24/12/2025
शहर ए लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ यूं तो अनगिनत बार आया हूँ। कई बार व्यक्तिगत आना हुआ और कई बार व्यापार हेतु मगर जब जब लखनऊ आया हूँ तब तब एक नया एहसास लेकर वापस लौटा हूँ।
मगर इस बार का लखनऊ आना मुझे ता जिंदगी याद रहेगा कुछ ऐसे दोस्त कुछ ऐसे अपने कुछ ऐसे भाई मिल्क के जिससे मिलने के बाद बिल्कुल ऐसा महसूस नहीं हुआ कि हमारी पहली मुलाकात है बल्कि ऐसा महसूस हो रहा था कि बहुत पुराना कोई ब्लड रिलेशन है जो अपनापन आज हमको लखनऊ से मिला है उससे आज हमारी मोहब्बतें शहर ए लखनऊ से और भी ज़्यादा बढ़ गई है
ऐसे लोग भी मिले जिनसे मुलाक़ात के बाद लगा कि तहज़ीब का शहर लखनऊ यूं ही नहीं है बल्कि ऐसे लोगों की सालों साल की काबिशों का नतीजा है।
हिंदुस्तान के यूं तो तमाम शहर अपने पैरों पर नाप लिए लेकिन जो शहर लखनऊ में बात है वो कहीं नज़र नहीं आती यहां आने के बाद वापस जाने का दिल ही नहीं करता है!
लखनऊ आकर कभी ये एहसास नहीं हुआ कि मैं अपने घर से दूर हूँ बल्कि हमेशा अपना पन मोहब्बतें लखनऊ से मिलती रही हैं वाकई में लखनऊ बहुत शानदार शहर है और लखनऊ के लोग अदब नवाज़ लोग हैं उर्दू ज़बान का जो यहां इस्तमाल होता है वो लखनऊ में चार चांद लगा देता है। खाने में जो ज़ायका लखनऊ में आता है वो हिंदुस्तान के दीगर जगह बहुत कम नज़र आता है बहुत ही मज़ेदार और लज़ीज़ खाना यहां मिलता है। और भी बहुत सारी खूबियों का मालिक है लखनऊ अभी इतना ही फिर कभी वो सब लिखूंगा जिसके लिए जाना पहचाना जाता है लखनऊ
माशा अल्लाह बहुत अच्छा लगा लखनऊ
ज़ाकिर नूर तहसीनी ✍️