25/11/2025
रेल मंत्रालय ने 4879.73 करोड़ की लागत से बड़हरवा से भागलपुर तक बनने वाली तीसरी और चौथी लाइन के लिए अधिकृत पत्र जारी कर दिया है।
पूर्व रेलवे के निर्माण विभाग को अधिकृत पत्र जारी करने के बाद लाइनें बिछाने के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई में तेजी आएगी। जमीन अधिग्रहण में तीन सौ करोड़ से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है।
वहीं, 1100 करोड़ की लागत से भागलपुर से जमालपुर तक 65 किलोमीटर तीसरी लाइन भी बननी है। उसके लिए जमीन अधिग्रहण होना है। दो दिन पहले नाथनगर अंचल के राघोपुर और नूरपुर की ओर जमीन की मापी कराई गई थी। इसके तहत स्टेशन के आसपास के सौ से अधिक घरों के टूटने की नौबत आ सकती है। स्टेशन के आसपास करीब 100 फीट की दूरी तक भू-अर्जन की कार्रवाई होगी।
रेल अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। मार्च-अप्रैल तक काम शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। भागलपुर और बड़हरवा के बीच 129 किलोमीटर की 2 समांतर रेललाइन बिछेगी।
तीसरी और चौथी रेललाइन बिछने के बाद इस मार्ग में चार लाइन हो जाएंगी। इससे पटरियों पर दबाव कम होने के साथ ही ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा होगी। इससे इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ सकती है। उससे यात्रियों को सहूलियत होगी। इस रूट में प्रतिदिन 40-45 मालगाड़ियां चलती हैं। जिससे इस रूट पर अभी अधिक दबाव है।
अगस्त तक रेललाइन बिछाने का काम शुरू करने की दिशा में पहल की जा रही है। रेल लाइनों की संख्या बढ़ने से एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी।
वहीं, हावड़ा, नॉर्थ-ईस्ट के साथ अन्य जगहों के लिए भी नई ट्रेनों का प्रावधान किया जा सकेगा। तीसरी लाइन का उद्देश्य है कि इस रेल खंड से मालगाड़ियों का संचालन अलग ट्रैक से कराया जाए। जिससे रेलवे के समय में बचत होगी। अभी एक ही ट्रैक से सवारी और मालगाड़ी दोनों का संचालन कराया जाता है।