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उत्तराखंड कैबिनेट ने शिक्षक चयन प्रक्रिया और पदोन्नति वेतनमान प्रस्ताव पुनर्विचार हेतु लौटायाउत्तराखंड कैबिनेट ने शिक्षक...
27/11/2025

उत्तराखंड कैबिनेट ने शिक्षक चयन प्रक्रिया और पदोन्नति वेतनमान प्रस्ताव पुनर्विचार हेतु लौटाया

उत्तराखंड कैबिनेट ने शिक्षक चयन प्रक्रिया और पदोन्नति वेतनमान से जुड़े प्रस्ताव को यह कहते हुए वापस कर दिया कि इसे मंज़ूरी से पहले विस्तृत परीक्षण की आवश्यकता है। संबंधित विभाग द्वारा विस्तृत समीक्षा के बाद प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, 4th, 5th और 6th वेतन आयोग में निश्चित नियमित सेवा अवधि पूर्ण करने पर शिक्षक चयन वेतनमान और पदोन्नति वेतनमान के पात्र थे। सामान्य वेतनमान से चयन या पदोन्नति वेतनमान में जाते समय अगला वेतन स्तर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तय होता था, जिसमें किसी भी अतिरिक्त वेतन वृद्धि का प्रावधान नहीं था।

13 सितंबर 2019 के शासनादेश में भी स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि चयन या पदोन्नति वेतनमान दिए जाने पर कोई वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। इस विषय को और स्पष्ट करने के लिए उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियमावली 2016 के नियम 13 में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन कैबिनेट ने इसे वापस कर विस्तृत परीक्षण के बाद पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

दूसरा प्रस्ताव भी लौटा
कैबिनेट ने एक अन्य प्रस्ताव भी वापस कर दिया, जिसमें उधम सिंह नगर के उदयराज हिंदू इंटर कॉलेज काशीपुर और बीएसवी इंटर कॉलेज जसपुर में सात-सात चतुर्थ श्रेणी के पदों को चयन प्रक्रिया पूरी किए बिना फिक्स्ड मानदेय पर आउटसोर्स आधार पर स्वीकृत करने का अनुरोध था। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर भी और समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

कैबिनेट ने शिक्षक चयन व पदोन्नति वेतनमान प्रस्ताव विस्तृत समीक्षा के लिए लौटाया, दूसरा प्रस्ताव भी पुनर्विचार हे...

उत्तराखंड में समान कार्य के लिए समान वेतन: पहले चरण में लगभग 5,500 उपनल कर्मचारियों को मिलेगा लाभउत्तराखंड सरकार ने उपनल...
27/11/2025

उत्तराखंड में समान कार्य के लिए समान वेतन: पहले चरण में लगभग 5,500 उपनल कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे लंबे समय से उचित वेतन और सेवा विनियमन की मांग कर रहे हजारों संविदा कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। यह निर्णय उस समय आया है जब यूपीएनएल कर्मचारी पिछले 16 दिनों से हड़ताल पर थे और अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के अनुसार, पहले चरण में लगभग 5,500 उपनल कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। शेष योग्य कर्मचारियों को अगले चरणों में शामिल किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उपनल कर्मचारी लंबे समय से यह तर्क देते आ रहे हैं कि वे नियमित कर्मचारियों के समान कार्य करते हैं, लेकिन वेतन काफी कम मिलता है। सरकार के इस कदम को विभागों में वेतन असमानता कम करने और कार्यस्थल की समानता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की सेवा कर रहे कर्मचारियों को उनके काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित वेतन मिलना आवश्यक है।

निर्णय का स्वागत करते हुए उपनल कर्मचारियों ने कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है, लेकिन वे पूर्ण क्रियान्वयन और नौकरी के विनियमन के लिए ठोस रोडमैप की मांग जारी रखेंगे।

उत्तराखंड में यूपीएनएल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ, पहले चरण में 5,500 कर्मियों को राहत मिलेगी।

