10/05/2026
हेडलाइन: बेगूसराय में प्रशिक्षु सिपाहियों का जोश हाई: 40 किलोमीटर का 'नाइट रोड मार्च' शुरू हो चुका हैं ।रात का समय, वर्दी में सजे जवान, हाथों में हथियार और पीठ पर पिठ्ठू, अनुशासित कदम)यह एक गर्व का क्षण है!
40 किमी का नाइट रोड मार्च किसी भी सिपाही के धैर्य और शारीरिक क्षमता की असली परीक्षा होती है। बेगूसराय के प्रशिक्षण केंद्र से पास-आउट होने की कगार पर खड़े आप सभी प्रशिक्षुओं के लिए यह एक यादगार पड़ाव है।
कहते हैं कि 'शांति के समय बहाया गया पसीना, युद्ध में खून बहने से बचाता है।' इसी मूलमंत्र को सार्थक करते हुए बेगूसराय प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु सिपाही आज अपनी ट्रेनिंग के सबसे कठिन पड़ाव से गुजर रहे हैं। पूरे एक साल के कड़े प्रशिक्षण के बाद, अब वक्त है अंतिम परीक्षा का।
आज रात, प्रशिक्षण केंद्र की सभी कंपनियाँ एक साथ 40 किलोमीटर लंबे 'नाइट रोड मार्च' पर निकली हैं। यह मार्च सिर्फ पैदल चलना नहीं है, बल्कि एक साल की मेहनत, थकान और मानसिक मजबूती का निचोड़ है।
इस मार्च का नेतृत्व स्वयं परेड कमांडर और वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।प्रशिक्षण केंद्र की सभी कंपनियों के जवान इसमें पूरे जोश के साथ शामिल हैं।रात्रि के अंधेरे और थकान के बीच जवानों की कार्यक्षमता और सहनशीलता को परखना।
मेरे पीछे आप देख सकते हैं, इन प्रशिक्षु सिपाहियों के चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि एक साल के सफल प्रशिक्षण को पूरा करने की चमक है। इन जवानों का कहना है कि इस एक साल ने उन्हें न केवल एक बेहतर सिपाही बनाया है, बल्कि जीवन को देखने का एक नया नजरिया और अनुशासन भी सिखाया है।
अब बस कुछ ही दिनों का इंतजार है, जिसके बाद ये जवान बिहार पुलिस के गौरवशाली अंग बनकर राज्य की सुरक्षा और सेवा की कमान संभालेंगे।
वर्दी का जुनून और बेगूसराय की रात! 👮♂️🔥
प्रशिक्षण के अंतिम दौर में आज बेगूसराय ट्रेनिंग सेंटर के जांबाज प्रशिक्षु सिपाहियों द्वारा 40 KM नाइट रोड मार्च किया जा रहा है। एक साल का कड़ा परिश्रम अब सफलता के मुकाम पर है। परेड कमांडर की अगुवाई में सभी कंपनियां पूरी मुस्तैदी के साथ कदम से कदम मिला रही हैं।