01/05/2026
< जिनका जन्म 1985, 1986, 1987, 1988, 1989, 1990, 1991, 1992, 1993, 1994, 1995, में हुआ है
खास उन्हीं के लिए यह लेख..! यह पीढ़ी अब 35 पार करके 40-45 की ओर बढ़ रही है। इस पीढ़ी की सबसे बड़ी सफलता यह है कि इसने जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव देखे और उन्हें आत्मसात भी किया, 1, 2,5,10,20, 25, 50 पैसे देखने वाली यह पीढ़ी बिना झिझक मेहमानों से बेहो ले लिया करती थी। स्याही-कलम/पेंसिल/पेन से शुरुआता कर आज यह पीढ़ी स्मार्टफोनः शेपटी, पीसी को बखूबी चला रही है। जिसके बचपन में साइकिल भी एक विलासिता थी, वहीं धीढ़ी अच् बखूबी स्कूटर और कार चलाती है। ↓
कभी चंचल तो कभी गंभीर। बहुत सहा और भोगा लेकिन संस्कारों में पली बढ़ी यह पीढ़ी