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हथियार बनाने के ठिकाने पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लेथ मशीन समेत 55 तरह के सामान बरामददुमका। हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुल...
10/09/2026

हथियार बनाने के ठिकाने पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लेथ मशीन समेत 55 तरह के सामान बरामद

दुमका। हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने हथियार निर्माण से जुड़े एक संदिग्ध ठिकाने का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरीय पदाधिकारी से प्राप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने रामगढ़ मोड़, पीताम्बर लाइन होटल के समीप, मौजा सिलठा स्थित एक पक्के मकान में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, मकान के दो अलग-अलग कमरों से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी, औजार और पिस्टल के विभिन्न पुर्जों जैसे आकार वाले लोहे के कटे हुए हिस्सों समेत कुल 55 प्रकार के सामान बरामद किए गए।छापेमारी हंसडीहा प्रभाग के पुलिस निरीक्षक प्रियंका आनंद के नेतृत्व में की गई। टीम में हंसडीहा थाना प्रभारी पु०अ०नि० अजीत कुमार यादव, जामा थाना प्रभारी पु०अ०नि० अजीत कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी पु०अ०नि० मनीष कुमार, पु०अ०नि० दिलीप हांसदा, दुमका जिला तकनीकी शाखा के कर्मी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अक्षय कुमार (करीब 25 वर्ष), पिता दीपक मरिक को उसके घर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। मामले में शामिल अन्य प्राथमिकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है।

लेथ मशीन से लेकर पिस्टलनुमा पुर्जे तक बरामद
पुलिस की जप्ती सूची में एक बड़ी लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, दो ड्रिल मशीन, मोटर, कट-ऑफ सॉ, एंगल ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन सहित कई मशीनरी शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लोहे के ब्लॉक, ड्रिल बिट, कॉलेट, टूल बिट, वार्नियर कैलिपर, विभिन्न प्रकार के औजार और लोहे के कटे हुए हिस्से बरामद किए गए हैं।बरामद सामान में कुछ लोहे के हिस्से पिस्टल स्लाइड, पिस्टल ग्रिप, पिस्टल बैरल और मैगजीन के आकार के बताए गए हैं। पुलिस ने पिस्टल के बैरल जैसे बने दो लोहे के हिस्से, पिस्टलनुमा संरचनाएं तथा पिस्टल ग्रिप और स्लाइड के आकार से मिलते-जुलते कटे हुए लोहे के हिस्से भी जप्त किए हैं।जप्त सामान में लोहे के कई ब्लॉक, स्क्रैप, हथौड़ी, छेनी, रेती, हेक्साब्लेड, रिंच, ड्रिल बिट और अन्य तकनीकी उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस ने एक सनमाइका से बनी पिस्टल आकार की संरचना भी बरामद की है, जिसके आकार को जप्त किए गए एक लोहे के पिस्टल-ग्रिपनुमा हिस्से से मेल खाता बताया गया है।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद मशीनरी और पुर्जों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था तथा इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हथियार निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों का खुलासा होने की संभावना है।

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लोडर की टक्कर से सुरक्षा गार्ड की दर्दनाक मौत, मुआवजे के इंतजार में परिजन,अस्पताल में मचा कोहरामदुमका।बीजीआर रेलवे साइड ...
10/09/2026

लोडर की टक्कर से सुरक्षा गार्ड की दर्दनाक मौत, मुआवजे के इंतजार में परिजन,अस्पताल में मचा कोहराम

दुमका।बीजीआर रेलवे साइड डंपिंग यार्ड में कार्यरत एक सुरक्षा गार्ड की बीती रात लोडर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मंतोष खिरहर, ग्राम ताराजोरा, थाना जामा, दुमका के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद मंतोष खिरहर को उनके पुत्र और कंपनी के सहयोग से तत्काल दुमका सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंतोष की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उनके परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में मातम का माहौल बना हुआ है।परिजनों के अनुसार, कंपनी की ओर से अब तक किसी तरह की राहत या मुआवजा राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है।वहीं, खबर लिखे जाने तक मृतक के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया था। परिजन मुआवजे और आगे की कार्रवाई को लेकर अस्पताल में इंतजार कर रहे हैं।हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर वाहनों के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों की मांग है कि दुर्घटना की उचित जांच कराई जाए और कंपनी की ओर से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।

