15/07/2026
2–3 लाख रिश्वत लेकर फर्जी प्रमाण पत्र से सेविका नियुक्ति! झारखंड पुनरुत्थान अभियान का बड़ा आरोप
आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता के आरोप पर झारखंड पुनरुत्थान अभियान का धरना, डिग्री निकला फ़र्जी
चाईबासा, संवाददाता। पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में कथित रूप से दोषपूर्ण आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया के विरोध में गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुत्थान अभियान के तत्वावधान में बुधवार को सदर अनुमंडल मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन अभियान के जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकु ने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर, नोवामुंडी, मझगांव और सोनुआ प्रखंडों से आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि जिला समाज कल्याण विभाग एवं प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी नहीं है, जो अनुसूचित क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय है।
सन्नी सिंकु ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका चयन के लिए एक ही गांव में बार-बार ग्रामसभा आयोजित करना कोल्हान पोड़ाहाट की परंपराओं तथा संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार द्वारा 2 जनवरी 2026 को पेसा नियमावली अधिसूचित किए जाने के बाद कोल्हान पोड़ाहाट क्षेत्र में मुंडा को ग्रामसभा का पदेन अध्यक्ष माना गया है। इसके बावजूद चक्रधरपुर प्रखंड के बांझीकुसुम गांव में बार-बार ग्रामसभा बुलाने की प्रक्रिया पेसा कानून की अवहेलना प्रतीत होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी ने कहा कि चक्रधरपुर, नोवामुंडी, मझगांव और सोनुआ प्रखंडों के विभिन्न गांवों से प्राप्त शिकायतें लगभग एक जैसी हैं। इससे यह आशंका पैदा होती है कि आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया को सुनियोजित तरीके से प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन ने उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को चार सूत्री मांग-पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
स्टूडेंट्स विंग के मेंटर बासिल हेंब्रम ने कहा कि चक्रधरपुर प्रखंड के बांझीकुसुम गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सीपीग्राम्स (CPGRAMS) के माध्यम से मिलन बारला के नाम से जारी अंक प्रमाण-पत्र की जांच की मांग की थी। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा संबंधित प्रमाण-पत्र को फर्जी बताया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला जिले में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हो रही अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की ओर संकेत करता है।
धरना-प्रदर्शन के बाद झारखंड पुनरुत्थान अभियान की ओर से महामहिम राज्यपाल, झारखंड के नाम चार सूत्री मांग-पत्र उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को सौंपा गया। संगठन का कहना है कि मांग-पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है, तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन को केंद्रीय सलाहकार सदस्य जगदीश चंद्र सिंकु एवं सुमंत ज्योति सिंकु, स्टूडेंट्स विंग के केंद्रीय अध्यक्ष अरिल सिंकु, जिला अध्यक्ष समीर हेंब्रम, जिला उपाध्यक्ष विकास केराई, संस्थापक सदस्य विनीत लागुरी, सदर प्रखंड अध्यक्ष सुरा पूर्ति, मनोहरपुर प्रखंड अध्यक्ष विशाल गुड़िया, महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष आशा पूर्ति, खूंटकट्टी रैयत रक्षा समिति के अध्यक्ष बलभद्र सवैया तथा सचिव केदारनाथ कालुंडिया ने भी संबोधित किया।
धरना-प्रदर्शन में नोवामुंडी, मझगांव और चक्रधरपुर प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।