28/05/2026
दोस्तों, मेरा काँच का मकान है, और इस मकान को मैंने अपनी मेहनत और ईमानदारी की कमाई से बनाया है। मुझे गर्व है कि मैंने अपने जीवन में कभी किसी का बुरा नहीं किया, न किसी के खिलाफ दुष्प्रचार किया। मैंने कभी लोगों को ऑनलाइन गेम, नशा, जुआ, बाल विवाह या किसी भी बुरी कुरीति की ओर प्रेरित नहीं किया और न ही अंधविश्वास फैलाने का काम किया।
मैंने हमेशा लोगों को मोटिवेट करने, सही रास्ता दिखाने और सकारात्मक सोच देने की कोशिश की है। भगवान देव नारायण जी की एक बात ने मेरे जीवन को पूरी तरह बदल दिया। कहा जाता है कि जब वे एक गाँव में विश्राम कर रहे थे, तब उनके साथ लाखों गायें थीं। उस समय उन्होंने गाँव वालों को उपदेश दिया था कि इंसान की नियति और कर्म ऐसे होने चाहिए कि जब कोई कहे “कर्म लौटकर आते हैं”, तो चेहरे पर मुस्कान आ जाए, डर या दुख नहीं।
उसी दिन से मैंने अपने जीवन में बदलाव लाने का निर्णय लिया। मैंने हमेशा अच्छाई का साथ दिया, लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और अपने कर्मों को साफ रखने की कोशिश की। लोग मेरे बारे में कुछ भी सोचें या कहें, लेकिन मुझे सुकून है कि मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया और न ही किसी को गलत राह दिखाई।