06/02/2026
*राहुल गांधी की कॉम्प्रोमाइज्ड PM वाली बात 100 परसेंट सही.........मोदी ने किस डर से किया अमेरिका की शर्तों पर ट्रेड डील ?*
आजाद हिंदुस्तान के 78 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब भारत की सरकार अमेरिका से चल रही हो। भारत को क्या करना चाहिए, क्या नहीं, ये भारत का प्रधानमंत्री नहीं, अमेरिका का राष्ट्रपति ट्रंप तय कर रहा है।
👉पाकिस्तान से सीजफायर की घोषणा पहले अमेरिका ने की, मोदी ने बाद में
👉भारत से ट्रेड डील हो चुकी है, इसकी घोषणा भी भारत से पहले ट्रंप ने कर दी
👉इसी तरह भारत किन देशों से रिश्ता रखेगा, भारत कहां से तेल खरीदेगा, भारत किस देश में परियोजना शुरू करे या नहीं, ये सब भी अमेरिका तय कर रहा है।
➡️आखिर मोदी की ऐसी कौन सी नस दब गई है, जिसकी वजह से उन्होंने अमेरिका की गुलामी स्वीकार कर ली है, कुछ तो है बड़ी वजह..
👉🏿*क्या अमेरिका और ट्रंप के पास मोदी की अय्याशियां करते हुए वीडियो या रंगीन सीडी तो नहीं है ??*
सरकार भले मना कर रही है, मगर कुछ न कुछ तो ऐसा है। वर्ना मोदी को अमेरिका की हर बात मानने पर मजबूर क्यों होना पड़ता भाई
इसके पहले ट्रंप हर रोज हिंदुस्तान को अंट-शंट बक रहा था और मोदी किसी बिल में दुबक कर बैठा था।
आखिर, किस बात का डर था.....अगर देश की इज्जत तुमसे नहीं संभल रही तो प्रधानमंत्री से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते ?
राहुल गांधी ने अगर मोदी को कंप्रोमाइज्ड PM कहा तो क्या गलत कहा भाई..... अगर 56 इंची शेर बनते हो तो ट्रंप के सामने पैंट क्यों गीली हो जा रही है..
आप खुद सोचिए कि-
🔹ट्रम्प ने सैकड़ों बार कहा मैंने सीजफायर करवाया - मोदी चुप
🔹ट्रम्प ने भारत से युद्ध के बीच पाकिस्तान को हजारों करोड़ की मदद दिलाई–मोदी चुप
🔹ट्रम्प ने बिना भारत सरकार से बातचीत किए दुनिया के सामने सीजफायर का ऐलान किया – मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने पाकिस्तान के जल्लाद असीम मुनीर को दावत पर बुलाया - मोदी चुप
🔹 ट्रम्प लगातार आतंकी पाकिस्तान को हमारे बराबर खड़ा कर रहे हैं - मोदी चुप
🔹 ट्रंप आतंकी पाकिस्तान को ब्लैक इकोनॉमी(क्रिप्टो) का सेंटर बना रहा है– मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ ठोका - मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने खुलेआम भारत को फ्रॉड कहा - मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने BRICS को लेकर भारत को हड़काया - मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने हमारे लोगों को हथकड़ियाँ में खदेड़ा - मोदी चुप
🔹 ट्रंप ने भारतीय स्टूडेंट्स को रोकने की कोशिश की–मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने H 1 वीजा के जरिए लाखों भर्तियों की नागरिकता छीने की कोशिश की– मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने एप्पल को भारत में फोन बनाने से मना किया – मोदी चुप
🔹 ट्रम्प ने अमेरिकी कंपनियों से इंडियंस को नौकरी देने से मना किया– मोदी चुप
और अब अमेरिका की शर्तों पर भारत ने ट्रेड डील कर लिया।
अमेरिका के सामने इस तरह से सरेंडर करने के पीछे कुछ तो बड़ा मामला है भाई, वर्ना भारत जवाब दे सकता था....!!
आप खुद ही सोचिए कि आखिर किस कारण मोदी अमेरिका के हाथों में नाच रहे हैं, एक भी डिसीजन अपने मन से नहीं ले पा रहे हैं…!
ये देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का मामला है, सोचना जरूर भाई!!
जय हिंद🇮🇳🇮🇳