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☀️ सौर ऊर्जा क्रांति: मुख्यमंत्री धामी ने 'सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका' का किया विमोचन; 2 साल में 10 गुना बढ़ी उत्तरा...
28/05/2026

☀️ सौर ऊर्जा क्रांति: मुख्यमंत्री धामी ने 'सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका' का किया विमोचन; 2 साल में 10 गुना बढ़ी उत्तराखंड की सोलर क्षमता

देहरादून (28 मई, 2026): उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और हरित राज्य बनाने की दिशा में धामी सरकार को एक और बड़ी ऐतिहासिक सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का भव्य विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया।

📈 मात्र 2 वर्षों में 10 गुना बढ़ी सौर ऊर्जा क्षमता

मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 से लेकर अब तक (2026) मात्र दो वर्षों के भीतर उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता में लगभग 10 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।

रेजिडेंशियल रूफटॉप: उत्तराखंड अब तक लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहा है।

लक्ष्य से आगे: राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य समय से पूर्व ही हासिल कर लिया है, जिसके तहत कुल निर्धारित संयंत्रों का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।

🏆 'पीएम सूर्य घर योजना' में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में सौर ऊर्जा को आने वाली पीढ़ी के लिए परम आवश्यक बताते हुए सीएम ने कहा:

देश के लिए प्रेरणा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित 'पीएम सूर्य घर योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते आज उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शुमार हो चुका है।

टीम उत्तराखंड की सराहना: इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सीएम धामी ने यूपीसीएल (UPCL), ऊरेडा (UREDA), पिटकुल (PITCUL) और क्षेत्रीय अधिकारियों के समन्वित प्रयासों की पीठ थपथपाई।

🎭 'सौर कौथिग' और जन-जागरूकता से आई स्वच्छ ऊर्जा क्रांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सोलर पैनल लगाना नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को इस स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है।

जागरूकता अभियान: राज्य में आयोजित 'सौर कौथिग' (व्यापक जन-जागरूकता अभियान), नुक्कड़ नाटकों और अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश के कोने-कोने में सौर ऊर्जा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

जनता को दोहरा लाभ: सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के बिजली के बिल (विद्युत व्यय) में भारी कमी आएगी और साथ ही देवभूमि के पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

👥 विमोचन कार्यक्रम में ये वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक जगत के कई बड़े चेहरे उपस्थित रहे, जिनमें:

विधायक श्री सुरेश गड़िया

प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम

सचिव श्री विनय शंकर पांडेय

CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष

पिटकुल के प्रबंध निदेशक (MD) डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायक और आदर्श मॉडल (Model State) के रूप में स्थापित होगा।

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28/05/2026

🌙 देशभर में ईद-उल-फितर की धूम; मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, गले मिलकर दी मुबारकबाद

देहरादून: पूरे देश सहित उत्तराखंड में आज ईद-उल-फितर का पवित्र त्योहार बेहद हर्षोल्लास, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही विभिन्न शहरों की प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों का तांता लगा रहा, जहां हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ मिलकर ईद की विशेष नमाज अदा की और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी।

✨ रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे, हर तरफ उल्लास

दिखा भारी उत्साह: सुबह से ही लोग पारंपरिक रंग-बिरंगे कपड़ों और नए कुर्ते-पाजामे में सजे-धजे नजर आए। त्योहार को लेकर बड़ों के साथ-साथ विशेषकर बच्चों में भारी उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है।

गले मिलकर दी बधाई: नमाज मुकम्मल होने के बाद मस्जिदों के बाहर और घरों में लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर "ईद मुबारक" कहा। हर तरफ खुशियों का माहौल है और लोग एक-दूसरे के घर जाकर सेंवइयां और पकवानों का लुत्फ उठा रहे हैं।

🕌 देहरादून में भी अकीदतमंदों ने मांगी अमन की दुआ

राजधानी देहरादून में भी ईद की रौनक चारों तरफ बिखरी नजर आ रही है। देहरादून की मुख्य ईदगाह और मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ जुटी। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।

