08/09/2026
*प्रेस विज्ञप्ति*
*62 वर्षों की साधना के बाद गांव-गांव तक पहुंचेगा हिन्दू संगठन का तंत्र, लाखों कार्यकर्ताओं के निर्माण का संकल्प — मिलिंद परांडे*
पटना, 8 सितंबर 2026। विश्व हिन्दू परिषद के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज चेंबर ऑफ कॉमर्स, पटना में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित पूज्य संतों का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। इसके उपरांत विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री माननीय श्री मिलिंद परांडे जी ने कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित समाजजनों को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में श्री मिलिंद परांडे जी ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद ने 62 वर्षों की यात्रा में जो भी कार्य किया है, उसके पीछे संत शक्ति और हिन्दू समाज का सहयोग रहा है। परिषद किसी एक व्यक्ति या संगठन का कार्य नहीं, बल्कि संपूर्ण हिन्दू समाज के जागरण, संगठन और सेवा का अभियान है।
उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में पूज्य संतों एवं मनीषियों के मार्गदर्शन में हिन्दू समाज को संगठित करने, हिन्दू जीवन-मूल्यों एवं मानबिंदुओं की पुनर्प्रतिष्ठा करने तथा विश्व कल्याण की भावना के साथ अजेय हिन्दू शक्ति खड़ी करने के संकल्प के साथ हुई थी। परिषद की स्थापना यात्रा के पीछे पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी महाराज, पूज्य श्रीगुरुजी और अनेक संत-मनीषियों की प्रेरणा रही है।
उन्होंने कहा कि परिषद की यात्रा केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं रही। 1966 के प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन से लेकर उडुपी के ऐतिहासिक सामाजिक समरसता प्रस्ताव, सेवा कार्यों, धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण, गोरक्षा, एकात्मता यात्रा और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन तक परिषद ने हिन्दू समाज के सम्मान और एकता के प्रत्येक संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री परांडे ने कहा कि उडुपी में पूज्य संतों ने स्पष्ट संदेश दिया था कि छुआछूत शास्त्रसम्मत नहीं है। जन्म के आधार पर कोई बड़ा या छोटा नहीं है। हम सभी भारत माता की संतान और सहोदर हैं। हिन्दू समाज को समरस, सशक्त और संगठित बनाना परिषद के मूल कार्यों में रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के गिरिवासी, वनवासी एवं अभावग्रस्त क्षेत्रों में परिषद द्वारा हजारों सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। शिक्षा, चिकित्सा, छात्रावास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य निरंतर चल रहे हैं। आज परिषद देश के आधे से अधिक भाग में अपने संगठनात्मक तंत्र के साथ पहुंच चुकी है और आगामी दो वर्षों में देश के प्रत्येक जिले तक संगठन को पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है और प्रलोभन, छल अथवा दबाव के माध्यम से किसी का धर्म परिवर्तन करना गैरकानूनी है। ऐसे षड्यंत्रों के विरुद्ध विश्व हिन्दू परिषद निरंतर जनजागरण और सामाजिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वनवासी क्षेत्रों में सेवा एवं शिक्षा के माध्यम से समाज को मजबूत करने का कार्य परिषद लगातार कर रही है तथा बड़ी संख्या में बिछड़े हुए हिन्दू बंधुओं की पुनः अपने मूल समाज में वापसी हुई है।
उन्होंने कहा कि गोरक्षा भी परिषद के प्रमुख कार्यों में रही है। देशी गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और गो आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए परिषद का गोरक्षा विभाग लगातार कार्य कर रहा है। मठ-मंदिर, अर्चक-पुरोहित, तीर्थ, संस्कृत तथा हिन्दू धार्मिक परंपराओं की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए भी परिषद निरंतर प्रयासरत है।
