31/12/2025
NDTV के एक पत्रकार द्वारा सांसद विद्याकैलाश जी से गंदा पानी पीने से हुई मौत पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री जी ने कहा—‘छोड़ो यार, तुम फोकट के प्रश्न मत पूछो।’ जब पत्रकार ने जवाब दिया कि ‘मैं वहाँ होकर आया हूँ’, तो मंत्री जी ने प्रतिउत्तर में कहा—‘तुम घंटा होकर आए हो।’
शायद मंत्री जी यह भूल रहे हैं कि वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। जब जनता दूषित पानी पीने से मर रही हो और उस पर सवाल पूछा जाए, तो ‘घंटा’ जैसे शब्दों का प्रयोग न केवल असंवेदनशील है बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विरुद्ध है।
याद रखिए मंत्री जी, जनता भी ‘घंटा’ दिखाना जानती है—और समय आने पर दिखाती भी है।