👮 सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, पुलिस बल मुस्तैद

त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

ड्रोन और सीसीटीवी से नजर: संवेदनशील इलाकों और प्रमुख ईदगाहों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।

ट्रैफिक डायवर्जन: नमाज के समय मस्जिदों के रूट पर यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, जिससे अकीदतमंदों और आम जनता को कोई असुविधा न हो।

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🏛️ देहरादून कलेक्ट्रेट में DM का औचक छापा: जिला आपदा केंद्र और रिकॉर्ड रूम का लिया जायजा; सुस्त कार्यप्रणाली पर अधिकारिय...
26/05/2026

🏛️ देहरादून कलेक्ट्रेट में DM का औचक छापा: जिला आपदा केंद्र और रिकॉर्ड रूम का लिया जायजा; सुस्त कार्यप्रणाली पर अधिकारियों को दी चेतावनी

देहरादून (26 मई 2026): जिला प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए नवनियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान पूरी तरह एक्शन में आ चुके हैं. मंगलवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न अनुभागों, रिकॉर्ड रूम और जिला आपदा परिचालन केंद्र का अचानक औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यसंस्कृति में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए.

⏱️ जनसमस्याओं का हो तुरंत समाधान, फाइलों को न लटकाएं

कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता के काम में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी:

संवेदनशील व्यवहार: दफ्तरों में अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम नागरिकों और बुजुर्गों के साथ कर्मचारी शालीनता और संवेदनशीलता से पेश आएं.

समयबद्ध निस्तारण: जनशिकायतों और प्रार्थना पत्रों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ किया जाए. शासन की मंशा के अनुरूप हर जरूरतमंद को त्वरित न्याय मिलना चाहिए.

अभिलेखों का रखरखाव: सभी अनुभागों में फाइलों और दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर पत्रावलियां तुरंत मिल सकें. पटल पर अनावश्यक रूप से पेंडिंग पड़े मामलों की समीक्षा कर उन्हें जल्द निपटाया जाए.

🗂️ रिकॉर्ड रूम का होगा डिजिटलाइजेशन

निरीक्षण के दौरान डीएम रिकॉर्ड रूम भी पहुंचे. उन्होंने पुरानी और महत्वपूर्ण फाइलों को श्रेणीवार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए. कलेक्ट्रेट को और आधुनिक व पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण (Digitization) करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने पूरे परिसर में नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने की बात कही.

⛈️ मानसून को लेकर आपदा केंद्र अलर्ट; दुर्गम गांवों की बनेगी नई सूची

आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र की तैयारियों को बारीकी से परखा. उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अग्रिम सुरक्षा के निर्देश दिए:

संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग: अतिवृष्टि और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की अद्यतन (Updated) सूची तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.

संचार व्यवस्था का परीक्षण: जिले के ऐसे सुदूरवर्ती और दुर्गम गांव जहां पहुंचने के लिए पैदल दूरी तय करनी पड़ती है, वहां से संपर्क साधने के लिए सैटेलाइट फोन, संचार उपकरणों और वैकल्पिक मार्गों की नियमित जांच की जाए.

विभागीय समन्वय: डीएम ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ 24 घंटे मुस्तैद रहें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके.

👥 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे मुख्य अधिकारी

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी (मुख्यालय) अपूर्वा सिंह और उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित कलेक्ट्रेट के सभी पटल प्रभारी व कर्मचारी उपस्थित रहे.

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सीएम धामी ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देहरादून से DM पद से हटाए गए सवीन बंसल आशीष चौहान क़ो देहरादून की जिम्मेदारी गढ़वाल...
23/05/2026

सीएम धामी ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

देहरादून से DM पद से हटाए गए सवीन बंसल

आशीष चौहान क़ो देहरादून की जिम्मेदारी

गढ़वाल आयुक्त से हटाए गए विनय शंकर पाण्डेय

बैंकॉक/नई दिल्ली: थाईलैंड जाने का मन बना रहे भारतीय पर्यटकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। थाईलैंड सरकार ने हाल ह...
23/05/2026

