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12/04/2026

प्रस्तावना:
देश की आज़ादी लाखों वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई, आज उन्हीं के आदर्शों से समाज दूर होता नजर आ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि जहां एक ओर हमें उनके विचारों और कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर हम अंधविश्वास जैसी कुरीतियों में उलझते जा रहे हैं।
शहीदों का योगदान:
Bhagat Singh, Chandrashekhar Azad, Subhas Chandra Bose और Mahatma Gandhi जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
किसी ने हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया, तो किसी ने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया, वहीं कुछ ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर आज़ादी की लड़ाई को मजबूत किया। इन सभी का उद्देश्य केवल एक था – एक स्वतंत्र, जागरूक और मजबूत भारत का निर्माण।
वर्तमान स्थिति पर सवाल:
आज के समय में समाज का एक बड़ा वर्ग अंधविश्वास, झूठी मान्यताओं और बिना तर्क के विश्वासों में फंसता जा रहा है। शिक्षा और जागरूकता के बावजूद लोग छोटी-छोटी बातों में टोना-टोटका, झाड़-फूंक और अफवाहों पर भरोसा कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल समाज को कमजोर करती है, बल्कि देश के विकास में भी बाधा बनती है।
सोच में बदलाव की जरूरत:
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हम सच में शहीदों का सम्मान करना चाहते हैं, तो हमें उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाना होगा।
तर्क, विज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देना होगा और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों से दूर रहना होगा।
निष्कर्ष:
देश तभी सुरक्षित और मजबूत रह सकता है जब उसके नागरिक जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार हों। शहीदों का बलिदान तभी सार्थक होगा जब हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें और समाज को अंधविश्वास से मुक्त करें।
आज जरूरत है कि हम अपने इतिहास को याद करें, उससे सीख लें और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

28/03/2026

वीडिटियर में सुरक्षा सख्त: तीन दर्जन वॉच टावर और सैकड़ों कैमरों से हो रही निगरानी
दमोह | प्रदेश के प्रमुख वन क्षेत्र वीडिटियर में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर व्यापक और आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अलग-अलग चौकियों पर करीब तीन दर्जन वॉच टावर स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से कई किलोमीटर दूर तक निगरानी की जा रही है।
करीब 2339 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विशाल रिजर्व क्षेत्र में संवेदनशील और वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों में सैकड़ों ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे लगातार सक्रिय रहते हैं और हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते हैं, जिससे वन्यजीवों की मूवमेंट के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की गश्ती टीमें भी दिन-रात अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं। ये टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेती हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करती हैं। इस संयुक्त व्यवस्था से रिजर्व क्षेत्र की सुरक्षा पहले की तुलना में और अधिक मजबूत हुई है।
सुरक्षा के प्रमुख इंतजाम:
रिजर्व क्षेत्र में 35 वॉच टावर स्थापित
नौरादेही क्षेत्र में 600 से अधिक ट्रैप कैमरे सक्रिय
300 से ज्यादा वनकर्मी लगातार गश्त पर तैनात
हाथी दल की विशेष तैनाती, कठिन इलाकों में निगरानी में सहायक
कंट्रोल रूम और वायरलेस सिस्टम के माध्यम से सतत संपर्क
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक निगरानी व्यवस्था लागू होने से जहां वन्यजीवों का संरक्षण बेहतर हुआ है, वहीं अवैध शिकार जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगा है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

06/03/2026

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध के माहौल के बीच भारत को दूरगामी और संतुलित रणनीति अपनानी होगी।

दरअसल, इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा करना है। खाड़ी क्षेत्र और मध्य-पूर्व के कई देशों में लगभग 90 लाख से लेकर एक करोड़ तक भारतीय नागरिक काम करते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े संघर्ष का सीधा असर इन भारतीयों की सुरक्षा, तेल व्यापार और आर्थिक हितों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को इस स्थिति में जल्दबाजी के बजाय कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना होगा। क्योंकि एक ओर जहां क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है, वहीं भारत के कई देशों के साथ व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक संबंध भी जुड़े हुए हैं।
इसलिए सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि
भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए, विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करे।
युद्ध की स्थिति में दुनिया के हर देश को अपने नागरिकों और हितों को प्राथमिकता देनी पड़ती है। भारत के लिए भी यही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वह अपने लोगों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले।

25/01/2026

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