26/08/2025
✨ गर्व का क्षण, संघर्ष की कहानी, प्रेरणा की मिसाल ✨
अंतर्राष्ट्रीय धाविका 23 वर्ष की भागीरथी बिष्ट ने 2 घंटे 51 मिनट की शानदार टाइमिंग के साथ हैदराबाद मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे उत्तराखंड का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। यह मैराथन भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण दौड़ों में से एक मानी जाती है—यहाँ की ऊँचाई, चढ़ाई-उतराई और उमस ऐसा वातावरण पैदा करती है, जो हर धावक की हदों को परखता है।
भागीरथी ने इससे पहले फरवरी 2025 में आयोजित न्यू दिल्ली मैराथन में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाएँ इलीट वर्ग में जीत दर्ज की, अपनी दूरी 2:48:59 पर पूरी कर देश की धाविकाओं में ट्रैक रिकॉर्ड दर्ज कराया। उन्हें फ्लाइंग गर्ल भी कहा जाता है और देश भर में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई मेडल अपने नाम किए हैं।
भागीरथी का जीवन कड़ी मेहनत और जज्बे का प्रतीक है। चमोली जनपद के अंतिम विकासखंड देवाल में वाण गांव से आने वाली भागीरथी ने संघर्ष और संसाधनों के अभाव में अपने इस सफर की शुरुआत की थी।
तीन वर्ष की छोटी आयु में भागीरथी के पिता की असमय मृत्यु हो गई थी। अपने पांच भाई बहनों में सबसे छोटी भागीरथी एक दिन ओलंपिक खेलों में गोल्ड मैडल जीतने का सपना देखती हैं। अपने जीवन की विषमताओं और संघर्ष को उन्होंने अपने सपने की राह में नहीं आने दिया और अब अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से वह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रही हैं। आशा है भागीरथी की यह कहानी पहाड़ की सभी बेटियों को प्रेरित करेगी...भागीरथी को ओलंपिक मेडल का सपने पूरे करने की और अत्यंत उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं 🌺🌺🌺