23/03/2026
23 मार्च एक तारीख़ नहीं एक एहसास है
जब एक बेटा हँसते हुए फाँसी पर चढा
और एक माँ ने आँसुओं में भी गर्व छुपा लिया
प्रेरणा: "इंकलाब जिंदाबाद" का नारा आज भी युवाओं में जोश भरता है और हमें अपने देश के प्रति जिम्मेदार बनने की सीख देता है।
लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।"