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||छतरपुर में हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, ₹2-₹2 हजार अर्थदंड||नौगांव। जिला छतरपुर में चिन्हित जघन्य...
13/08/2026

||छतरपुर में हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, ₹2-₹2 हजार अर्थदंड||

नौगांव। जिला छतरपुर में चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों के मामलों में प्रभावी अभियोजन पैरवी के चलते हत्या के एक गंभीर प्रकरण में न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

मामला थाना अलीपुरा के अपराध क्रमांक 116/2024 तथा सत्र प्रकरण क्रमांक 07/2025 से संबंधित है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत आरोप लगाए गए थे।

दिनांक 13 अगस्त 2026 को श्री पंकज कुमार जैन, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, नौगांव (छतरपुर) की न्यायालय ने मामले में निर्णय सुनाते हुए आरोपी दिब्बू उर्फ देवेंद्र रैकवार, पप्पू अनुरागी एवं लक्ष्मी प्रसाद उर्फ खचोरी कुशवाहा को दोषी ठहराया।

न्यायालय ने तीनों आरोपियों को धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) BNS के अपराध में आजीवन कारावास एवं ₹2,000-₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।

अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सजा

प्रकरण में अभियोजन की ओर से श्री दयाराम पाठक, अपर लोक अभियोजक, नौगांव जिला छतरपुर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्यों और तथ्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया गया।

तत्कालीन थाना प्रभारी की विवेचना रही महत्वपूर्ण

मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी अलीपुरा डी.डी. शाक्य द्वारा की गई। विवेचना के दौरान उन्होंने समय-समय महत्वपूर्ण गवाहों को न्यायलय मे पेश और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को अभियोजन के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस की विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इस निर्णय को जघन्य अपराधों में प्रभावी पुलिस विवेचना और मजबूत अभियोजन पैरवी का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। मामले में विवेचक तत्कालीन थाना प्रभारी अलीपुरा डी.डी. शाक्य द्वारा अभियोजन abhijan Sathiyonजुटाकर विवेचना को आगे बढ़ाने और अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

13/08/2026

||बाँदा में सटोरियों का कथित खेल जारी, चौराहों पर सट्टा बाजार लगने के आरोप||
बाँदा। शहर में सट्टेबाजी के कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर खुलेआम सट्टे का खेल संचालित किया जा रहा है और सटोरियों को कथित रूप से किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के अमर टॉकीज चौराहा और सटटन चौराहा से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन इलाकों में सट्टा लगाने वालों की गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं। कथित तौर पर यहां खुलेआम लोगों को सट्टे के नंबर लगाए और बताए जाते हैं।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि “अब्बा-चच्चा” नाम से चर्चित लोग आखिर किसकी शह पर यह कथित सट्टा कारोबार चला रहे हैं? हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर सट्टेबाजी का यह खेल चल रहा है तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सट्टेबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

||थाना बक्सवाहा अंतर्गत नैनागिर के 3 मंदिरों में चोरी एवं थाना बमनौरा अंतर्गत अबार माता मंदिर में चोरी का प्रयास करने वा...
13/08/2026

||थाना बक्सवाहा अंतर्गत नैनागिर के 3 मंदिरों में चोरी एवं थाना बमनौरा अंतर्गत अबार माता मंदिर में चोरी का प्रयास करने वाला ₹10000 का इनामी आरोपी गिरफ्तार||

By मोहित जैन " संभाग ब्यूरो राघव भास्कर "

आरोपी के कब्जे से नगद राशि एवं वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कटर मशीन, प्लास, ब्लेड व अन्य उपकरण बरामद।

आरोपी देवी सिंह यादव छतरपुर एवं सागर जिले में हत्या, मारपीट एवं चोरी सहित 7 अपराधों में लिप्त।

थाना बक्सवाहा अंतर्गत नैनागिर मंदिर परिसर में माह सितंबर 2023 में गिरिराज मंदिर प्रांगण से, माह जुलाई 2025 में चौबीसी जिनालय मंदिर से एवं माह जुलाई 2026 में समोशरण मंदिर से चोरी संबंधी घटनाओं पर पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध किए गए थे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु ₹10000 के इनाम की उद्घोषणा की गई थी।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा द्वारा उक्त प्रकरणों सहित जिले में घटित अन्य चोरी की घटनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए आरोपियों की धरपकड़ एवं चोरी की घटनाओं के शीघ्र खुलासे हेतु संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे।

विगत दिनों चौकी रामटोरिया, थाना बमनौरा क्षेत्र अंतर्गत धार्मिक स्थल अबार माता मंदिर में चोरी के प्रयास एवं मारपीट संबंधी प्रकरण में एक आरोपी को पकड़ा गया था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी से बारीकी से पूछताछ की गई। भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा एकत्रित सूचनाओं के आधार पर आरोपी की थाना बक्सवाहा क्षेत्र अंतर्गत नैनागिर मंदिर परिसर के 3 मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं में संलिप्तता सामने आई।

