02/12/2025
एक बार बाल हनुमान को बहुत तेज़ भूख लगी। उन्होंने आकाश में चमकते सूर्य को फल समझ लिया और उसे पकड़ने उड़ चले। देवराज इंद्र ने उन्हें रोकने के लिए वज्र से प्रहार किया। हनुमान मूर्छित हो गए। यह देख पवन देव क्रोधित होकर वायु को रोक लिया, जिससे सारा संसार संकट में आ गया। तब सभी देवताओं ने मिलकर हनुमान से क्षमा मांगी और उन्हें अनेक वरदान दिए—अमरता, अपार बल, बुद्धि और निर्भयता।
यही वरदान आगे चलकर श्रीराम की सेवा में काम आए। लंका में सीता माता की खोज हो या संजीवनी बूटी लाना—हनुमान जी ने हर कठिन कार्य को संभव कर दिखाया। इसलिए उन्हें भक्ति, शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है।
अगर चाहें तो मैं इससे भी प्रेरणादायक कोई और कथा या बच्चों के लिए सरल संस्करण भी लिख सकता हूँ। 🙏 जै वीर हनुमान ❤️