उत्तराखंड में वोटर कार्ड बनवाने और संशोधन का मौका, एसआईआर शुरू होने से पहले तुरंत करें आवेदनउत्तराखंड में निर्वाचन विभाग...
26/11/2025

उत्तराखंड में वोटर कार्ड बनवाने और संशोधन का मौका, एसआईआर शुरू होने से पहले तुरंत करें आवेदन

उत्तराखंड में निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन का अवसर दिया है। यह प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले चल रही है। विभाग ने कहा कि मतदाता अभी अपना नया वोट बनवा सकते हैं, नाम हटवा सकते हैं या पता बदलवा सकते हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही सिर्फ आवेदन स्वीकार होंगे, निस्तारण बाद में होगा। यह मतदाता सूची संशोधन अभियान सभी पात्र नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

जिन लोगों के नाम दो जगह दर्ज हैं, उन्हें तत्काल एक स्थान से अपना नाम हटाना चाहिए। दो स्थानों पर नाम होने पर चुनाव आयोग नोटिस भेज सकता है। जिन लोगों का अभी तक वोट नहीं बना है, वे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ताकि वे आगामी पुनरीक्षण में शामिल हो सकें।

नया वोट बनवाने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट पर फॉर्म-6 उपलब्ध है, जहाँ आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन किया जा सकता है। वहीं, दो जगह नाम दर्ज होने पर एक स्थान से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का विकल्प दिया गया है। यदि नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन की आवश्यकता हो, तो फॉर्म-8 भरा जा सकता है। आयोग ने इन सभी फॉर्मों के साथ विस्तृत दिशानिर्देश भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें आवेदन करते समय पढ़ना आवश्यक है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की घोषणा होते ही प्रक्रियाएँ रुक जाएँगी और केवल आवेदन ही स्वीकार किए जाएँगे। इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है कि आवश्यक परिवर्तन अभी ही करा लें ताकि एसआईआर के दौरान उनका नाम सूची में शामिल रहे।

मतदाता सूची संशोधन अभियान में उत्तराखंड में अभी नाम जोड़ने, हटाने और नया वोट बनवाने का अवसर उपलब्ध है।

उत्तराखंड में एआईजीडब्ल्यूए के 75वें स्थापना दिवस पर गोरखा वीरों को सीएम धामी का सम्मानदेहरादून में बुधवार को ऑल इंडिया ...
26/11/2025

उत्तराखंड में एआईजीडब्ल्यूए के 75वें स्थापना दिवस पर गोरखा वीरों को सीएम धामी का सम्मान

देहरादून में बुधवार को ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन वेलफेयर एसोसिएशन (AIGEWA) के 75वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरखा समुदाय की वीरता और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम स्वर्गीय हरबंस कपूर मेमोरियल ऑडिटोरियम, गढ़ी कैंट में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उन्होंने बैरिस्टर एरी बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण किया और संगठन की स्मारिका का विमोचन किया। यह गोरखा सैनिक सम्मान कार्यक्रम उत्तराखंड में समुदाय के योगदान की सराहना का प्रतीक बना।

सीएम धामी ने कहा कि बैरिस्टर एरी बहादुर गुरूंग केवल संसद सदस्य ही नहीं थे, बल्कि संविधान निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने गोरखा सैनिकों की बहादुरी को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त बताते हुए कहा कि उनका साहस राष्ट्र की शौर्य-गाथा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि एआईजीडब्ल्यूए को मिले ऑल-इंडिया दर्जे से इस समुदाय के त्याग और सेवा का सम्मान झलकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्था पिछले 75 वर्षों से पारदर्शिता और समर्पण के साथ देशभर में हजारों सेवानिवृत्त गोरखा सैनिकों, वीर नारियों और आश्रितों की सहायता कर रही है। संगठन द्वारा विभिन्न समुदायों के युवाओं के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

