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07/02/2026

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23/11/2025

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16/11/2025

Rakesh Yadav Harendra Yadav Chandrama Kumar

07/11/2025

R J D 💚

मेरे पास कमीनो की फ़ौज है, तभी तो ज़िन्दगी में मौज है। 🫵💪
25/10/2025

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मेहनत बोलती है तो दुनिया सुनती है 🎤क्योंकि सफलता शोर नहीं, असर छोड़ती है 💥👑।
21/10/2025

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14/10/2025

My best friend ka super video 📷

Dosti ke sath ❣️Vishwakarma puja ke din ka photo  kaisa laga 🥰🥰
11/10/2025

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ज़रूर 😊 यहाँ एक दिल को छू लेने वाली हिंदी कहानी है, जिसका शीर्षक है — “परदेश की मिट्टी”परदेश की मिट्टीसुनिल गाँव का एक स...
10/10/2025

ज़रूर 😊 यहाँ एक दिल को छू लेने वाली हिंदी कहानी है, जिसका शीर्षक है — “परदेश की मिट्टी”

परदेश की मिट्टी
सुनिल गाँव का एक साधारण लड़का था। उसके पिता किसान थे, और माँ घर संभालती थीं। बचपन से ही सुनिल का सपना था कि वह कुछ बड़ा करे, ताकि उसके माँ-बाप को कभी किसी चीज़ की कमी न हो।

सालों की मेहनत के बाद, आखिरकार उसे विदेश में नौकरी मिल गई — “दुबई” में। पूरे गाँव में ख़ुशी की लहर दौड़ गई। जाने से पहले माँ ने उसके हाथ में एक छोटी सी डिब्बी दी और कहा —
“इसमें तेरे देश की मिट्टी है बेटा, जहाँ भी रहना, इसे साथ रखना… ताकि तू कभी अपने घर को भूल न जाए।”

सुनिल ने हँसते हुए कहा — “माँ, मैं कैसे भूल सकता हूँ अपना घर!”

दुबई पहुँचकर सब कुछ नया था — ऊँची-ऊँची इमारतें, चमचमाती गाड़ियाँ, ए.सी. दफ़्तर, और हर जगह भागती ज़िंदगी। शुरू में सुनिल को लगा, यही तो सपनों की दुनिया है! लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, उसे एहसास हुआ कि वहाँ सपने तो हैं, लेकिन अपनापन नहीं।

रातों में जब सब सो जाते, तो वह अपनी माँ की दी हुई मिट्टी की डिब्बी खोलता। उस मिट्टी की खुशबू में उसे अपना गाँव, खेत, और माँ की रोटी की महक महसूस होती।

वक़्त बीता, पैसे तो बहुत कमा लिए उसने, पर हर त्योहार, हर होली-दिवाली पर उसके दिल में एक खालीपन रहता था।

कई सालों बाद जब वह वापस गाँव लौटा, तो बूढ़े पिता ने उसे देखा और आँखों में आँसू भर आए। माँ की मिट्टी अब उसके आँसुओं से गीली हो गई थी।

सुनिल ने झुककर उस मिट्टी को माथे से लगाया और बोला —
“माँ, अब मैं यहीं रहूँगा…
क्योंकि परदेश सोने का हो सकता है,
पर अपने देश की मिट्टी, दिल का सुकून देती है।”

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