पुलिस टीम द्वारा आरोपी देवी सिंह यादव पिता नंदलाल यादव, निवासी ग्राम झारई, थाना बहरोल, जिला सागर को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा थाना बमनौरा अंतर्गत अबार माता मंदिर में चोरी के प्रयास के साथ-साथ थाना बक्सवाहा क्षेत्र अंतर्गत नैनागिर मंदिर परिसर के 3 मंदिरों में चोरी तथा सागर जिले में अन्य चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया गया है।

आरोपी के कब्जे से नगद राशि एवं चोरी की वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कटर मशीन, प्लास, ब्लेड व अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। आरोपी थाना बहरोल, जिला सागर में हत्या एवं मारपीट, छतरपुर जिले में थाना बक्सवाहा, थाना बमनौरा में चोरी, चोरी का प्रयास व मारपीट, कुल 7 अपराधों में संलिप्त है।

उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं एसडीओपी बड़ा मलहरा रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बक्सवाहा निरीक्षक प्रशांत सेन, थाना प्रभारी बमनौरा उपनिरीक्षक अभिषेक पांडेय, चौकी प्रभारी बम्हौरी उप निरीक्षक कादिर खान, चौकी प्रभारी रामटोरिया उपनिरीक्षक राज कपूर सिंह बघेल, चौकी प्रभारी नैनागिर उपनिरीक्षक मनीराम, सहायक उपनिरीक्षक के.एल. वर्मा, प्रधान आरक्षक राममिलन तथा आरक्षक गजराज, रवि यादव, सुरेंद्र रजक, उमाशंकर एवं विजय यादव एवं अबार माता मंदिर परिसर के चौकीदार चुटन यादव एवं जगन्नाथ यादव की भूमिका रही।

13/08/2026

||बांदा में किन्नरों का हाई वोल्टेज ड्रामा, कपड़े उतारकर सड़क पर किया प्रदर्शन||

By अनवर राजा रानू " राघव भास्कर बांदा ""

बांदा। शहर के कालूकुआं चौकी के सामने गुरुवार देर शाम उस समय हंगामा मच गया, जब किन्नरों के दो गुटों के बीच क्षेत्र के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद सड़क पर आ गया। एक गुट के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने के बाद चौकी इंचार्ज ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था।

बताया जा रहा है कि वार्ता के दौरान किसी बात से नाराज किन्नरों ने चौकी के सामने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ किन्नरों ने कपड़े उतारकर विरोध जताया और कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी देते हुए सड़क पर तांडव किया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर भीड़ जमा हो गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किन्नरों को समझाकर मामला शांत कराया और पूरे प्रकरण में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

फिलहाल किन्नरों के दोनों गुटों के बीच क्षेत्र विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पूरा मामला कालूकुआं चौकी के सामने का बताया जा रहा है।

13/08/2026

||बांदा में किन्नरों का हाई वोल्टेज ड्रामा, कपड़े उतारकर सड़क पर किया प्रदर्शन||

बांदा। शहर के कालूकुआं चौकी के सामने गुरुवार देर शाम उस समय हंगामा मच गया, जब किन्नरों के दो गुटों के बीच क्षेत्र के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद सड़क पर आ गया। एक गुट के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने के बाद चौकी इंचार्ज ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था।

बताया जा रहा है कि वार्ता के दौरान किसी बात से नाराज किन्नरों ने चौकी के सामने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ किन्नरों ने कपड़े उतारकर विरोध जताया और कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी देते हुए सड़क पर तांडव किया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर भीड़ जमा हो गई।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किन्नरों को समझाकर मामला शांत कराया और पूरे प्रकरण में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

फिलहाल किन्नरों के दोनों गुटों के बीच क्षेत्र विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पूरा मामला कालूकुआं चौकी के सामने का बताया जा रहा है।

12/08/2026
12/08/2026

||बांदा के जमालपुर गांव में RCC रोड के चलते जलभराव, कई मकान गिरे, DM से जांच की मांग||

बांदा।थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम जमालपुर में जलभराव की समस्या से कई घरों को नुकसान पहुंचा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बांदा को शिकायत पत्र देकर जांच और समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रधान द्वारा बनवाई गई RCC रोड की वजह से गांव में पानी भरा जा रहा है। इसी जलभराव के कारण एक मकान गिर गया।