गोरखा योद्धाओं की शौर्य परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—जहाँ गोरखा खड़े होते हैं, वहाँ कोई शत्रु टिक नहीं पाता। उन्होंने खुकरी को मातृभूमि की रक्षा की प्रतिज्ञा का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने अमर वीर मेजर दुर्गा मल, परम वीर चक्र विजेता धन सिंह थापा और अशोक चक्र प्राप्त नर बहादुर थापा जैसे वीरों को श्रद्धांजलि दी।

सीएम धामी ने कहा कि गोरखा समुदाय ने न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा में, बल्कि अनुशासन और श्रमशीलता के माध्यम से उत्तराखंड के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है। राज्य सरकार उनके योगदान का गहरा सम्मान करती है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी गोरखा समुदाय की वीरता तथा राज्य और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर डीएस बेसैदा, एआईजीडब्ल्यूए अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोरखाली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा सहित कई वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित रहे।

गोरखा सैनिक सम्मान कार्यक्रम में उत्तराखंड में एआईजीडब्ल्यूए के 75वें स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने गोरखा वीरों की ...

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कहा: अन्य राज्यों की एससी महिलाएँ विवाह के बाद भी आरक्षण नहीं पाएँगीhttps://gauravnews.in/utt...
26/11/2025

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कहा: अन्य राज्यों की एससी महिलाएँ विवाह के बाद भी आरक्षण नहीं पाएँगी

https://gauravnews.in/uttarakhand-high-court-sc-women-reservation-ruling/

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण आदेश दिया कि अन्य राज्यों की एससी महिलाएँ विवाह के बाद भी उत्तराखंड में आरक्षण का लाभ नहीं ले सकतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि एससी/एसटी आरक्षण राज्य-विशेष अधिकार है और विवाह या निवास परिवर्तन से यह अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होता। यह निर्णय राज्य सरकार के 16 फरवरी 2004 के आदेश पर आधारित है। यह उच्च न्यायालय आरक्षण निर्णय भविष्य के ऐसे मामलों के लिए भी दिशा निर्धारित करता है।

मामला अंशु सागर से जुड़ा था, जो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली हैं और जतव समुदाय से आती हैं। विवाह के बाद उन्होंने उत्तराखंड में जाति और स्थायी निवासी प्रमाणपत्र बनवाया तथा प्राथमिक शिक्षक भर्ती में आरक्षण का दावा किया।

लेकिन शिक्षा विभाग ने उनका दावा खारिज कर दिया। उन्होंने इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि जाति जन्म से तय होती है और केवल विवाह के आधार पर किसी व्यक्ति को दूसरे राज्य में आरक्षण नहीं दिया जा सकता।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने याचिकाएँ खारिज करते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को यहाँ आरक्षण देना संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध होगा। अदालत ने यह भी कहा कि यदि ऐसे दावों को स्वीकार किया गया तो आरक्षण की संरचना प्रभावित होगी और स्थानीय पात्र वर्गों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में विवाह या निवास परिवर्तन के आधार पर आरक्षण की मांग स्वतः मान्य नहीं होगी। किसी भी दावे में व्यक्ति के मूल राज्य की एससी/एसटी सूची ही प्राथमिक मानी जाएगी।

उच्च न्यायालय आरक्षण निर्णय में कहा गया कि अन्य राज्यों की एससी महिलाएँ विवाह के बाद भी उत्तराखंड में आरक्षण नहीं ...

