Md azam

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06/02/2026

जब बात रूहानी वाकयों और अल्लाह की कुदरत की हो, तो हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और खिज़र (अलैहिस्सलाम) का वाकया सबसे अनोखा और सबक सिखाने वाला है। यह वाकया हमें सिखाता है कि जो हमें अपनी आँखों से "बुरा" या "गलत" दिखता है, उसके पीछे भी अल्लाह की कोई न कोई बड़ी हिकमत (Hidden Wisdom) छुपी होती है।

सब्र और अल्लाह की हिकमत: हज़रत मूसा और खिज़र का वाकया
एक बार हज़रत मूसा (अ.) के मन में यह ख्याल आया कि शायद इस दुनिया में उनसे बड़ा ज्ञानी (आलिम) कोई नहीं है। तब अल्लाह ने उनसे फरमाया— "ऐ मूसा! दो समंदरों के मिलन की जगह पर मेरा एक बंदा है (हज़रत खिज़र), जिसके पास वह इल्म (ज्ञान) है जो तुम्हारे पास नहीं है।"
हज़रत मूसा (अ.) उनसे मिलने निकल पड़े। जब मुलाकात हुई, तो हज़रत खिज़र ने एक शर्त रखी: "तुम मेरे साथ रह सकते हो, लेकिन मेरे किसी भी काम पर सवाल नहीं उठाओगे, जब तक मैं खुद न बताऊँ।"
सफर के तीन अजीब वाकये:
* कश्ती में छेद करना: वे एक नाव (कश्ती) में सवार हुए। हज़रत खिज़र ने उस नाव में एक बड़ा छेद कर दिया। मूसा (अ.) हैरान रह गए और बोल पड़े— "अरे! आपने तो नाव तोड़ दी, सब डूब जाएँगे!" खिज़र ने याद दिलाया— "क्या मैंने नहीं कहा था कि तुम सब्र नहीं कर पाओगे?"
* एक लड़के की मौत: आगे चलकर खिज़र ने एक छोटे लड़के की जान ले ली। मूसा (अ.) तड़प उठे— "यह आपने क्या किया? एक मासूम की जान ले ली!" खिज़र ने फिर वही कहा— "सब्र कीजिए!"
* दीवार की मरम्मत: वे एक बस्ती में पहुँचे जहाँ के लोग बहुत कंजूस थे, उन्होंने मुसाफ़िरों को खाना तक नहीं दिया। वहाँ एक दीवार गिरने वाली थी। खिज़र ने बिना पैसे लिए मेहनत करके उस दीवार को खड़ा कर दिया। मूसा (अ.) बोले— "इन लोगों ने तो हमारे साथ बुरा सलूक किया, आप इनसे मज़दूरी ले सकते थे।"
पर्दे के पीछे का "मीठा" राज़ (हिकमत):
सफर खत्म होने पर हज़रत खिज़र ने राज़ खोले:
* नाव (कश्ती): आगे एक ज़ालिम राजा था जो हर अच्छी नाव छीन लेता था। मैंने नाव में छेद इसलिए किया ताकि राजा उसे बेकार समझकर छोड़ दे और गरीब मछुआरों की रोज़ी बची रहे।
* लड़का: वह बड़ा होकर अपने नेक माँ-बाप के लिए बहुत बड़ी आफत (मुसीबत) बनने वाला था। अल्लाह उसे उनसे बेहतर औलाद देगा।
* दीवार: उस दीवार के नीचे दो अनाथ बच्चों का खज़ाना छुपा था। उनके पिता बहुत नेक थे। दीवार बना दी गई ताकि बच्चे जब बड़े हों, तो अपना हक पा सकें।
इस वाकये की "मिठास" और सबक:
* सब्र (Patience): कभी-कभी हमारी ज़िंदगी में ऐसी चीज़ें होती हैं जो हमें बुरी लगती हैं (जैसे नौकरी जाना, नुकसान होना), लेकिन हकीकत में अल्लाह उनमें हमारे लिए खैर (भलाई) छुपाए रखता है।
* इल्म की विनम्रता: इंसान कितना भी जान ले, वह सब कुछ नहीं जान सकता। असली ज्ञान अल्लाह के पास है।
> कुरान का पैगाम: "हो सकता है तुम किसी चीज़ को नापसंद करो और वही तुम्हारे लिए बेहतर हो।"..........
* हज़रत मूसा और खिज़र (अलैहिमुस्सलाम) का वाकया:
* कुरान: सूरह अल-कहफ़ (Surah Al-Kahf), आयत नंबर 60 से 82 तक।
* हदीस: सहीह बुखारी, हदीस नंबर 122 (जहाँ इसकी तफ्सील दी गई है)। .

