गिरि गौरव

गिरि गौरव समग्र दृष्टि समग्र दृष्टिकोण

09/11/2025

रजत जयंती पर उत्तराखंड को मिली 8260.72 करोड़ की सौगात

गिरि गौरव देहरादून -

उत्तराखंड राज्य की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ₹8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया ।

शिलान्यास की जाने वाली योजनाएं (₹7329.06 करोड़ की 19 योजनाएं)

सिंचाई विभाग- सौंग बांध पेयजल परियोजना - 2491.96 करोड़

देहरादून और टिहरी जनपद में प्रस्तावित सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून जनपद में 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति होगी। परियोजना में 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इससे देहरादून शहर की जलापूर्ति में सुधार होगी।

जमरानी बांध पेयजल परियोजना - 2584.10 करोड़

नैनीताल जनपद में प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना, एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इससे पेयजल, सिंचाई की आवश्यकता पूरी करने के साथ ही विद्युत उत्पादन भी किया जाएगा। परियोजना से 57065 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होने के साथ 14 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा।

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अन्य परियोजनाएं
Toe Protuction and Landslide Stablization work along left bank of Alaknanda River at Jyotirmath in Distt. Chamoli uttrakhand - 100.53 करोड़

जनपद पिथौरागढ के धारचूला में कालीनदी के दांये पार्श्व में स्थित विभिन्न स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा योजनां कार्य - 140.22 करोड़

ऊर्जा (पिटकुल) - जनपद चमोली के पीपलकोटी में 400 के०वी० पीपलकोटी स्वीचिंग उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (1.0 सर्किट किमी) - 340.29 करोड़

जनपद टिहरी के घनसाली में 220 के0वी0 उपसंस्थान (60 एमवीए) (राज्य पोषित)- 277.23 करोड़

ऊर्जा (उरेडा) - समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना- 129.37 करोड़

चम्पावत के बनबसा में 220 के0वी0 उपसंस्थान (100 एमवीए) एवं संबंधित पारेषण लाइन (0.3 सर्किट किमी)(राज्य पोषित)- 223.71 करोड़

खेल विभाग-जनपद. चम्पावत के लोहाघाट में “महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद्. चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज स्थापित किया जायेगा“ - 256.96 करोड़

लोक निर्माण विभाग - केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 08 विभिन्न योजनाओं तथा राज्य योजना के अन्तर्गत 02 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य- 127.43 करोड़

वन विभाग/वन्य जीव परिरक्षण संगठन/ (राजाजी टाइगर रिजर्व) उत्तराखण्ड पौडी जनपद - जनपद पौडी के यमकेश्वर में गौहरी रेंज के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार कार्य - 100.89 करोड़

प्राविधिक शिक्षा- राजकीय पॉलीटैक्निक लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरूड़, द्वाराहाट तथा पोखरी में भवन निर्माण कार्य -100.67 करोड़

पर्यटन- जनपद टिहरी तथा देहरादून के पर्यटन विकास कार्य - 58.21 करोड़

चिकित्सा शिक्षा -देहरादून एवं हल्द्वानी में भर्ती मरीजों के तीमारदार के ठहरने हेतु रैन बसेरा - 55.00 करोड़

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखण्ड।- उप जिला चिकित्सालय खानपुर का भवन निर्माण।- 39.42 करोड़

शहरी विकास - कपकोट तथा कर्णप्रयाग में पम्पिंग पेयजल योजना एवं नानकमत्ता में पेयजल योजना पुर्नगठन - 79.83 करोड़

डेयरी विकास - जनपद नैनीताल के लालकुआं में दुग्ध संघ में 1.50 लाख ली०/दिन की अत्याधुनिक दुग्धशाला की स्थापना - 80.77 करोड़

पेयजल - जनपद पौड़ी में पेयजल योजना- 15.16 करोड़

कृषि - वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार पौड़ी गढ़वाल में चैनलिंक फेन्सिग कार्य - 11.48 करोड़

लोकार्पण की जाने वाली योजनाएं(₹931.65 करोड़ की लागत 12 योजनाएं)