अल्मोड़ा : स्कूल के पास विस्फोटक मिलने का मामला सुलझा, एक गिरफ्तारअल्मोड़ा पुलिस ने सल्ट क्षेत्र में स्कूल के पास मिले व...
26/11/2025

अल्मोड़ा : स्कूल के पास विस्फोटक मिलने का मामला सुलझा, एक गिरफ्तार

अल्मोड़ा पुलिस ने सल्ट क्षेत्र में स्कूल के पास मिले विस्फोटक पदार्थ के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने प्रशांत कुमार बिष्ट, निवासी ग्राम गरसाड़ी (चंपावत), को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ये जेलाटिन विस्फोटक ट्यूब छह वर्ष पहले सड़क निर्माण कार्य के दौरान रखे गए थे, जिन्हें बाद में झाड़ियों में फेंक दिया गया।

पिछले शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज, डबरा के पास झाड़ियों में विस्फोटक जैसा सामान देखकर छात्रों ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही एसएसपी देवेंद्र पिंचा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लगातार तीन दिनों तक जांच की निगरानी की। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया और कई ठेकेदारों व संदिग्धों से पूछताछ की गई।

एसएसपी के अनुसार, पूछताछ में प्रशांत बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2016–17 में उसे तीन किलोमीटर सड़क निर्माण का ठेका मिला था। वर्ष 2018 में पहाड़ी चट्टानों को तोड़ने के लिए उसके साथी द्वारा जेलाटिन ट्यूब मंगाई गई थीं। वह उस समय पास के एक गांव में किराए के कमरे में रहता था और विस्फोटक सामग्री वहीं रखी गई थी।

विस्फोटक झाड़ियों तक कैसे पहुँचे?

किराया का कमरा खाली करते समय बिष्ट ने अपना सामान छह–सात वर्ष तक वहीं पड़ा रहने दिया। जून 2025 में जब मकान मालिक हिम्मत सिंह ने कमरे को खाली कराने के लिए कहा, तो बिष्ट ने ताला तोड़कर कमरा साफ करने के निर्देश दिए। सफाई में लगे मजदूरों ने विस्फोटक सामग्री की जानकारी न होने के कारण उसे नजदीकी झाड़ियों में फेंक दिया।

दिल्ली और जम्मू–कश्मीर में हालिया बम धमाकों के चलते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर थीं, ऐसे में स्कूल के पास विस्फोटक मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बम डिफ्यूजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, LIU टीम और पुलिस बल मौके पर तैनात किए गए। जांच के लिए चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।

एसएसपी पिंचा ने कहा कि अन्य संभावित कड़ियों की जांच के लिए पूछताछ जारी है।

अल्मोड़ा में स्कूल के पास मिले विस्फोटक मामले का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा पुराना माम...

‘बिल लाओ–इनाम पाओ’ योजना के विजेताओं को सीएम धामी ने सम्मानित कियामुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक ...
25/11/2025

‘बिल लाओ–इनाम पाओ’ योजना के विजेताओं को सीएम धामी ने सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में ‘बिल लाओ–इनाम पाओ’ योजना के विजेताओं को सम्मानित किया। 1 सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 तक चली इस योजना में खरीदारी के बिल जमा करने वाले 1,888 उपभोक्ताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कारों में ईवी कार, ऑल्टो K10, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, टैबलेट और माइक्रोवेव शामिल थे।

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि इस योजना ने राजस्व संग्रह को लेकर लोगों में नई जागरूकता पैदा की है। 2022 में शुरू हुई यह पहल जनता की भागीदारी को राज्य के राजस्व वृद्धि से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई थी। तीन वर्षों में इस कार्यक्रम ने उपभोक्ता जागरूकता को मजबूत किया है और यह संदेश दिया है कि हर खरीदारी बिल उत्तराखंड के विकास में योगदान देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने व्यापारियों की “सुरक्षा, संवर्धन और समृद्धि” को प्राथमिकता देते हुए व्यापार के अनुकूल वातावरण तैयार किया है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया है और अपने राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमाओं में रखा है। हाल ही में अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान ने उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रबंधित राज्यों में शामिल किया है। राज्य सतत विकास लक्ष्यों (SDG) सूचकांक में भी शीर्ष स्थान पर है।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे हर खरीद पर बिल अवश्य लें, ताकि लेन-देन पारदर्शी बने और राज्य के विकास में सहयोग हो।

मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु ने बताया कि योजना में 90,000 उपभोक्ताओं ने भाग लिया और कुल 6.5 लाख बिल जमा किए, जिनकी राशि ₹270 करोड़ रही। कमिश्नर सोनिका ने बताया कि बड़े पुरस्कारों के साथ-साथ 17 महीनों तक ₹1,500 के मासिक पुरस्कार भी दिए गए।

पुरस्कार विवरण
2 ईवी कार
16 मारुति ऑल्टो K10
20 ईवी स्कूटर
50 बाइक
100 लैपटॉप
200 स्मार्ट टीवी
500 टैबलेट
1,000 माइक्रोवेव

सीएम धामी ने ‘बिल लाओ–इनाम पाओ’ योजना के 1,888 विजेताओं को सम्मानित किया; पुरस्कारों में ईवी कार, ऑल्टो K10, लैपटॉप और स्....

बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, जयकारों से गूंजा धामश्री बद्रीनाथ धाम—जिसे धरती का वैकुंठ कहा जाता है—के कपाट आज...
25/11/2025

बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, जयकारों से गूंजा धाम

श्री बद्रीनाथ धाम—जिसे धरती का वैकुंठ कहा जाता है—के कपाट आज विधिवत पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के पावन क्षण में मंदिर परिसर “बद्री विशाल की जय” के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक विधियों का दिव्य साक्षात्कार किया।

कपाट बंद होने से पहले बद्रीनाथ के रावल ने मां लक्ष्मी की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया और उन्हें पारंपरिक घृत कंबल ओढ़ाया। यह कंबल माणा गांव की अविवाहित बालिकाओं द्वारा स्थानीय बकरी के ऊन से बुना गया है। परंपरा के अनुसार, इस अनुष्ठान के दौरान रावल लक्ष्मी के सहचर रूप में स्त्री स्वरूप धारण करते हैं।

इस वर्ष 16.55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए। परंपरा के तहत 26 नवंबर को उद्धव जी, कुबेर जी और शंकराचार्य जी की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल पांडुकेश्वर के लिए रवाना होगी।

कपाट बंद होने का क्रम
12:15 बजे: बद्री विशाल की शाम की पूजा
1:00 बजे: माता महालक्ष्मी का गर्भगृह में प्रवेश
1:40 बजे: उद्धव जी, कुबेर जी और गरुड़ जी की गर्भगृह से प्रस्थान
1:40 बजे से: कपाट बंदी की पारंपरिक प्रक्रिया प्रारंभ
2:56 बजे: बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

अब धाम के कपाट अगले वर्ष ग्रीष्मकाल में होने वाली पुनः उद्घाटन तिथि तक बंद रहेंगे।

बद्रीनाथ धाम के कपाट 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद, मां लक्ष्मी की स्थापना और पारंपरिक रस्मों के बीच गूंजे जयकारे।

अल्मोड़ा के मैंचोड़ गांव में दीवार ढहने से एक मजदूर की मौत, दो घायलअल्मोड़ा के मैंचोड़ गांव में निर्माण कार्य के दौरान ए...
25/11/2025

अल्मोड़ा के मैंचोड़ गांव में दीवार ढहने से एक मजदूर की मौत, दो घायल

अल्मोड़ा के मैंचोड़ गांव में निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक हुई भूस्खलन जैसी मिट्टी खिसकने की घटना के कारण एक दीवार ढह गई, जिसमें दबकर एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब मजदूर घर के पीछे की दीवार की मरम्मत और मिट्टी हटाने का काम कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य कृष्णा सिंह के घर पर चल रहा था। कृष्णा सिंह, आनंद राम (45) और गोपाल राम—दोनों कोट्यूड़ा निवासी—पीछे की दीवार को ठीक करने और मिट्टी हटाने में लगे थे, तभी अचानक भू-स्खलन से दीवार टूटकर उन पर गिर गई। तीनों मजदूर भारी मलबे में दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन टीम, SDRF और SDM सदर संजय कुमार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकालकर बेस अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान 45 वर्षीय आनंद राम ने दम तोड़ दिया। कृष्ण कुमार सिंह मेहता और गोपाल राम घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