👉 मुस्लिम समाज, लड़कियाँ और OYO — सख़्त सच जिसे अनदेखा किया जा रहा हैजिस बाप को बेटी की बेहयाई पर शर्म न आए,जिस भाई को ब...
30/01/2026

👉 मुस्लिम समाज, लड़कियाँ और OYO — सख़्त सच जिसे अनदेखा किया जा रहा है
जिस बाप को बेटी की बेहयाई पर शर्म न आए,
जिस भाई को बहन की बेपर्दगी पर ग़ुस्सा न आए,
जिस शौहर को बीवी के गैर-मर्दों के सामने सजने पर एतराज़ न हो,
जिस माँ को बेटी की “आज़ादी” में उसकी इज़्ज़त डूबती न दिखे,
जिस घर में तालीम से ज़्यादा मोबाइल की छूट दी जाए,
जिस समाज में गुनाह को ट्रेंड और बेहयाई को नॉर्मल कहा जाए,
जिस दौर में OYO जैसे कमरों को प्यार का ठिकाना बना दिया जाए,
वहाँ फिर चरित्र पर सवाल उठना ज़ुल्म नहीं बल्कि नतीजा होता है।
जिस लड़की को एक रात का झूठा वादा अपनी पहचान से बड़ा लगने लगे,
जिसे ये भरोसा दिलाया जाए कि चार दीवारें सब छुपा लेती हैं,
जिसे ये सिखाया जाए कि गुनाह तब तक गुनाह नहीं जब तक पकड़ा न जाए,
जो ये भूल जाए कि अल्लाह की निगाह कैमरों से पहले पहुँचती है,
वो किसी की आज़ादी नहीं बल्कि किसी की नादानी होती है।
जिस लड़के की नीयत में निकाह नहीं बल्कि नफ़्स होता है,
जो प्यार के नाम पर कमरे बुक करता है,
जो इज़्ज़त के बदले टाइमपास चाहता है,
जो सुबह बहाना और रात में दुआ का ड्रामा करता है,
वो मर्द नहीं होता,
वो कायर होता है।
जिस समाज में लड़कों की ग़लती को “जवानी” कहकर टाल दिया जाए,
और लड़कियों की एक ठोकर को ज़िंदगी भर का तमगा बना दिया जाए,
जो सुधार से पहले बदनामी का तमाशा देखना चाहे,
जो गुनाह से ज़्यादा गुनाह उजागर होने से डरे,
वो समाज खुद अपने हाथों से अपनी नस्ल खराब करता है।
ये पोस्ट नसीहत नहीं बल्कि चेतावनी है,
ये पोस्ट नरमी नहीं बल्कि आख़िरी हद है,
क्योंकि इज़्ज़त एक बार टूट जाए,
तो उसे जोड़ने के लिए पोस्ट नहीं,
हैशटैग नहीं,
और सफ़ाई नहीं,
सिर्फ़ तौबा और वक़्त चाहिए,
जो हर किसी को दोबारा नहीं मिलता।
जो आज OYO को मामूली समझ रहे हैं,
कल वही अपने घर की बात पर आग बबूला होंगे,
क्योंकि जिस आग से आज खेल रहे हो,
कल वही आग दरवाज़े तक पहुँचेगी।
अब भी वक़्त है,
अब भी रुक जाओ,
अब भी समझ जाओ,
क्योंकि अल्लाह माफ़ करता है,
लेकिन समाज निशान याद रखता है।