पत्र में बताया गया है कि पानी भरा रहने के कारण गांव के कई और मकान भी गिर पड़े हैं कुछ गिरने की कगार में है। नालियों और अन्य जगहों का पानी भरने से ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने DM से अनुरोध किया है कि मौके पर जांच कराकर समस्या का निस्तारण किया जाए।ग्रामीणों ने शिकायत पत्र पर सामूहिक हस्ताक्षर कर जल्द कार्रवाई की मांग की है।चेतावनी देते हुए कहा अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अनशन बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

||जूनियर ऑडिटर तरुण गोस्वामी ने खोले घोटालेबाज़ों के राज: झूठी व मनगढ़ंत शिकायतें कर कर रहे बदनाम, जल्द हो सकती है षड्यं...
11/08/2026

||जूनियर ऑडिटर तरुण गोस्वामी ने खोले घोटालेबाज़ों के राज: झूठी व मनगढ़ंत शिकायतें कर कर रहे बदनाम, जल्द हो सकती है षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई||
CHHATARPUR|विगत 2 वर्ष से लगातार दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिसमें विभाग के ही दोषी कर्मचारी मिलकर हर निम्न स्तर के हथकंडे अपना रहे हैं। पहले क्रमांक 2 में पदस्थ रामस्वरूप पाठक नौगांव (nowgong) में अकाउंटेंट पद पर रहते गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिसकी जांच जिला कोषालय अधिकारी एवं उनके दल द्वारा की गई थी; जिसमें कूटरचित भुगतानों सहित गबन सिद्ध हुआ था। इसकी विभाग द्वारा भी 4 सदस्य टीम द्वारा जांच हुई जिसमें गबन सिद्ध हुआ। इनके द्वारा अपने पुत्र का फर्जी ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्र बनाया गया, जिसकी शिकायत जेडी (JD) कार्यालय में हुई। जांच जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी को दी गई। दबाव में घबराकर प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी द्वारा आज तक जांच नहीं की गई, जो एक जिला कार्यालय के ऊपर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लगातार विधानसभा लगाकर परेशान करने की पूरी ताकत झोंक दी, किन्तु सांच को क्या आंच! करलो आसान सी जांच के आधार पर गोस्वामी बेदाग सिद्ध हुए।
हाल ही में जिला कार्यालय में पदस्थ बाबू राघवेंद्र सिंह निलंबित हुए, जो लगातार षड्यंत्र में एक दल को शामिल किए हैं। किन्तु पाक-साफ कार्यशैली के कारण तरुण गोस्वामी पर लगाए आरोप बेबुनियाद सिद्ध हो रहे हैं। हाल ही में एक महिला शिक्षिका प्राचार्य से अभद्रता के कारण निलंबित हुई, जिसके द्वारा निलंबन का आदेश नहीं लिया जा रहा था। प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लेकर सभी हलकान थे। संबंधित महिला के निलंबन की पावती हेतु वरिष्ठ कार्यालय द्वारा कहा जा रहा था, जिसके अनुक्रम में गोस्वामी द्वारा अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया गया। संबंधित महिला लगातार वॉयस कॉल (voice call) करती रही, किन्तु गोस्वामी ने कोई कॉल नहीं उठाया। लगातार उक्त महिला बात करने का प्रयास करती रही, किन्तु गोस्वामी ने कोई वार्तालाप नहीं की। संबंधित महिला को पुनः आरोप पत्र भेजने की चुनौती थी क्योंकि उक्त महिला कहीं से पत्र नहीं ले रही थी, पुनः प्रशासनिक दायित्वों के तहत सरकारी पत्र प्रेषित किया। संबंधित महिला द्वारा आरोप पत्र के जवाब के संबंध में सलाह मांगी, जिसको तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने की सलाह दी गई। जो भी चैट (chat) की गई, शासकीय कार्य से संबंधित थी। महिला के आरोप बेबुनियाद हैं।
तरुण गोस्वामी ने विधि संबंधी कार्रवाई करने की बात कही और सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने एवं झूठे आरोपों पर कार्रवाई की मांग की है। मोबाइल में महिला द्वारा अनावश्यक संपर्क का प्रयास किया गया, जिसका भी रिकॉर्ड दर्ज है। महिला की बहाली क्रमांक 2 संकुल में होते ही रामस्वरूप पाठक ने उकसाकर मनगढ़ंत झूठी शिकायत कराई, जिसकी किसी भी स्तर से जांच के लिए तरुण गोस्वामी तैयार हैं; साथ ही विधि-संगत कार्रवाई भी उनके द्वारा करने की बात कही है। अब नए डीईओ (DEO) इस प्रकरण में एक ईमानदार कर्मचारी पर लगे झूठे आरोप पर महिला पर कार्रवाई करते हैं या नहीं!
सोशल मीडिया पर तथ्यों से परे गोस्वामी का पक्ष जाने बगैर एकपक्षीय न्यूज चलाई गई, जो एक षड्यंत्र की कड़ी ही नजर आती है। सोशल मीडिया पर खबर किसने चलवाई, उसको चिन्हित कर कार्रवाई की मांग शिक्षक संघों ने की है। उक्त महिला पर गंभीर आरोप हैं, जिसकी विभागीय जांच सागर में जेडी (JD) ऑफिस में प्रचलन में है। अब झूठी शिकायत के भंडाफोड़ होने के बाद, पहले से विभागीय जांच का सामना कर रही महिला का फिर से हो सकता है निलंबन। सभी सबूत संरक्षित हैं, जो समय आने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भंडाफोड़ किया जाएगा।
कर्मचारी संगठन तरुण गोस्वामी के साथ उक्त महिला की पूरी कहानी लेकर कलेक्टर से अवगत कराएंगे, जिससे महिला के विरुद्ध हो सकती है कड़ी कार्रवाई। तरुण गोस्वामी के परिवार का कहना है— "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।" मान-सम्मान की लड़ाई के लिए पूरा परिवार एकजुट है, अब उक्त महिला के विरुद्ध लामबंद हो रहा शिक्षा विभाग।

