28/05/2026
☀️ सौर ऊर्जा क्रांति: मुख्यमंत्री धामी ने 'सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका' का किया विमोचन; 2 साल में 10 गुना बढ़ी उत्तराखंड की सोलर क्षमता
देहरादून (28 मई, 2026): उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और हरित राज्य बनाने की दिशा में धामी सरकार को एक और बड़ी ऐतिहासिक सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का भव्य विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया।
📈 मात्र 2 वर्षों में 10 गुना बढ़ी सौर ऊर्जा क्षमता
मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 से लेकर अब तक (2026) मात्र दो वर्षों के भीतर उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता में लगभग 10 गुना की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।
रेजिडेंशियल रूफटॉप: उत्तराखंड अब तक लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में पूरी तरह सफल रहा है।
लक्ष्य से आगे: राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य समय से पूर्व ही हासिल कर लिया है, जिसके तहत कुल निर्धारित संयंत्रों का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
🏆 'पीएम सूर्य घर योजना' में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड
जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में सौर ऊर्जा को आने वाली पीढ़ी के लिए परम आवश्यक बताते हुए सीएम ने कहा:
देश के लिए प्रेरणा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित 'पीएम सूर्य घर योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते आज उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शुमार हो चुका है।
टीम उत्तराखंड की सराहना: इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सीएम धामी ने यूपीसीएल (UPCL), ऊरेडा (UREDA), पिटकुल (PITCUL) और क्षेत्रीय अधिकारियों के समन्वित प्रयासों की पीठ थपथपाई।
🎭 'सौर कौथिग' और जन-जागरूकता से आई स्वच्छ ऊर्जा क्रांति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सोलर पैनल लगाना नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को इस स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है।
जागरूकता अभियान: राज्य में आयोजित 'सौर कौथिग' (व्यापक जन-जागरूकता अभियान), नुक्कड़ नाटकों और अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश के कोने-कोने में सौर ऊर्जा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
जनता को दोहरा लाभ: सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के बिजली के बिल (विद्युत व्यय) में भारी कमी आएगी और साथ ही देवभूमि के पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
👥 विमोचन कार्यक्रम में ये वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक जगत के कई बड़े चेहरे उपस्थित रहे, जिनमें:
विधायक श्री सुरेश गड़िया
प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम
सचिव श्री विनय शंकर पांडेय
CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष
पिटकुल के प्रबंध निदेशक (MD) डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायक और आदर्श मॉडल (Model State) के रूप में स्थापित होगा।
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