ऊर्जा (पिटकुल) - जनपद पिथौरागढ के धारचूला में 220/33 के०वी० (50 एम०वी०ए०) बरम, उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (25.12 सर्किट किमी) - 161.98 करोड़

जनपद देहरादून के मसूरी, कैन्ट एवं राजपुर रोड में 132 के० वी० बिंदाल-पुरकुल पारेशण लाईन - 38.71 करोड़
ऊर्जा (उरेडा) - राज्य के समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना - 32.61 करोड़

शहरी विकास - जनपद देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी एवं कैन्ट मैं अमृत 1.0 कार्यक्रम अन्तर्गत देहरादून जलापूर्ति की 23 जोन आच्छादन की योजना - 128.56 करोड़

प्राविधिक शिक्षा विभाग - राजकीय पालीटेक्निक चम्पावत, टनकपुर, ताकुला, बाडेछीना, चिन्यालीसौण, कुल्सारी में भवनों का निर्माण कार्य - 126.27 करोड़

लोक निर्माण विभाग - राज्य योजना के अन्तर्गत 03 विभिन्न योजनायें तथा केन्द्रीय अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 07 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य - 110.03 करोड़

पेयजल विभाग- जनपद पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, बागेश्वर में बागेश्वर नगर तथा जनपद पौडी गढवाल एवं श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजना - 80.81 करोड़

जनपद पिथौरागढ के गंगोलीहाट में बेलपट्टी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना-
57.50 करोड़

सिंचाई- जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के अन्तर्गत ग्वालगांव भूस्खलन के उपचारात्मक कार्य - 84.09 करोड़

जनपद पिथौरागढ एवं देहरादून में बाढ सुरक्षात्मक कार्य - 66.57 करोड़

कौशल विकास एवं सेवायोजन - Precision Manufacturing की कार्यशाला का निर्माण कार्य - 25.91 करोड़

खेल विभाग- नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम का निर्माण कार्य में हॉकी ग्राउंड (एस्ट्रोट्रफ) का निर्माण कार्य - 18.61 करोड़

The World Summit on Disaster Management (WSDM 2025) is an international conference scheduled to be held in Dehradun, Utt...
08/11/2025

The World Summit on Disaster Management (WSDM 2025) is an international conference scheduled to be held in Dehradun, Uttarakhand, India from November 28 to 30, 2025. It is organized by the Uttarakhand Council for Science and Technology (UCOST) and aims to bring together global experts, researchers, policymakers, and practitioners working in disaster management and climate resilience. The summit highlights that disasters are increasing in frequency and intensity, and emphasizes the need for global collaboration to reduce risk and build safer communities.
The event focuses on five thematic areas related to resilience and sustainability: Earth, Water, Air, Fire, and Space. Alongside these themes, the summit promotes five core pillars that guide its approach: Engage, Educate, Excel, Enable, and Empower. Through keynote sessions, panel discussions, workshops, research presentations, and community-driven activities, WSDM 2025 encourages knowledge exchange and innovation in disaster preparedness, response, and climate adaptation.
The summit also includes pre-events across different cities, along with opportunities for researchers to submit abstracts and present their work. It features awards, including the Bhagirath Awards, which recognize leadership and contributions in the field of disaster risk reduction. Overall, the summit aims to foster collaboration between science, policy, and community action to support resilient development in India and globally.
For more information visit:
Website: https://www.wsdm.co.in
Instagram: https://www.instagram.com/wsdm.2025/
LinkedIn: https://in.linkedin.com/in/world-summit-on-disaster-management

जय हिंद।
14/08/2025

जय हिंद।

समस्त प्रदेशवासियों को गिरि गौरव परिवार की ओर से धामी सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं
23/03/2025

समस्त प्रदेशवासियों को गिरि गौरव परिवार की ओर से धामी सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने पर कोटि-कोटि शुभकामनाएं

गंगा के के जल की शुद्धता से ही है भारतीय सनातन संस्कृति-गणेश नाईकगिरि गौरव ब्यूरो-मुंबई 22 मार्च,महाराष्ट्र के माननीय वन...
23/03/2025

