26/02/2026
भारत में 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स के नियमों में एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। सरकार 1961 के पुराने इनकम टैक्स एक्ट को बदलकर नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू कर रही है।
पैन (PAN) कार्ड से जुड़े प्रमुख बदलाव नीचे दिए गए हैं:
1. पैन कार्ड की अनिवार्यता में राहत (Higher Thresholds)
नए नियमों के अनुसार, अब छोटे लेनदेन के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार ने इसकी सीमा (limit) बढ़ा दी है:
* कैश ट्रांजेक्शन: अब साल भर में ₹10 लाख तक के कैश जमा या निकासी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा।
* गाड़ी की खरीद: ₹5 लाख तक की कार या बाइक खरीदने के लिए अब पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी।
* प्रॉपर्टी डील: ₹20 लाख तक की प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने पर पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म की जा सकती है।
* होटल बिल: होटल, रेस्टोरेंट या किसी फंक्शन में ₹1 लाख तक के खर्च पर पैन कार्ड नहीं देना होगा।
2. इंश्योरेंस के लिए पैन अनिवार्य
जहाँ एक तरफ राहत मिली है, वहीं सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना अब बिना पैन के मुमकिन नहीं होगा। पहले यह सिर्फ बड़े प्रीमियम पर जरूरी था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से हर पॉलिसी के लिए पैन देना होगा।
3. क्रेडिट कार्ड और पैन लिंकिंग
क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों को और सख्त किया जा रहा है। अब आपके क्रेडिट कार्ड के बड़े लेनदेन (विशेषकर ₹10 लाख से अधिक के बिल) सीधे आपके पैन रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। इससे आयकर विभाग को खर्चों की निगरानी करने में आसानी होगी।
4. पैन-आधार लिंकिंग और 'इनऑपरेटिव' पैन
अगर आपने अपना पैन आधार से लिंक नहीं किया है, तो 2026 में सख्ती और बढ़ जाएगी।
* बिना लिंकिंग वाले पैन कार्ड 'Inoperative' (निष्क्रिय) माने जाएंगे।
* निष्क्रिय पैन होने पर आप न तो टैक्स रिफंड क्लेम कर पाएंगे और न ही ITR भर पाएंगे। साथ ही, आपका TDS/TCS भी अधिक दर से कटेगा।
5. फॉर्म के नंबर बदल जाएंगे
पैन कार्ड से जुड़े कुछ पुराने फॉर्म्स के नाम और नंबर बदल दिए जाएंगे। उदाहरण के लिए:
* Form 16 (सैलरी टीडीएस) अब Form 130 के नाम से जाना जाएगा।
* Form 26AS (टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट) का नया नाम Form 168 होगा।