14/07/2026
अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजेगा उत्तराखंड का गौरव, लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में चुनी गई चिपको आंदोलन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 🇮🇳🌳
उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि राज्य की चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘दिस ट्री वोंट फॉल’ (This Tree Won’t Fall) का चयन प्रतिष्ठित लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। यह डॉक्यूमेंट्री उत्तराखंड के ऐतिहासिक चिपको आंदोलन और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की अहम भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगी।
करीब चार वर्षों की मेहनत और शोध के बाद तैयार इस फिल्म में 83 वर्षीय पर्यावरण संरक्षक सुदेशा देवी के जीवन, संघर्ष और जंगलों को बचाने के उनके समर्पण को दर्शाया गया है। फिल्म उन हिमालयी महिलाओं की प्रेरणादायक कहानी बयां करती है, जिन्होंने पेड़ों से चिपककर जंगलों की रक्षा की और दुनिया के सबसे प्रभावशाली पर्यावरण आंदोलनों में से एक चिपको आंदोलन को नई पहचान दिलाई।
डॉक्यूमेंट्री का संदेश स्पष्ट है कि प्रकृति संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी भी है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड की महिलाओं ने जिस साहस, नेतृत्व और संकल्प का परिचय दिया, वह आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।
फिल्म की कहानी दीपक रमोला और अपूर्वा बख्शी ने लिखी है, जबकि निर्माण अपूर्वा बख्शी, दीपक रमोला और मनीषा त्यागराजन ने किया है। सिनेमैटोग्राफी ध्रुव वर्मा और सिद्धार्थ गोविंदन ने की है तथा संगीत ताजदार जुनैद ने तैयार किया है।
19 जुलाई तक लंदन, बर्मिंघम और मैनचेस्टर में आयोजित होने वाले लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में इस डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन उत्तराखंड की पर्यावरणीय विरासत, चिपको आंदोलन और महिला नेतृत्व को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।