गंगा के के जल की शुद्धता से ही है भारतीय सनातन संस्कृति-गणेश नाईक

गिरि गौरव ब्यूरो-
मुंबई 22 मार्च,

महाराष्ट्र के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश नाईक ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य सरकार के तीन वर्षों की सफलता पर बधाई दी और उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से निकलने वाली मां गंगा के जल की शुद्धता आज भी सनातन धर्म की संस्कृति को संजोए हुए है।
उत्तराखंड राज्य काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आपदाओं के समय किए गए तत्पर और सहायक प्रयासों की भी सराहना की। मंत्री नाईक ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा आपदा के समय हर राज्य सरकार के साथ तन, मन और धन से खड़े रहते हैं और इस दिशा में उनका योगदान सराहनीय है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से प्री कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी शुभकामनायें प्रेषित की और इस महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित करने हेतु यूकॉस्ट सहित सभी आयोजकों को बधाई दी.

इस कार्यक्रम में युकोस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गश पंत ने महाराष्ट्र के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश नाईक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन पर आधारित इस प्री-शिखर सम्मेलन का आयोजन मुंबई में करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आपदा प्रभावित राज्यों के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग से कार्य किया जा सके। प्रोफेसर पंत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और यह भी बताया कि उत्तराखंड में हर साल आपदाएँ आती रहती हैं, जिस से निपटने के लिए पहले से ही राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

कार्यक्रम में देश भर के केंद्र सरकार के संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम के किये गए अलग अलग सत्र में आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार और अनुभव साझा किए।

इस सम्मेलन में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस, स्ट्रेटेजिक वेन्यू, वित्रय, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई सहित कई प्रमुख संस्थानों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आपदा प्रबंधन पर आधारित यह सम्मेलन न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में आपदा से निपटने के लिए एक ठोस वैज्ञानिक और तकनीकी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम साबित हुआ है।
कार्यक्रम के संयोजक प्रहलाद अधिकारी व मीडिया संयोजक अमित पोखरियाल, प्रबन्धक जनसम्पर्क, यूकॉस्ट ने बताया कि उत्तराखंड जैसे राज्य जहां पर आपदा से संबंधित समस्या बनी रहती है, ऐसे सम्मेलनों के आयोजन से निश्चित ही मंथन उपरांत अच्छे सुझाव मिलेंगे जो आपदा प्रबंधन मे सहायक होंगे।

यूकॉस्ट में जल गुणवत्ता तथा ग्लेशियर संरक्षण के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा गिरि गौरव ब्यूरो-देहरादून, 22 म...
23/03/2025

यूकॉस्ट में जल गुणवत्ता तथा ग्लेशियर संरक्षण के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा

गिरि गौरव ब्यूरो-
देहरादून, 22 मार्च,

�उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) एवम उत्तराखण्ड जल संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में विश्व जल दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विशेषज्ञों ने ग्लेशियर संरक्षण, जल गुणवत्ता, संरक्षण और संबंधित तकनीकी क्षेत्रों पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. डी.पी. उनियाल, संयुक्त निदेशक, यूकॉस्ट ने जल गुणवत्ता, ग्लेशियर संरक्षण और जल क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने ग्लेशियरों के संरक्षण और जल संकट को लेकर नई शोध संभावनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. एम.एस. रावत, वैज्ञानिक अधिकारी, यूकॉस्ट ने रिमोट सेंसिंग और जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों का उपयोग राज्य में जल के प्रमुख नदियों, नौले, धारों की जल गुणवत्ता की निगरानी और जल संकट के समाधान में प्रभावी साबित हो सकता है।
डॉ. विकास कंडारी, मुख्य रसायनज्ञ, उत्तराखंड जल संस्थान ने जल गुणवत्ता मूल्यांकन और जल संरक्षण के क्षेत्र में नई उभरती तकनीकों की चर्चा की। उन्होंने जल गुणवत्ता के परीक्षण में नवाचारों की आवश्यकता और राज्य में जल स्रोतों की शुद्धता बनाए रखने के लिए उन्नत तकनीकी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों के अलावा, विकास नौटियाल और आर्चित पाण्डेय ने भी जल गुणवत्ता से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। दोनों ने जल संरक्षण और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन सत्र भी आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (NABL) के अद्यतन कार्यों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों को NABL प्रमाणन प्रक्रिया और ISO/IEC 17025 के अनुपालन के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही, उत्तराखंड में जल गुणवत्ता से संबंधित सूक्ष्मजैविकीय तत्वों पर भी चर्चा की गई। इस कार्यशाला में उत्तराखंड के सभी 26 जिलों और उप-क्षेत्रीय जल गुणवत्ता प्रयोगशालाओं के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई के रसायनज्ञों ने प्रतिभाग किया ।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के समस्त वैज्ञानिक व कर्मचारियों , पर्यावरण प्रेमियों द्वारा भाग लिया गया और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया ।

