09/06/2026
# इस पोस्ट में कुछ सच्चाई है, लेकिन पोस्टर का दावा बढ़ा-चढ़ाकर और राजनीतिक तरीके से पेश किया गया है।
तथ्य यह है कि तमिलनाडु सरकार ने 2024 के अंत में स्मार्ट मीटर परियोजना से जुड़े टेंडर रद्द किए थे, जिनमें एक बड़ा टेंडर Adani Energy Solutions को मिलने वाला था। सरकार ने आधिकारिक कारण “उच्च लागत (High Cost)” बताया था और कहा था कि नए टेंडर निकाले जाएंगे।
लेकिन पोस्टर में लिखा है कि:
“थलापति ने कचरे में फेंकी अडानी की ₹20,000 करोड़ योजना”
यह दावा पूरी तरह सही नहीं कहा जा सकता क्योंकि:
1. ₹20,000 करोड़ पूरे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट का अनुमानित मूल्य था, सिर्फ अडानी का अनुबंध नहीं।
2. टेंडर रद्द (cancel) किया गया था, प्रोजेक्ट को हमेशा के लिए खत्म नहीं किया गया था। सरकार ने दोबारा टेंडर लाने की बात कही थी।
3. पोस्टर में दिखाए गए नेताओं की “घबराहट” और “BJP बौखलाई” जैसी बातें राजनीतिक प्रचार हैं, तथ्य नहीं। इनके समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है।
निष्कर्ष:
* ✅ यह सही है कि तमिलनाडु में Adani से जुड़ा स्मार्ट मीटर टेंडर रद्द हुआ था।
* ✅ परियोजना का आकार लगभग ₹19,000–20,000 करोड़ के आसपास बताया गया था।
* ❌ “अडानी की ₹20,000 करोड़ की योजना कचरे में फेंक दी गई” एक राजनीतिक और अतिरंजित प्रस्तुति है।
* ❌ पोस्टर को निष्पक्ष समाचार नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रचार/प्रोपेगेंडा शैली की सामग्री माना जाना चाहिए।
विश्वसनीयता के हिसाब से मैं इस पोस्ट को लगभग 50–60% तथ्य + 40–50% राजनीतिक अतिशयोक्ति कहूँगा।