03/09/2026
बाढ़ में लापता हुई बेटी को खोजने निकला पिता, 30 हजार रुपये उधार लेकर पहुंचा चितवन
‘कर्ज चुकाने के लिए होटल में काम करने गई थी बेटी… अब उसे ढूंढने के लिए कर्ज लेना पड़ा’
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। कई लोग अपनों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। इसी बीच बांके निवासी तिलक घर्ती मगर की कहानी सामने आई है, जो अपनी 28 वर्षीय बेटी जानकी को खोजने के लिए 30 हजार रुपये उधार लेकर घर से निकले हैं।
जानकी बाढ़ आने के बाद से लापता है। पिता तिलक ने बताया कि बेटी करीब छह सप्ताह पहले काम के सिलसिले में रसुवा गई थी, जहां वह एक होटल में काम कर रही थी।
विदेश जाने की तैयारी थी, लेकिन ठगी का शिकार हुई
तिलक के मुताबिक, जानकी विदेश जाने की तैयारी कर रही थी। उसने विदेश भेजने की प्रक्रिया के लिए एक दलाल को पैसे दिए थे, लेकिन कथित तौर पर दलाल वह रकम लेकर फरार हो गया। इसके बाद जानकी पर कर्ज चुकाने का दबाव था और इसी वजह से वह काम करने के लिए रसुवा चली गई थी।
लेकिन बाढ़ के बाद अचानक उसका परिवार से संपर्क टूट गया।
बेटी की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा पिता
बेटी के लापता होने की खबर मिलने के बाद तिलक का मन घर पर नहीं लगा। उन्होंने अपनी बेटी को खोजने के लिए 30 हजार रुपये उधार लिए और चितवन पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को जानकी का नाम और उसकी तस्वीर भी उपलब्ध कराई। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों में जाकर बेटी के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।
सड़कें बंद, बाढ़ का खतरा… अब लौटने को मजबूर
बाढ़ के कारण कई रास्ते बंद हैं और कई इलाकों में अभी भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में रिश्तेदारों ने तिलक को वापस घर लौटने की सलाह दी है।
पिता के सामने अब सबसे बड़ी मजबूरी यही है कि बेटी का कोई सुराग मिले बिना वह घर कैसे लौटें।
तिलक का कहना है कि शायद अब उनके पास वापस जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
नेपाल में आई इस आपदा ने कई परिवारों को इसी तरह अपनों की तलाश में भटकने के लिए मजबूर कर दिया है। हर परिवार की उम्मीद अब इसी बात पर टिकी है कि लापता लोगों का जल्द से जल्द पता चले और वे अपने घर वापस लौट सकें।
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