श्री परांडे ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन हिन्दू अस्मिता के जागरण का ऐतिहासिक परिणाम है। पूज्य संतों के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ यह संघर्ष आगे चलकर विश्व के सबसे बड़े जनआंदोलनों में शामिल हुआ और आज अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हिन्दू समाज के संकल्प की सिद्धि का प्रतीक है।
उन्होंने वर्तमान चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज हिन्दू समाज के सामने अनेक गंभीर चुनौतियां हैं। जनसंख्या असंतुलन, घटती जन्मदर, परिवारों में बढ़ती टूटन, संस्कारों का क्षरण, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, धर्मांतरण, लव जिहाद, जेहादी हिंसा और सामाजिक विघटन जैसी चुनौतियों के प्रति समाज को सजग रहना होगा।
उन्होंने कहा कि आज युवाओं को नशे से दूर करने और समाज में संस्कारों का वातावरण बनाने के लिए परिषद के माध्यम से अनेक अभियान एवं कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हर हिन्दू परिवार को अपने बच्चों के संस्कार और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मजबूत परिवार और संस्कारित युवा ही मजबूत समाज की आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा भी आज बड़ी सामाजिक चुनौती है। लव जिहाद जैसी घटनाओं के प्रति समाज को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। बजरंग दल सहित परिषद के विभिन्न आयाम इस दिशा में लगातार जनजागरण का कार्य कर रहे हैं।
श्री परांडे ने कहा कि आज का कार्य केवल विश्व हिन्दू परिषद का कार्य नहीं है, बल्कि संपूर्ण हिन्दू समाज का दायित्व है। हिन्दू संगठन का उद्देश्य किसी एक वर्ग के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के कल्याण और संरक्षण की भारतीय चिंतन परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य है।
उन्होंने कहा कि विश्व में उसी विचार और समाज का सम्मान होता है जिसके पास सामर्थ्य, ऐश्वर्य, संगठन और आत्मविश्वास होता है। यदि हिन्दू चिंतन को विश्व में पुनः सिरमौर बनाना है तो हिन्दू समाज को संगठित, सशक्त, समरस, यशस्वी और ऐश्वर्य-संपन्न बनाना होगा। हर हिन्दू का उत्थान और हर हिन्दू की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना भारत विश्व में हिन्दू हित चिंतन का नेतृत्व नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने विश्व कल्याण की जो जिम्मेदारी निभाई, आज वही जिम्मेदारी हमारी पीढ़ी की भी है। इसलिए हमें समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। परिषद ने आने वाले समय में लाखों कार्यकर्ताओं के निर्माण तथा गांव-गांव तक संगठन का तंत्र खड़ा करने का संकल्प लिया है।
उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हिन्दू समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस कार्य से जुड़ना चाहिए। यह किसी एक संगठन का नहीं, हम सबका कार्य है।
उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य है—संगठित, आग्रहशील, सक्रिय, जागरूक, श्रद्धावान और सामर्थ्यवान हिन्दू समाज। ध्येयनिष्ठा, निरंतर परिश्रम और प्रभु श्रीराम की कृपा के साथ हम अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय न्यासी पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह जी, केंद्र के विशेष संपर्क प्रमुख माननीय अंबरीष जी, दक्षिण बिहार प्रांत के अध्यक्ष श्री आदित्य जालान जी, बिहार-झारखंड क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री विजय प्रताप जी, बजरंग दल के क्षेत्र संयोजक श्री जन्मेजय जी, दक्षिण बिहार प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री अरविन्द जी, प्रांत मंत्री श्री संतोष शिसोदिया जी, सह मंत्री अधिवक्ता रजनीश जी एवं श्री विकास जी, बजरंग दल दक्षिण बिहार प्रांत के प्रांत सहसंयोजक अभिषेक राजा जी , संत जगतगुरु दामोदर प्रपन्ना जी महाराज , छोटी पटन देवी के महंत विवेक मुनि जी, समाज सेवी गीता जैन जी सहित बड़ी संख्या में संत, कार्यकर्ता, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
Vishva Hindu Parishad -VHP #विश्व_हिंदू_परिषद
#बजरंगदल