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Btao kitne kabutar h comment Box
29/01/2026

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मुसलमान कभी रमजान में शराब के ठेके बंद करने की डिमांड नहीं करता पता है क्यों उसको अपने अकीदे ओर ईमान पर भरोसा होता हैं
23/01/2026

मुसलमान कभी रमजान में शराब के ठेके बंद करने की डिमांड नहीं करता पता है क्यों उसको अपने अकीदे ओर ईमान पर भरोसा होता हैं

Hum welder h sahab yahi hmari duniya h .
27/12/2025

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Bahut bahut mubarak ho dil s 🤲🤝⭐👍❤️🇮🇳❤️🇮🇳❤️🇮🇳❤️🤲🤲🤲.
27/12/2025

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अब्दुल 60 हज़ार करोड़ की कंपनी भी खड़ी करता है।🙃दर्जी से अरबपति तक का सफ़र—इरफ़ान रज़ाक की प्रेरक कहानीदर्जी के रूप में ...
27/12/2025

अब्दुल 60 हज़ार करोड़ की कंपनी भी खड़ी करता है।🙃
दर्जी से अरबपति तक का सफ़र—इरफ़ान रज़ाक की प्रेरक कहानी
दर्जी के रूप में काम शुरू करने वाले इरफ़ान रज़ाक आज भारत की तीसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी प्रेस्टीज ग्रुप के मालिक हैं। लगभग 60 हज़ार करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी करना आसान नहीं था—यह मेहनत, धैर्य और दूरदृष्टि का नतीजा है।
उनकी कहानी बताती है कि हालात चाहे जैसे हों, अगर हौसला मज़बूत हो तो मुक़ाम हासिल किया जा सकता है।

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kayiwolf786 . kayiwolf786

27/12/2025

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हुनर सिखाने में देरी ना करो, दर्जी 2, 2, साल बच्चे से काज,बटन करवाता है ,मोटर साईकल मकैनिक 3_3 साल तक सिर्फ पहिया खोलने ...
18/12/2025

हुनर सिखाने में देरी ना करो, दर्जी 2, 2, साल बच्चे से काज,बटन करवाता है ,मोटर साईकल मकैनिक 3_3 साल तक सिर्फ पहिया खोलने पर लगाये रखता है ,!
नाई की दुकान पर भी बस झाड़ू लगवाते है और तोलिये धुलवाते है।
ये गरीब घर के बच्चे होते हैं मां रोजाना उन्हें रोटी देकर भेजती है कि मेरा बच्चा काम सीख रहा है, जल्द कारीगर बन जायेगा ,लेकिन उन्हें ,6-6 साल तक हुनर नहीं देते ,
ऐसे लोगों को 6 माह में हुनर सिखा कर रोजी कमाने के काबिल कर दो,,, अर्श का रब तुम पर बड़ी रहमते नाजिल करेगा | .

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#अली

रूस-यूक्रेन युद्ध में एक भारतीय नागरिक लड़ते हुए मारा गया है पिता का कहना है, "बेटा पढ़ने गया था, लड़ने नहीं लेकिन उसे ब...
18/12/2025

रूस-यूक्रेन युद्ध में एक भारतीय नागरिक लड़ते हुए मारा गया है पिता का कहना है, "बेटा पढ़ने गया था, लड़ने नहीं लेकिन उसे बंदूक थमा दी गई" 😢
अभी कुछ दिन पहले पुतिन जी दस लाख रोज़गार देकर हए हैं इंडिया में🤝 🇷🇺 🇺🇦

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