 🎉

One of the few honest & Trustable journalists Ravish Kumar is always my favourite.

30/11/2025

गया नवम्बर आ गया दिसम्बर ...
यानी, एक और साल ख़त्म होने की तरफ़ बढ़ता हुआ।
ख़ुदा करे , जाता हुआ साल सुकून ओ अमन के साथ रुख़्सत हो , और आने वाला नया साल सबकी ज़िन्दगी में ढ़ेर सारी खुशियां लाए और मुल्क में अमन चैन क़ायम रहें।
आमीन!

28/10/2025

ये कागा महाराज दिन भर मे रोज़ाना 5-6 बार आकर पहले इसी तरह से अपनी भाषा में मनुहार गान करते हैं , कुछ बातें करते हैं मुझसे ..फिर वहां रखा खाना खाकर और थोड़ा सा अपनी चोंच में दबाकर ले जाते हैं अपने बच्चों के लिए भी।

"कभी आबाद था ये पनघट, अब कोई नज़र नहीं आतागागरों में ज़िन्दगी भर लेने को कभी, यहाँ पूरा गांव था आता यहीं पर दहक़ान अपने ...
13/08/2025

"कभी आबाद था ये पनघट, अब कोई नज़र नहीं आता
गागरों में ज़िन्दगी भर लेने को कभी, यहाँ पूरा गांव था आता
यहीं पर दहक़ान अपने बैलों को पानी पिलाता था
उसी पानी से सींचे अपने खेतों में , वो अनाज उगाता था
यहाँ मिलते थे सुब्ह-ओ-शाम अलगू राम और जुम्मन
गलबहियाँ किये बतियाती थीं यहां, शबनम के संग राधा !
यहीं हर ख़ास-ओ-आम बातें, आशिक-माशूक़ा की मुलाक़ातें
छुप-छुप कर यहाँ मिलना, और यहीं पर फिर मिलने का वादा !
वो शादी और बारातें, कुआँ पूजन की सब रस्मातें
यहीं पर मीठे पानी के क़तरों से , हर कोई फ़ैज़ था पाता
कोई राहगीर ओ परदेसी गुज़रता जो यहां से, थका हारा
यहीं ठंडी जगत पर बैठकर वो कुछ पल को सुस्ताता
ख़ुदा जाने नज़र किसकी लगी, इस भरी पूरी सी बस्ती पर
फ़क़त वीरानियां बाक़ी है अब और यहाँ पसरा है सन्नाटा !!...'ऐनी '

10/08/2025

ये बज़्म आपकी है!

"ये बज़्म आपकी है, यहां आइये हुज़ूर
लेकिन शर्त ये है कि, मुस्कुराइए ज़रुर,

इस बज़्म की अदा है, हंसते हैं सब यहां
अपना ग़म भुलाकर, सबको हंसाइये ज़रूर

वो ज़िन्दगी के मसअले वो रात दिन के ग़म
घर रख के आइयेगा, यहां न लाइये हुज़ूर

क्या दे सके हैं दुनिया को, ज़रा ग़ौर कीजिए
कुछ न सही दे दीजे उधार थोड़ी ख़ुशी हुज़ूर

फ़िर देखिए जो वो चैन से रहता है दो घड़ी,
देकर भूल जाइए, फिर मत मांगिए हुज़ूर।

देने में आप पाएंगे जहां भर की लज़्ज़तें
सिर्फ एक बार ही सही इसे पाइये ज़रूर !!...'ऐनी'

Address

Bangalore

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ainy posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share