बैंकॉक/नई दिल्ली: थाईलैंड जाने का मन बना रहे भारतीय पर्यटकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। थाईलैंड सरकार ने हाल ही में अपनी वीजा नीति में बड़ा फेरबदल किया है।

कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन उद्योग को रफ्तार देने के लिए शुरू की गई 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा को अब आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया गया है।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 19 मई को हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और नियमों के दुरुपयोग को देखते हुए इस योजना को वापस लेने की मंजूरी दी गई है। 🔄 नए नियमों के तहत अब क्या बदलाव हुए हैं?पहले भारतीय नागरिक बिना किसी वीजा झंझट के 60 दिनों तक थाईलैंड में घूम सकते थे। लेकिन अब नए संशोधनों के तहत भारत को इस लिस्ट से बाहर कर दिया गया है:

वीजा ऑन अराइवल (VoA) कैटेगरी:

भारत को अब अजरबैजान, बेलारूस और सर्बिया के साथ वापस 'वीजा ऑन अराइवल' श्रेणी में डाल दिया गया है। सिर्फ 15 दिनों का स्टे: इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, अब भारतीय पर्यटक थाईलैंड में अधिकतम 15 दिनों तक ही रुक सकेंगे। (नोट: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वास्तविक नियमों के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर यह अवधि 30 दिन भी हो सकती है, लेकिन वर्तमान में इसे VoA के तहत 15 दिन तय किया गया है)।

वीजा फीस लागू: पहले जहां एंट्री पूरी तरह फ्री थी, अब थाईलैंड के एयरपोर्ट पर पहुंचने पर प्रति व्यक्ति 2,000 थाई बाट (लगभग 4,500 से 6,000 भारतीय रुपये) की वीजा फीस चुकानी होगी।

🌍 अन्य देशों के लिए क्या हैं नियम?थाईलैंड ने वैश्विक पर्यटकों के लिए एंट्री सिस्टम को पूरी तरह रीस्ट्रक्चर कर दिया है:

30-दिन की वीजा छूट: अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर और कई यूरोपीय देशों सहित 54 देशों को अब केवल 30 दिनों की वीजा छूट मिलेगी।

15-दिन की वीजा छूट: मालदीव, सेशेल्स और मॉरीशस जैसे देशों के लिए अलग से 15 दिन की व्यवस्था की गई है। रेसिप्रोकल (पारस्परिक) वीजा छूट:

90 दिन: अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, पेरू और दक्षिण कोरिया।

30 दिन: चीन, रूस, हांगकांग, कजाकिस्तान, लाओस, मकाऊ और तिमोर-लेस्ते। 14 दिन: कंबोडिया और म्यांमार (केवल हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए)।

🛑 थाईलैंड सरकार ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?

थाईलैंड के पर्यटन और खेल मंत्री सुरसाक फानचारोनवोराकुल के अनुसार, उदार वीजा नीति का कुछ विदेशी तत्वों द्वारा गलत फायदा उठाया जा रहा था: अपराधों में बढ़ोतरी: पिछले कुछ महीनों में कई विदेशी नागरिकों को नशीले पदार्थों की तस्करी, सेक्स ट्रैफिकिंग और अवैध व्यापारिक गतिविधियों में शामिल पाया गया।

अवैध व्यापार: कई लोग टूरिस्ट वीजा पर आकर बिना परमिट के अवैध रूप से होटल, रेस्तरां और स्कूल संचालित कर रहे थे। इसी 'ओवरस्टे' और सुरक्षा चिंताओं के कारण सरकार को नियमों को कड़ा करना पड़ा।

📋 भारतीय पर्यटकों को अब किन बातों का रखना होगा ध्यान?यदि आप आने वाले दिनों में थाईलैंड जा रहे हैं, तो एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों और असुविधा से बचने के लिए इन बातों को सुनिश्चित कर लें:

अनिवार्य दस्तावेज: आपके पास कन्फर्म रिटर्न टिकट (15 दिनों के भीतर का), होटल बुकिंग के दस्तावेज और पासपोर्ट साइज फोटो होने चाहिए। फंड का