ज्ञान विज्ञान आध्यात्मिक का संगम है सनातन संस्कृति-पुष्कर सिंह धामी  गिरि गौरव ब्यूरो देहरादून28 फरवरीभारतीय सनातन संस्क...
28/02/2025

ज्ञान विज्ञान आध्यात्मिक का संगम है सनातन संस्कृति-पुष्कर सिंह धामी

गिरि गौरव ब्यूरो
देहरादून28 फरवरी

भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व जिन सिद्धांतों की खोज की थी, वे आज वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान धाम झाझरा में आयोजित कार्यक्रम में नोबेल पुरस्कार विजेता, भारत रत्न स्वर्गीय डॉ. सी.वी. रमन को भावांजलि अर्पित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में देश की पांचवी साइंस सिटी बन रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी हमारे राज्य को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में भी एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में अहम् भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार द्वारा तकनीक और नवाचार के उपयोग से सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जहां हम आज प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक ओर साइंस और इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, जीएसआई डैशबोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर और स्टेम लैब्स के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं, वहीं, रोबोटिक, ड्रोन, सेमी कंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण नवाचारों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक से भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नित-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट, जिनके सिद्धांतों ने खगोल शास्त्र और गणित को सरल बनाया, आचार्य कणाद जिन्होंने हजारों साल पहले परमाणु की व्याख्या की, आचार्य नागार्जुन जिन्होंने सदियों पहले सोना, चांदी, तांबे, लौह, पारा व अभ्रक आदि का इस्तेमाल कर औषधीय भस्म बनाने की विधि तैयार की। महर्षि सुश्रुत जिन्होंने जटिल से जटिल शल्य चिकित्सा के सिद्धांत प्रतिपादित किए। ये सभी भारत के वो वैज्ञानिक स्तंभ हैं जिनके सिद्धांतों पर आज का आधुनिक विज्ञान स्थापित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज देश में डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सके। ये सभी उपलब्धियां भारत को आत्मनिर्भर और विज्ञान-प्रधान राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं विकास, नई प्रौद्योगिकी तथा स्टार्टअप के अनुरूप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, हम प्रदेश में साइंटफिक रिसर्च और लर्निंग को बढ़ावा देते हुए साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनमी को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज कोरोना वैक्सीन के विकास से लेकर ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों की खोज तक के कार्य आत्मनिर्भरता के मंत्र को अपनाकर कर रहा है। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव पर उतरने वाला पहला देश बना दिया। जहां आदित्य एल1 मिशन के माध्यम से हमने सूर्य के रहस्यों को उजागर करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। वहीं अब गगनयान मिशन के तहत भारत जल्द ही अंतरिक्ष में मानव भेजने की तैयारी कर रहा है, जो हमारी वैज्ञानिक उपलब्धियों का एक और स्वर्णिम अध्याय होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी सेवाओं को ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन पोर्टल द्वारा सरल और सुलभ बनाने का कार्य किया जा रहा है। नागरिकों को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन प्रमाणपत्र समेत कई सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध की जा रही है। यही नहीं, कृषि के क्षेत्र में भी किसानों को तकनीक से जोड़ने हेतु राज्य में स्मार्ट एग्रीकल्चर तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में ड्रोन तकनीक और सेंसर आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलगी। ई-टूरिज्म पोर्टल के माध्यम से पर्यटकों को ऑनलाइन बुकिंग और पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध किए जाने के भी प्रयास गतिमान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसे डैशबोर्ड की शुरुआत की गई है जो चारधाम यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को पहले ही मौसम पूर्वानुमान से लेकर अपनी यात्रा प्लान करने में मदद करेगा। यही नहीं, हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन पर शोध के लिए डेटा एनालिटिक्स और सैटेलाइट इमेजरी का भी उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रयास उत्तराखंड को एक आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट में राज्य का पहला कम्यूनिटी साइंस रेडियो भी प्रारम्भ होने रहा है जो विज्ञान की महत्वपूर्ण जानकारियां हर घर तक पहुंचाने में सहायक होगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां इंटरनेट या अन्य संसाधन सीमित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी ही वो माध्यम हैं, जिससे हम आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को साकार कर सकते हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और साइंस म्यूजियम का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नीतेश झा, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, सलाहकार साइंस सिटी देहरादून जी. एस. रौतेला आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने लिया प्रधानमंत्री के दौरे हेतु तैयारी का जायजा उत्तरकाशी 24 फरवरी,गिरि गौरव ब्यूरो-मुख्यमंत्री उत्तर...
24/02/2025