अल्मोड़ा के माईचोड़ गांव में दीवार ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई , दो घायल; SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।

उत्तराखंड में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामला: 51 शिक्षकों को नौकरी देने वाले डॉक्टर भी जांच के दायरे मेंउत्तराखंड शिक्ष...
25/11/2025

उत्तराखंड में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामला: 51 शिक्षकों को नौकरी देने वाले डॉक्टर भी जांच के दायरे में

उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में कार्रवाई तेज करते हुए अब उन डॉक्टरों को भी जांच के दायरे में लिया है, जिन्होंने संदिग्ध प्रमाणपत्र जारी किए थे। विभागीय जानकारी के अनुसार, 51 शिक्षकों ने दिव्यांग कोटा के तहत सरकारी नौकरी हासिल की थी, जिनके प्रमाणपत्र बाद में संदिग्ध पाए गए।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर प्रमाण और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। कई प्रमाणपत्र लोकोमोटर डिसएबिलिटी, विजुअल इम्पेयरमेंट और ऑर्थोपेडिक कैटेगरी में जारी किए गए थे।

विभाग का कहना है कि नियुक्ति के समय प्रमाणपत्र की केवल औपचारिक जांच होती है और विभाग के पास उसकी चिकित्सीय प्रामाणिकता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं होता। ऐसे में यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाते हैं, तो उन्हें जारी करने वाले डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड से प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी, जिसमें कई प्रमाणपत्र अमान्य मिले। ये प्रमाणपत्र दिव्यांगजन मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों द्वारा जारी किए गए थे, जिससे पूरे सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उत्तराखंड में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में 51 शिक्षकों के साथ प्रमाणपत्र जारी करने वाले डॉक्टर भी जांच के द...

उत्तराखंड में पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST समाप्त, दो लाख पॉलिसीधारकों को राहतउत्तराखंड के लगभग दो लाख Postal ...
25/11/2025

उत्तराखंड में पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST समाप्त, दो लाख पॉलिसीधारकों को राहत

उत्तराखंड के लगभग दो लाख Postal Life Insurance (PLI) और Rural Postal Life Insurance (RPLI) पॉलिसीधारकों को अब प्रीमियम पर किसी भी प्रकार का GST नहीं देना होगा। सरकार ने दो महीने पहले ‘सेविंग्स फेस्टिवल’ के तहत दर संशोधन किया था, जिसके बाद यह छूट प्रभावी हो गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राज्य में PLI के लगभग 59,000 और RPLI के करीब 1.48 लाख पॉलिसीधारक हैं जिन्हें इस निर्णय से सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

पहले प्रीमियम जमा करते समय 4.5% टैक्स और नवीनीकरण के समय 2.25% GST देना पड़ता था। यह कर बोझ सितंबर से पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। GST हटने के बाद ग्राहकों को प्रीमियम भुगतान या रिन्यूअल के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इससे डाक जीवन बीमा योजनाएं शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए अधिक किफायती हो गई हैं।

अधिकारियों का कहना है कि टैक्स हटने से योजनाओं में भरोसा बढ़ेगा और अधिक लोग डाक बीमा योजनाओं से जुड़ेंगे। यह बदलाव विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहत है जो सीमित आय में बीमा प्रीमियम जमा करते हैं और पहले अतिरिक्त टैक्स को बोझ की तरह महसूस करते थे।

उत्तराखंड में PLI और RPLI प्रीमियम पर GST खत्म, दो लाख से अधिक पॉलिसीधारकों को सीधे लाभ का फायदा।

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