प्रमाण: थाईलैंड इमिग्रेशन काउंटर पर प्रति व्यक्ति कम से कम 10,000 थाई बाट (या प्रति परिवार 20,000 थाई बाट) की नकदी (Cash) दिखानी पड़ सकती है।

TDAC फॉर्म: यात्रा से पहले थाईलैंड डिजिटल अराइवल कार्ड (TDAC) को ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर दिया गया है। 💡

टिप: यदि आप 15 दिनों से अधिक समय के लिए थाईलैंड जाना चाहते हैं या एयरपोर्ट पर 'वीजा ऑन अराइवल' की लंबी कतारों से बचना चाहते हैं, तो भारत से ही ऑनलाइन थाईलैंड ई-वीजा (e-Visa) के लिए अप्लाई करना एक बेहतर विकल्प है, जो आपको 60 दिनों तक के स्टे की अनुमति देता है।

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23/05/2026

🪓 हल्द्वानी: टांडा जंगल में रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड; शराब के नशे में साथी वॉचर की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर निर्मम हत्या

हल्द्वानी: लालकुआं-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित टांडा जंगल से देर रात एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ वन विभाग में पौधों की रखवाली के लिए संविदा पर तैनात एक प्लांटेशन वॉचर की उसके ही साथी ने कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

🩸 शराब के नशे में हुआ खूनी खेल

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना टांडा रेंज के भीतर बने वॉच टावर/डेरे के पास की है:

मृतक की पहचान: मृतक की पहचान 50 वर्षीय मेवा लाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था। मेवा लाल टांडा रेंज में वन विभाग के तहत संविदा पर प्लांटेशन वॉचर के पद पर कार्यरत था।

बहस से शुरू हुआ विवाद: बताया जा रहा है कि देर रात मेवा लाल और उसके साथी तिवारी सिंह के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। दोनों ने अत्यधिक शराब पी रखी थी।

कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार: देखते ही देखते दोनों का आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि तैश में आकर तिवारी सिंह ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और मेवा लाल की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुल्हाड़ी के गहरे घाव लगने के कारण अत्यधिक खून बह गया और मेवा लाल की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

🚓 मौके पर पहुंची पुलिस; टीमें गठित

जंगल के भीतर हत्याकांड की सूचना मिलते ही हल्द्वानी कोतवाली पुलिस और टीपीनगर चौकी पुलिस की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद लहूलुहान शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद से ही आरोपी तिवारी सिंह फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने तत्काल अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं।

🗣️ एसपी सिटी का बयान: जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए हल्द्वानी एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया:

"प्रथम दृष्टया यह मामला शराब के नशे में हुए आपसी विवाद का लग रहा है। आरोपी तिवारी सिंह ने कुल्हाड़ी से काटकर मेवा लाल की हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। आरोपी के संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"

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23/05/2026

🚨 रुड़की: 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम बना अखाड़ा; हाथ में ईंट लेकर ग्रामीणों की तरफ दौड़े राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, वीडियो वायरल

रुड़की: झबरेड़ा थाना क्षेत्र के झबरेड़ी खुर्द गांव में आयोजित "सरकार आपके द्वार" कार्यक्रम के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद जमकर धक्का-मुक्की हो गई. इस हाईप्रोफाइल ड्रामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें माननीय मंत्री जी हाथ में ईंट लेकर ग्रामीणों की तरफ बढ़ते दिखाई दे रहे हैं. घटना के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच चुका है.

🎵 भीम आर्मी का गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, झबरेड़ी खुर्द गांव में राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल बहुद्देश्यीय शिविर लगाकर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहे थे. कार्यक्रम के दौरान विवाद की शुरुआत एक राजनीतिक दल का गाना बजाने को लेकर हुई:

मोबाइल छीनने का आरोप: ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री के गांव भ्रमण के दौरान एक युवक ने अपने मोबाइल फोन पर 'भीम आर्मी' से जुड़ा गाना बजाना शुरू कर दिया और नारेबाजी की.