Jharkhand Dekho Epaper-10.09.2026
10/09/2026

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कांग्रेस ने जरमुंडी, पोड़ैयाहाट और देवघर विधानसभा के लिए नियुक्त किए नए प्रभारीदुमका। झारखंड प्रदेश कांग्रेस संगठन को मज...
09/09/2026

कांग्रेस ने जरमुंडी, पोड़ैयाहाट और देवघर विधानसभा के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी

दुमका। झारखंड प्रदेश कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और विधानसभा स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से तीन विधानसभा क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने अरबी खातून को जरमुंडी विधानसभा, महेश राम चंद्रवंशी को पोड़ैयाहाट विधानसभा तथा संजीत सिंह को देवघर विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया है।नवनियुक्त प्रभारियों की जिम्मेदारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने तथा पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की होगी। नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा गया।मौके पर सभी नवनियुक्त प्रभारियों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोनिया गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, झारखंड प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का धन्यवाद किया।इसके साथ ही नवनियुक्त प्रभारियों ने विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह , मंत्री इरफान अंसारी जी तथा पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख के प्रति भी आभार जताया।
नवनियुक्त प्रभारियों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया जाएगा। विधानसभा स्तर पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि नए प्रभारियों के अनुभव और सक्रियता से जरमुंडी, पोड़ैयाहाट और देवघर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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■हरतालिका तीज : व्रत एक दिन का, साथ जीवनभर का●परंपरा की देहरी से साझेदारी तक पहुंचा तीज का पर्व, अब पति की दीर्घायु के स...
09/09/2026

■हरतालिका तीज : व्रत एक दिन का, साथ जीवनभर का

●परंपरा की देहरी से साझेदारी तक पहुंचा तीज का पर्व, अब पति की दीर्घायु के साथ पत्नी के स्वास्थ्य, सम्मान और सपनों की भी हो मंगलकामना

कुंदन झा
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक,दुमका।

झारखण्ड देखो,डेस्क:भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया। घर-आंगन में उत्सव की तैयारी। हाथों में मेहंदी, माथे पर सिंदूर, चूड़ियों की खनक और लोकगीतों की मिठास। कहीं बेटी के मायके लौटने की खुशी है तो कहीं मां उसकी राह निहार रही है। इसी भावभूमि पर आती है हरतालिका तीज—आस्था, श्रृंगार, प्रेम और स्त्री के मन की अनेक परतों को अपने भीतर समेटे हुए एक विशिष्ट लोकपर्व।

परंपरा में विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य की कामना से यह व्रत रखती हैं। अविवाहित युवतियां भी मनचाहे जीवनसाथी की कामना से तीज करती हैं। लेकिन तीज की कहानी केवल पति की लंबी उम्र की कामना तक सीमित नहीं है। इसके भीतर प्रेम है, तपस्या है, संकल्प है और अपनी पसंद के जीवनसाथी को पाने की आकांक्षा भी है।

#पार्वती की तपस्या से निकली कथा

हरतालिका तीज की पौराणिक मान्यता माता पार्वती और भगवान शिव से जुड़ी है। लोकमान्यता के अनुसार पार्वती भगवान शिव को अपना जीवनसाथी मान चुकी थीं, लेकिन उनके पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से करना चाहते थे। अपनी इच्छा के विरुद्ध विवाह से बचने के लिए उनकी सखी उन्हें वन में ले गईं। वहां पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की।

इसी प्रसंग से ‘हरतालिका’ नाम जुड़ा माना जाता है—‘हरत’ अर्थात हरकर या ले जाकर और ‘आलिका’ अर्थात सखी।

धार्मिक दृष्टि से यह कथा आस्था का विषय है, लेकिन आधुनिक नजरिए से देखें तो इसमें अपनी पसंद और अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने की इच्छा का एक महत्वपूर्ण मानवीय पक्ष भी दिखाई देता है। इस अर्थ में पार्वती की कथा केवल तपस्या की कथा नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और अपनी इच्छा के प्रति प्रतिबद्धता की कहानी भी है।

#व्रत के पीछे छिपी है प्रेम की सरल भावना

तीज का व्रत कठिन हो सकता है, लेकिन इसके पीछे की भावना बेहद सरल है—जिसे जीवनसाथी माना है, वह स्वस्थ रहे, सुखी रहे और दीर्घायु हो।

यही भावना इस पर्व को भावनात्मक गहराई देती है। पूजा में शिव-पार्वती की आराधना, तीज व्रत की कथा, आरती, मेहंदी और सुहाग की वस्तुओं का अर्पण—ये सभी उसी मंगलकामना के अलग-अलग प्रतीक हैं।

लेकिन आधुनिक समाज के सामने यहां एक स्वाभाविक सवाल भी खड़ा होता है—जब जीवन साथ-साथ जीना है तो मंगलकामना भी क्या एकतरफा होनी चाहिए?