मुख्यमंत्री धामी ने लिया प्रधानमंत्री के दौरे हेतु तैयारी का जायजा

उत्तरकाशी 24 फरवरी,

गिरि गौरव ब्यूरो-

मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में आगमन से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को पंख लगेंगे।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के साथ ही समूचा उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में आगमन से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को काफी बढावा मिलेगा और यह दौरा राज्य की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के साथ ही समूचा उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव पर्यटन श
सचिन कुर्वे, अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरूगेशन सहित अन्य उच्चाधिकारियों के साथ हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के हर्षिल-मुखवा के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र में आगमन से शीतकालीन यात्रा को पंख लगेंगे। पूरे विश्व में इस यात्रा का प्रचार-प्रसार होगा। जिससे हमारे राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटकों का आगमन होना तय है। यह अवसर हमारे राज्य की समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान साबित होने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आगमन उत्तराखंड के लिए सदैव बहुत शुभ होता है। केदारानाथ धाम, माणा, आदिकैलाश की प्रधानमंत्री की यात्रा एवं प्रवास के बाद इन जगहों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में काफी अधिक वृद्धि हुई है। इसी तरह इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री के आगमन के फलस्वरूप राज्य में साढे तीन लाख करोड़ रूपये की लागत के पूंजी निवेश के एमओयू हुए और अभी तक राज्य में लगभग अस्सी हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के निवेश की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री के हाथों राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ होना भी उत्तराखंड के लिए सौभाग्यशाली साबित हुआ है। देवभूमि ने खेलभूमि की प्रतिष्ठा भी अर्जित की है। इस बार राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने लंबी छलांग लगाकर सातवां स्थान हासिल किया है, जबकि राष्ट्रीय खेलों मे पिछली बार हम पच्चीसवें स्थान पर थे।

मुख्यमंत्री ने आज अपने स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर हर्षिल से मुखवा तक की गई तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रधानमंत्री जी की यात्रा को स्मरणीय व सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हर्षिल में प्रस्तावित जनसभा के लिए बनाए जा रहे पंडाल, मंच तथा प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण कर कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक धरोहर को प्रदर्शित करने के विशेष प्रबंध किए जांय, जिससे राज्य का समृद्ध पर्यटन और अधिक सशक्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की दिव्यता और आध्यात्मिकता को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह यात्रा महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। लिहाजा इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जांय।

मुख्यमंत्री ने गंगा जी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव जाकर भी तैयारियों को परखा तथा गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र व राज्य की खुशहाली तथा समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के भ्रमण के मौके पर राज्य के शीतकालीन पर्यटन स्थलों एवं स्थानीय उत्पादों व हस्त शिल्प पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित करने की तैयारी की गई है। इसके साथ ही उत्तरकाशी जिले के सीमांत क्षेत्र के अनछुए व अद्भृत पर्यटन स्थलों में साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए जादुंग , पीडीए तक मोटरबाइक व एटीवी-आरटीवी रैली तथा जनकताल एवं मुलिंगला तक के लिए ट्रैकिंग अभियानों को भी फ्लैग ऑफ कराए जाने की तैयारी की गई है।