कॉलर पकड़ा: आरोप है कि इससे नाराज होकर मंत्री देशराज कर्णवाल ने युवक का मोबाइल छीन लिया और उसका कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद मंत्री समर्थक और ग्रामीण आमने-सामने आ गए.

इसी बीच मौके पर भारी अफरातफरी मच गई. वायरल वीडियो में मंत्री देशराज कर्णवाल हाथ में ईंट उठाए ग्रामीणों की ओर आक्रामक अंदाज में बढ़ते दिखे, जबकि उनकी पत्नी वैजयंती माला भी एक युवक के साथ तीखी बहस करती नजर आईं.

🗣️ आजाद समाज पार्टी का पलटवार: "सत्ता के नशे में की गुंडागर्दी"

इस घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी के नेता महक सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सत्तापक्ष पर हमला बोलते हुए कहा:

"सत्ता के नशे में चूर होकर मंत्री और उनके समर्थकों ने हमारे कार्यकर्ता के साथ बेरहमी से मारपीट की है. दलित युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. देवभूमि में इस तरह की सरकारी गुंडागर्दी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

🛡️ मंत्री और उनकी पत्नी का दावा: "कार्यक्रम को फ्लॉप करने की रची गई साजिश"

वहीं, दूसरी ओर राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल ने विपक्ष के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है. उन्होंने कहा:

व्यवधान डालने की कोशिश: कुछ विरोधी तत्वों द्वारा जानबूझकर युवाओं को भड़काकर भेजा गया था ताकि जनता की समस्याओं के लिए लगाए गए इस शिविर को खराब किया जा सके. युवक तेज आवाज में राजनीतिक गाने बजाकर हुड़दंग कर रहा था.

महिलाओं से अभद्रता: मंत्री की पत्नी वैजयंती माला ने आरोप लगाया कि हुड़दंगियों ने वहां मौजूद महिलाओं और उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया. जब उनके ड्राइवर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसके साथ भी मारपीट की गई.

📞 पुलिस जांच में जुटा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

इस पूरे बवाल ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है. दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ झबरेड़ा थाने में लिखित तहरीर दी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिल चुकी हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की जा रही है, जिसके बाद नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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22/05/2026

झबरेड़ी खुर्द में बहुद्देशीय शिविर के दौरान दो पक्षों में मारपीट, पुलिस ने संभाला मामला सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल

हरिद्वार के झबरेड़ी खुर्द गांव में आयोजित बहुद्देशीय शिविर के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ने से जमकर मारपीट हो गई। घटना के समय दर्जाधारी देशराज कर्णवाल और उनकी पत्नी वैजयंती माला भी मौके पर मौजूद थीं।

जानकारी के अनुसार, भीम आर्मी से जुड़े कुछ लोगों द्वारा डीजे बजाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। कार्यक्रम स्थल पर अचानक माहौल बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई और लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई।

मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया।

घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचने लगे और मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। बताया जा रहा है कि वैजयंती माला की ओर से पुलिस को तहरीर देने की तैयारी की जा रही है।

वहीं शेखर चंद सुयाल ने कहा कि मामले में तहरीर मिलने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

22/05/2026

🚨 कासगंज रोड: करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत; आधे घंटे तक धू-धू कर जलता रहा शव, परिवार में कोहराम

सिकंदराराऊ/कासगंज: कासगंज रोड स्थित गांव हबीबपुर में सोमवार की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है। मवेशियों के घेर (बाड़े) पर काम कर रहे एक 16 वर्षीय किशोर की 11 केवी (KV) हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना खौफनाक था कि करंट लगने के बाद किशोर का शव करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे धू-धू कर जलता रहा।

⚡ लोहे का तार फेंकते ही दौड़ गया 11 KV का करंट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव हबीबपुर निवासी 16 वर्षीय विनोद सोमवार सुबह अपने घर के पास मवेशियों के बाड़े पर झटका मशीन (पशुओं से सुरक्षा वाला तार) का तार डाल रहा था।

