18/08/2025
। देखने का नजरिया।
सही बात है हम दूसरे को अवश्य बोलते हैं ना देखने का नजरिया बदलो हर बात को सकारात्मक तरीके से देखो।
सच बताऊं ऐसा सिर्फ बोलने में ही अच्छा लगता है ,जब बात अपने पर आती है सही बातों का अर्थ भी गलत निकालने लग जाते हैं।
यह मेरी और आप सभी की बात है। कभी कभी होता नहीं है, हमें कोई और कुछ ही कहना चाहता है ,परंतु वह जो कहना चाहता है ,उसे स्पष्ट रूप से नहीं कह पाता और हम तुरंत उसकी बातों का उल्टा पुल्टा ही अर्थ निकाल लेते हैं।
जो तुरंत बिना सोचे समझे दूसरे की बातों का गलत अर्थ निकालता है, सच मानो तो उसकी सोचने और समझने की क्षमता कम होती है।
तब चाहे मैं हूं या आप हो।
मैं अब कोशिश करती हूं कि पहले किसी की बातों को पूरा सुनूं,और फिर उस पर अपनी प्रतिक्रिया दिखाऊं।
अगर बात मेरे बारे में हो और वह बात गलत हो वह चीज मैंने की ना हो तो मैं अवश्य जवाब दूंगी ,क्योंकि कहते हैं ना जो गलत बोलते हैं उन्हें जवाब देना बहुत जरूरी है ।नहीं तो वह बातों को बहुत बड़ा चढ़ा कर के बोलते हैं।
हां अगर बात सच होगी तो वहां पर मैं चुप रहने की कोशिश करूंगी।
तो हमें अपना नजरिया बदलना चाहिए इसकी शुरुआत खुद से करनी चाहिए।
धन्यवाद्।।।