इस अवसर पर विधायक उत्तरकाशी सुरेश चौहान, पुलिस श्रीमती सरिता डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, अपर जिलाधिकारी पीएल शाह, प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि हरीश पांगती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

देहरादून 24 फरवरी,गिरि गौरव ब्यूरो-मुख्यमंत्री उत्तराखंड  पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को महासू मंदिर परिसर में आयोजित सां...
24/02/2025

देहरादून 24 फरवरी,
गिरि गौरव ब्यूरो-
मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को महासू मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। उन्होंने जौनसार बावर की संस्कृति पर आधारित विभिन्न लोक नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वयं भी हारूल तांदी लोकनृत्य किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी बांटा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विरासत के साथ विकास को आगे बढ़ा रही है। एक ओर जहां मंदिर परिसर का भव्य निर्माण कार्य कर हम विकास करेंगे वहीं इससे हमारी देवभूमि की विरासत भी संरक्षित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम अपनी लोक संस्कृति को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, जिला पंचायत सदस्य मठोर सिंह चौहान, एंव अन्य लोग मौजूद रहे।

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16/11/2024

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10/11/2023
उत्तराखंड को प्रधानमंत्री ने दी 4200 करोड़ की सौगात गिरि गौरव,पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 04 हजार 200 करोड़ ...
13/10/2023

उत्तराखंड को प्रधानमंत्री ने दी 4200 करोड़ की सौगात

गिरि गौरव,

पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 04 हजार 200 करोड़ रूपये की सौगात दी। पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्य की 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21 हजार 398 पॉलीहाउस निर्माण, उच्च घनत्व वाले सघन सेब बागानों की योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 02 लेन एवं ढलान उपचार के 05 कार्य, राज्य में 32 पुलों का निर्माण, एसडीआरएफ के तहत अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे और बचाव उपकरणों को मजबूत करना, देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का अपग्रेडेशन, बलियानाला, जनपद नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम हेतु उपचार, 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल और कंप्यूटर लैब का निर्माण, सोमेश्वर, अल्मोडा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल, चंपावत में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल ब्लॉक का निर्माण, रूद्रपुर में वेलो-ड्रोम निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान का निर्माण, चार धाम की भांति मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का विकास, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम, हाट कालिका एवं नैना देवी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत 76 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 25 पुल, 09 जिलों में 15 ब्लॉक कार्यालय भवन, केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 03 सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, कौसानी - बागेश्वर रोड, धारी - डोबा - गिरेचिना रोड, नगला - किच्छा एस एच रोड डबल लेन, राष्ट्रीय राजमार्गों को 2 लेन एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य, एन एच 309 बी-अल्मोड़ा- पेट्सल -पनुआनौला - दन्या एन एच - टनकपुर - चल्थी, प्रदेश में 39 पुल एवं देहरादून में यूएसडीएमए भवन, 38 ग्रामीण पंपिंग पेयजल योजनाएं और 03 ट्यूबवेल आधारित पेयजल योजनाएं, 419 ग्रामीण ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, थरकोट, पिथौरागढ़ में कृत्रिम झील, 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से दो अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केदारखंड में मंदिरों तथा पौराणिक स्थलों का विकास हो रहा है। उनकी मानसंखंड की इस यात्रा द्वारा इस क्षेत्र का भी संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत पुनः विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। आज जहां एक ओर देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के समय भारत द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता हो या जी-20 सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाकर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति स्थापित करना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 09 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड भी है। आज नया भारत न केवल एक राष्ट्र के रूप में संपन्न और समर्थ बन रहा है, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले 09 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 01 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेक योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नारायण आश्रम की प्रतिकृति, ऐपण स्टॉल और बोधिसत्व विचार श्रृंखला- एक नई सोच, एक नई पहल पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट उपस्थित थे।

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