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया तार: इसी दौरान काम करते समय जब उसने लोहे के तार का एक बंडल दूसरी तरफ फेंका, तो वह ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के तारों से छू गया।

सड़क किनारे जलने लगा शरीर: तेज करंट सीधे विनोद के शरीर में उतर गया, जिससे वह तत्काल सड़क किनारे गिर पड़ा। हाथ में लोहे के तार का बंडल फंसा होने के कारण उसके शरीर में आग लग गई। कुछ देर तक आग की लपटें उठीं और उसके बाद करीब आधे घंटे तक शरीर से धुआं निकलता रहा।

⏳ परिजनों ने रेत डालकर बुझाई आग, लेकिन तब तक थम चुकी थीं सांसें

चीख-पुकार और शोर शराबा सुनकर विनोद के परिजन और ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर दौड़े। उन्होंने आनन-फानन में जलते शरीर पर रेत डालकर किसी तरह आग को शांत किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और विनोद दम तोड़ चुका था।

😭 गुरुग्राम से पिता के लौटने पर हुआ पोस्टमार्टम; मां-भाई का रो-रोकर बुरा हाल

विनोद के पिता ओमवीर गुरुग्राम (गुड़गांव) में टैक्सी चलाते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन शव को पिता के गांव पहुंचने के इंतजार में रोका गया। पिता के घर लौटने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। इस असमय मौत से मां निर्मला देवी और बड़े भाई सौरभ सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

🔌 बिजली विभाग का बयान: लाइन ट्रिप नहीं हुई थी, जांच जारी

इस बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामले पर बिजली विभाग के एसडीओ (SDM) सिकंदराराऊ यूसुफ हुसैन का बयान भी सामने आया है। उन्होंने बताया:

"अगर हाईटेंशन लाइन का मुख्य तार टूटकर गिरा होता, तो सब-स्टेशन से क्षेत्र की बिजली सप्लाई तत्काल ट्रिप (बंद) हो जाती। लेकिन यहाँ तार टूटा नहीं था, बल्कि नीचे से फेंका गया तार हाईटेंशन लाइन से टच हुआ था। फिलहाल विभाग द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।"

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🚗 दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: डाट काली टनल के पास आज से भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू; यात्रा से पहले रूट प्लान जरूर ...
22/05/2026

🚗 दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: डाट काली टनल के पास आज से भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू; यात्रा से पहले रूट प्लान जरूर पढ़ें

देहरादून (21 मई, 2026): यदि आप आज या आने वाले दिनों में देहरादून से दिल्ली या सहारनपुर के बीच सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चौथे चरण (गणेशपुर–देहरादून सेक्शन) पर पहाड़ों की सुरक्षा और यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आज यानी 22 मई 2026 से बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन लागू होने जा रहा है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) देहरादून द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मानसून की वर्षा ऋतु से पहले पहाड़ी ढलानों को स्थिर करने (Slope Stabilization) का कार्य युद्धस्तर पर किया जाना है, जिसके चलते हाईवे के 1.250 किलोमीटर हिस्से पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

⏳ कब से कब तक प्रभावी रहेगा डायवर्जन?
शुरुआत: 22 मई 2026 से यह कार्य प्रारंभ हो रहा है.

अवधि: यह डायवर्जन व्यवस्था 22 मई 2026 से शुरू होकर 08 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी.

सुरक्षा: इस दौरान हाईवे का शेष भाग खुला रहेगा और यात्रियों की मदद व सुचारू यातायात के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात रहेंगे.

🗺️ पूरा डायवर्जन प्लान: समझें आपको किस रूट से जाना है
1. देहरादून की ओर आने वाले वाहनों के लिए (दिल्ली/सहारनपुर से देहरादून):
दिल्ली से देहरादून की तरफ आने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (LHS) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (RHS) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा.

इसके बाद करीब 1.250 किलोमीटर तक गाड़ियां सिंगल लेन की तरह आरएचएस कैरिजवे पर चलेंगी.

