13/08/2026
||छतरपुर में हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, ₹2-₹2 हजार अर्थदंड||
नौगांव। जिला छतरपुर में चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों के मामलों में प्रभावी अभियोजन पैरवी के चलते हत्या के एक गंभीर प्रकरण में न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस निर्णय के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
मामला थाना अलीपुरा के अपराध क्रमांक 116/2024 तथा सत्र प्रकरण क्रमांक 07/2025 से संबंधित है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत आरोप लगाए गए थे।
दिनांक 13 अगस्त 2026 को श्री पंकज कुमार जैन, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, नौगांव (छतरपुर) की न्यायालय ने मामले में निर्णय सुनाते हुए आरोपी दिब्बू उर्फ देवेंद्र रैकवार, पप्पू अनुरागी एवं लक्ष्मी प्रसाद उर्फ खचोरी कुशवाहा को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने तीनों आरोपियों को धारा 103(1) सहपठित धारा 3(5) BNS के अपराध में आजीवन कारावास एवं ₹2,000-₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
प्रकरण में अभियोजन की ओर से श्री दयाराम पाठक, अपर लोक अभियोजक, नौगांव जिला छतरपुर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्यों और तथ्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया गया।
तत्कालीन थाना प्रभारी की विवेचना रही महत्वपूर्ण
मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी अलीपुरा डी.डी. शाक्य द्वारा की गई। विवेचना के दौरान उन्होंने समय-समय महत्वपूर्ण गवाहों को न्यायलय मे पेश और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को अभियोजन के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस की विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस निर्णय को जघन्य अपराधों में प्रभावी पुलिस विवेचना और मजबूत अभियोजन पैरवी का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। मामले में विवेचक तत्कालीन थाना प्रभारी अलीपुरा डी.डी. शाक्य द्वारा अभियोजन abhijan Sathiyonजुटाकर विवेचना को आगे बढ़ाने और अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने की भूमिका महत्वपूर्ण रही।