30/05/2026
राजस्थानी मोट्यार परिषद ने विधायक संजीव बेनीवाल को सौंपा ज्ञापन, महाविद्यालय में राजस्थानी विषय शुरू करने सहित कई मांगें उठाईं
भादरा।
शनिवार 30 मई
राजस्थानी भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं शैक्षणिक विकास को लेकर राजस्थानी मोट्यार परिषद, भादरा के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सुरेंद्र सहारण राजस्थानी के नेतृत्व में स्थानीय विधायक संजीव बेनीवाल को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने राजस्थानी भाषा को शिक्षा एवं प्रशासन में उचित स्थान दिलाने तथा विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से राजकीय महाविद्यालय भादरा में स्नातक स्तर पर राजस्थानी साहित्य विषय प्रारंभ करने की मांग उठाई गई। परिषद ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11 एवं 12 में राजस्थानी साहित्य का अध्ययन करने के बाद महाविद्यालय स्तर पर विषय उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उन्हें या तो विषय बदलना पड़ता है अथवा निजी महाविद्यालयों में अध्ययन करना पड़ता है।
परिषद ने विधायक को दिए ज्ञापन में राजस्थानी भाषा को प्रदेश के सभी विद्यालयों में अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने, रीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में राजस्थानी भाषा को उचित स्थान देने, राजस्थान की राजभाषा घोषित करने हेतु आवश्यक संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए प्रभावी पहल करने की भी मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि नई शिक्षा नीति मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है। ऐसे में राजस्थानी भाषा के अध्ययन एवं अध्यापन को मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा स्तर पर विषय का संचालन आवश्यक है। राजस्थानी भाषा केवल एक बोली नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और जनभावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है।
विधायक संजीव बेनीवाल ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित स्तर पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर दिलीप सिंह बलौदा, अजय बेनीवाल, वेद प्रकाश नेहरा, रोहित कुमार,उम्मेद सिंह डूडी सहित राजस्थानी मोट्यार परिषद के पदाधिकारी, सदस्य, विद्यार्थी एवं भाषा प्रेमी उपस्थित रहे।