इसके बाद दात काली टनल (LHS) से ठीक पहले किलोमीटर 15+900 पर यातायात को पुनः सामान्य करते हुए लेफ्ट हैंड साइड कैरिजवे पर भेज दिया जाएगा.

2. दिल्ली/सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए (देहरादून से दिल्ली):
देहरादून से दिल्ली जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल (RHS) पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा.

वाहन चालक लगभग 1.3 किलोमीटर तक पुराने हाईवे मार्ग का उपयोग करेंगे.

इसके बाद यातायात को पुनः दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के मुख्य आरएचएस कैरिजवे (14+650) पर वापस मिला दिया जाएगा.

🏗️ क्यों लिया गया यह फैसला?

पहाड़ों की स्केलिंग: भारतमाला परियोजना के अंतर्गत एनएच-72ए के इस छह-लेन हाईवे के निर्माण के लिए पहाड़ों की कटिंग की गई थी.

मलबा हटाना: आगामी वर्षा ऋतु में हाईवे पर लैंडस्लाइड या पत्थर गिरने की आशंका को खत्म करने के लिए पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग की जाएगी और अतिरिक्त मलबे को हटाया जाएगा.

अतिरिक्त वन भूमि: इस विशेष सुरक्षा कार्य के लिए बकायदा अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है ताकि ढलान स्थिरीकरण का कार्य पूरी मजबूती से हो सके. हालांकि, संवेदनशील स्थानों पर एनएचएआई द्वारा पहले ही स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं.

🚨 अपील: इस रूट पर सफर करते समय गति सीमा का ध्यान रखें और हाईवे पर तैनात फ्लैगमैन व ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार के जाम या दुर्घटना से बचा जा सके.

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21/05/2026

🚨 खटीमा में सनसनीखेज वारदात: बिजली मीटर के मामूली विवाद में भतीजे की बेरहमी से हत्या; मां वेंटिलेटर पर, वेंडर जोन एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

खटीमा (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ बिजली का मीटर लगाने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद एक युवक की मौत का कारण बन गया है। इस खूनी संघर्ष में जहां एक युवक की जान चली गई, वहीं उसकी मां अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।

⚔️ मामूली बात पर खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले

यह पूरी घटना पारिवारिक कलह से जुड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार, घर में बिजली का मीटर लगाने को लेकर भतीजे और चाचा के परिवार के बीच आपस में कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस हिंसक झड़प में चाचा के पक्ष ने विवेक कुमार नाम के युवक पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

🏥 बीच-बचाव करने आई मां वेंटिलेटर पर

जब विवाद के दौरान विवेक कुमार पर हमला हो रहा था, तब उसकी मां उसे बचाने के लिए बीच-बचाव करने आईं। हमलावरों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। वर्तमान में उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें गंभीर अवस्था में बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे वेंटिलेटर पर हैं।

📜 वेंडर जोन एसोसिएशन ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

इस खौफनाक हत्याकांड के बाद से परिजनों और स्थानीय वेंडर जोन एसोसिएशन में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वेंडर जोन एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ अंसारी के नेतृत्व में दर्जनों लोग खटीमा तहसील पहुंचे।

आर्थिक सहायता की मांग: एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ अंसारी ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग उठाई है।

अध्यक्ष आरिफ अंसारी का बयान:

"एक मामूली मीटर के विवाद में विवेक की जान ले ली गई और उसकी मां अस्पताल में गंभीर है। इस गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को फांसी या सख्त से सख्त सजा मिले और पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से तुरंत आर्थिक मदद दी जाए।"

🏛️ प्रशासन का आश्वासन: तुरंत भेजा जाएगा प्रस्ताव

इस दौरान ज्ञापन लेने पहुंचे खटीमा के तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्हें आरिफ अंसारी और मृतक के परिजनों द्वारा ज्ञापन प्राप्त हो चुका है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस ज्ञापन और आर्थिक सहायता राशि की संस्तुति (Recommendation) को उचित प्रशासनिक माध्यम से तुरंत मुख्यमंत्री राहत कोष को आगे भेज दिया जाएगा।

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