मंदिर की भूमि निजी भूमि नहीं है वह मंदिर की है छतरपुर जानराय टोरिया भूमि मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला।MP हाईकोर्ट ने...
10/08/2026

मंदिर की भूमि निजी भूमि नहीं है वह मंदिर की है छतरपुर जानराय टोरिया भूमि मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला।

MP हाईकोर्ट ने Mahant Bhagwandas Sadik Shishya v. State of MP, First Appeal No. 249 of 1998 मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर के महंत को मंदिर की संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार हो सकता है, लेकिन वह मंदिर की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताकर उस पर व्यक्तिगत मालिकाना हक की घोषणा नहीं मांग सकता।

विवेक जैन की बेंच ने छतरपुर स्थित जनराई तोरिया मंदिर से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें महंत की करीब 67 एकड़ जमीन को अपने निजी नाम पर घोषित करने की मांग वाला मुकदमा खारिज कर दिया गया था।

मामले में अपीलकर्ता ने दावा किया था कि मंदिर में उत्तराधिकार गुरु-शिष्य परंपरा के अनुसार होता है और वह मंदिर का महंत होने के नाते मंदिर तथा उसकी संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार रखता है। यह भी तर्क दिया गया कि पूर्व में राजस्व रिकॉर्ड में महंत का नाम दर्ज था और मंदिर की जमीन से संबंधित विभिन्न राजस्व कार्यवाहियों में भी महंत के नाम का उल्लेख हुआ था।

राज्य की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि संबंधित संपत्ति महंत की निजी या स्वयं अर्जित संपत्ति नहीं है, बल्कि सार्वजनिक मंदिर से जुड़ी हुई भूमि है। महंत मंदिर के कामकाज और संपत्ति का प्रबंधन कर सकता है, लेकिन इसके आधार पर जमीन पर निजी स्वामित्व का दावा नहीं कर सकता।

हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि इस मामले में मांगी गई राहत ही मूल रूप से गलत आधार पर थी। कोर्ट ने विशेष रूप से गौर किया कि अपीलकर्ता ने यह घोषणा नहीं मांगी थी कि वह मंदिर का महंत है अथवा उसे मंदिर और उसकी संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त है। इसके बजाय उसने सीधे 67 एकड़ भूमि को अपने निजी नाम पर मालिकाना हक के रूप में घोषित करने की मांग की थी।

बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि महंत मंदिर के हित में प्रशासन चलाने और उसकी संपत्ति का प्रबंधन करने के अधिकार के साथ अपनी मान्यता की मांग करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन मंदिर से संबंधित संपत्ति को महंत की निजी संपत्ति घोषित करना कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी राहत देने का परिणाम यह हो सकता है कि महंत मंदिर की संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति समझकर उसे बेचने या हस्तांतरित करने लगे। धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्ट की संपत्ति की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के एम. सिद्दीक (राम जन्मभूमि मंदिर बनाम सुरेश दास) मामले के सिद्धांतों का भी उल्लेख किया गया।

जहां तक राज्य द्वारा मंदिर की कुछ भूमि की नीलामी का सवाल था, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निष्कर्ष को सही माना कि नीलामी केवल एक वर्ष के लिए खेती करने के अधिकार से संबंधित थी और इससे भूमि के स्वामित्व का कोई हस्तांतरण नहीं हुआ था।

इस तरह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महंत की अपील खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण सिद्धांत दोहराया कि मंदिर की संपत्ति का प्रबंधन करने का अधिकार और उस संपत्ति का निजी मालिकाना हक एक ही बात नहीं है। महंत मंदिर की संपत्ति का प्रबंधक हो सकता है, लेकिन केवल महंत होने के आधार पर मंदिर की जमीन को अपनी निजी संपत्ति घोषित नहीं करा सकता।

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