#पुरुष क्यों नहीं रखें तीज?

तीज मुख्यतः महिलाओं का व्रत बन गया है। इसके पीछे भारतीय समाज की वह पारंपरिक संरचना रही है, जिसमें पत्नी से पति की दीर्घायु और परिवार के लिए त्याग की अपेक्षा अधिक की जाती थी।

हालांकि पुरुषों के लिए तीज का व्रत रखना कोई सार्वभौमिक धार्मिक निषेध नहीं है। यह मुख्यतः सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का विषय है। ऐसे में यदि कोई पति अपनी पत्नी के स्वास्थ्य, सुख और दीर्घायु की कामना से व्रत रखता है, तो वह तीज की मूल भावना—प्रेम और मंगलकामना—को ही आगे बढ़ाता है।

आखिर पत्नी पति के लिए प्रार्थना कर सकती है तो पति पत्नी के लिए क्यों नहीं?

यह सवाल परंपरा को चुनौती देने के लिए नहीं, बल्कि रिश्तों में समानता और साझेदारी को समझने के लिए है।

#तीज केवल पूजा नहीं, स्त्री का अपना संसार भी

तीज का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसके लोक-सांस्कृतिक रूप में दिखाई देता है। मायके जाना, बहनों और सखियों से मिलना, झूला झूलना, मेहंदी लगाना और लोकगीत गाना—ये सब स्त्री को उसके सामाजिक और भावनात्मक संसार से जोड़ते हैं।

पुराने तीज गीतों को ध्यान से सुनें तो उनमें केवल श्रृंगार नहीं मिलता। उनमें मायके की याद है, ससुराल का अनुभव है, पति की प्रतीक्षा है और कई बार ऐसी पीड़ा भी है, जिसे स्त्री सीधे शब्दों में कह नहीं पाती।

इस दृष्टि से तीज के लोकगीत स्त्री के मौन की आवाज भी हैं। वे उसके सुख-दुख, उम्मीदों, शिकायतों और भावनाओं को अभिव्यक्ति देते रहे हैं।

#समय बदला तो तीज का अर्थ भी बदलना चाहिए

आज की महिला केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है। वह शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय और सामाजिक जीवन में बराबर की भागीदारी निभा रही है। ऐसे में तीज का अर्थ भी व्यापक होना स्वाभाविक है।

पति की दीर्घायु की कामना के साथ पत्नी के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना भी हो। पति के सपनों का सम्मान हो तो पत्नी के सपनों का भी। पति घर की जिम्मेदारी उठाए तो पत्नी की मेहनत और योगदान को भी बराबर मान्यता मिले।

यही वह रास्ता है, जो तीज को परंपरा से आधुनिकता की ओर ले जा सकता है।

#व्रत से बड़ा है एक-दूसरे का ख्याल

किसी महिला का दिनभर भूखा-प्यासा रहना उसकी आस्था का प्रतीक हो सकता है, लेकिन प्रेम का सबसे बड़ा प्रमाण जरूरी नहीं।

कई बार पत्नी के लिए पति का एक छोटा-सा सहयोग उससे बड़ा व्रत बन जाता है—घर के काम में हाथ बंटाना, उसकी थकान समझना, उसकी बात ध्यान से सुनना, उसके निर्णय का सम्मान करना या उसके सपनों के रास्ते में साथी बनकर खड़ा होना।

और यदि तीज के दिन पति अपनी पत्नी से कहे—“मेरे लिए अपने स्वास्थ्य को मत बिगाड़ो, तुम्हारा स्वस्थ रहना ही मेरे लिए सबसे जरूरी है”—तो शायद प्रेम की इससे सुंदर अभिव्यक्ति मुश्किल है।

#आस्था के साथ विवेक भी जरूरी

निर्जला उपवास तीज की प्रचलित परंपरा है, लेकिन हर व्यक्ति की स्वास्थ्य-स्थिति अलग होती है। बीमारी, गर्भावस्था, उम्र या अन्य परिस्थितियों में कठोर उपवास उचित नहीं हो सकता।

आस्था का अर्थ शरीर को कष्ट देना ही नहीं है। अपनी स्वास्थ्य-स्थिति को समझते हुए श्रद्धा निभाना भी उतना ही सार्थक है। पर्व की पवित्रता तभी सार्थक है, जब उसके साथ जीवन और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता भी जुड़ी हो।

#परंपरा रहे, लेकिन उसमें समय की धड़कन भी सुनाई दे

परंपरा को बचाने का अर्थ यह नहीं कि उसके हर पुराने रूप को ज्यों का त्यों बनाए रखा जाए। परंपरा तभी जीवित रहती है, जब वह नए समय से संवाद करती है।

तीज में झूले रहें, मेहंदी रहे, लोकगीत रहें, शिव-पार्वती की पूजा रहे और मायके की मिठास भी बनी रहे—लेकिन इसके साथ बराबरी, सम्मान और साझेदारी भी आए।

क्यों न इस तीज पर पत्नी पति के लिए व्रत रखे और पति पत्नी के लिए एक संकल्प ले?

संकल्प—उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने का।
उसके सपनों का सम्मान करने का।
घर की जिम्मेदारियां बांटने का।
और जीवन के कठिन मोड़ पर उसका हाथ थामे रहने का।

Jharkhand Dekho Epaper-09.09.2026
09/09/2026

Jharkhand Dekho Epaper-09.09.2026

जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर दुमका में भाजपा का हल्लाबोल, डीसी कार्यालय घेरकर सीबीआई जांच की मांगबाबूलाल मरांडी का बड़ा ...
08/09/2026

जेपीएससी-जेएसएससी गड़बड़ी पर दुमका में भाजपा का हल्लाबोल, डीसी कार्यालय घेरकर सीबीआई जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला—छात्रों पर दर्ज FIR वापस हो, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई

दुमका। जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को दुमका में जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने यज्ञ मैदान से रैली निकाली, जो टीन बाजार और नीचे बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय का घेराव कर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रतिभा के दम पर रोजगार हासिल करने की उम्मीद रखने वाले झारखंड के युवाओं को लगातार निराशा हाथ लग रही है।भाजपा ने सरकार से मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाए। साथ ही आंदोलन के दौरान छात्रों पर विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर तत्काल वापस लेने तथा कथित रूप से दोषी अधिकारियों एवं आयोग के सदस्यों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ मारपीट की गई और उन्हीं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने से सच्चाई नहीं छिपाई जा सकती। सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना होगा।उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और पूरे मामले की सीबीआई जांच शुरू नहीं होती, भाजपा चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीबीआई जांच से बचने का प्रयास कर रही है।भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता युवाओं का अधिकार है। भाजपा का आंदोलन लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय की मांग को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को न्याय मिलने तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुनील सोरेन, अभयकांत प्रसाद, परितोष सोरेन, सुरेश मुर्मू, गौरवकांत, सीताराम पाठक, पिंटू अग्रवाल, अमिता रक्षित समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।भाजपा नेताओं ने उपायुक्त के नाम मांगपत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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Jharkhand Dekho Epaper-08.09.2026
08/09/2026

Jharkhand Dekho Epaper-08.09.2026

12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला जज ने कसी कमर, पुलिस प्रशासन के साथ बनाई रणनीतिलोक अदालत में ज्यादा से ज्य...
07/09/2026

12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला जज ने कसी कमर, पुलिस प्रशासन के साथ बनाई रणनीति

लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मामलों के निपटारे की तैयारी, जिला जज ने पुलिस प्रशासन को दिए निर्देश

दुमका:आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितम्बर के सफल एवं प्रभावी आयोजन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका, सुधांशु कुमार शशि की अध्यक्षता में पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई।बैठक के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है, जिससे पक्षकारों के समय एवं धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायपालिका के साथ-साथ पुलिस प्रशासन एवं सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में आम लोगों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, पारा लीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने तथा विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से समय पर नोटिस तमिल के साथ आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान समाज में आपसी भाईचारा एवं विश्वास बढ़ाने में भी सहायक है।बैठक में पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
#झारखण्ड_देखो_दुमका

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07/09/2026

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