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डीआईटी यूनिवर्सिटी में ROOTS 2026 का भव्य आगाज़, पारंपरिक ज्ञान और उत्तरदायी डिज़ाइन पर मंथनदेहरादून। स्कूल ऑफ आर्किटेक्...
15/04/2026

डीआईटी यूनिवर्सिटी में ROOTS 2026 का भव्य आगाज़, पारंपरिक ज्ञान और उत्तरदायी डिज़ाइन पर मंथन

देहरादून। स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग तथा स्कूल ऑफ डिज़ाइन, डीआईटी यूनिवर्सिटी, देहरादून ने तीन दिवसीय छात्र संगोष्ठी ROOTS 2026 – Responsive Orientation of Organic Traditional Systems का उद्घाटन किया, जिसमें छात्रों, शिक्षाविदों और डिज़ाइन विशेषज्ञों को एक साथ लाकर पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और उत्तरदायी डिज़ाइन प्रथाओं, विशेषकर हिमालयी संदर्भ में, सार्थक संवाद के लिए मंच प्रदान किया गया।

उद्घाटन समारोह का आरंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें माँ सरस्वती का आह्वान किया गया, जो ज्ञान की अज्ञान पर विजय का प्रतीक है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति भी शामिल रही, जिसने संगोष्ठी की शुरुआत को उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक बना दिया।

इस अवसर पर डीआईटी यूनिवर्सिटी के प्रधान सलाहकार एन. रवि शंकर, माननीय कुलपति जी. रघुरामा, मुख्य अतिथि प्रद्युम्न व्यास (अनुपस्थिति में), विशिष्ट अतिथि सोनिया मंचंदा तथा कोलोक्वियम चेयर एकता सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजन स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की एसोसिएट प्रोफेसर आंचल शर्मा द्वारा किया गया।

तीन दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में वर्ल्ड डिज़ाइन ऑर्गेनाइजेशन की बोर्ड सदस्य सोनिया मंचंदा, डेस्मानिया डिज़ाइन के संस्थापक एवं सीईओ अनुज प्रसाद तथा कार्मेल, इंडियाना (संयुक्त राज्य अमेरिका) के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं को-फाउंडर स्टैन गुटवीन के मुख्य व्याख्यान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. राम सतीश और डॉ. लोवलेश शर्मा के विशेषज्ञ व्याख्यान, छात्र पोस्टर समीक्षा, छात्र कृतियों की प्रदर्शनी एवं भ्रमण, रचनात्मक और प्रायोगिक कार्यशालाएँ तथा अन्य इंटरैक्टिव गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम में राजपुर गांव में एक हेरिटेज वॉक, कला प्रतियोगिता और समापन समारोह भी शामिल हैं।

इस आयोजन के लिए देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए, जबकि मानव भारती स्कूल डालनवाला, शिगैली हिल्स पुरकुल, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल मसूरी रोड और डीपीएस कंडोली के लगभग 100 स्कूली छात्रों ने कला प्रतियोगिता में भाग लिया।

यह कार्यक्रम आईआईटी रुड़की और एनआईयूए के सहयोग से नॉलेज पार्टनर्स के रूप में आयोजित किया गया, साथ ही अवनेन्द्र इंफ्रास्ट्रक्चर, भारत ब्रिक्स, ग्लोबल पाथवे सॉल्यूशंस, एशिया कार्विंग्स, खन्ना स्टेशनर्स और ए+आई आर्किटेक्ट्स का सहयोग प्राप्त हुआ।

ROOTS 2026 का उद्देश्य अंतर्विषयक शिक्षण को बढ़ावा देना, छात्र-नेतृत्वित अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और सतत एवं संदर्भ-संवेदी डिज़ाइन दृष्टिकोणों पर संवाद स्थापित करना है, ताकि युवा डिज़ाइनर समाज, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ कार्य कर सकें।

प्रदेश सूचना विभाग में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारियों के तबादलेदेहरादून, राज्य  सरकार ने सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में प्र...
15/04/2026

प्रदेश सूचना विभाग में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारियों के तबादले

देहरादून, राज्य सरकार ने सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। प्रदेश सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग उत्तराखण्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
सहायक निदेशक बद्री चन्द्र नेगी को जिला सूचना कार्यालय देहरादून से सूचना निदेशालय (मुख्यालय) देहरादून में तैनात किया गया है। धीरज कार्की को चम्पावत से चमोली स्थानांतरित किया गया है।
वहीं अनुज कुमार को चमोली से चम्पावत भेजा गया है। जबकि प्रियंका जोशी को सूचना निदेशालय देहरादून से जिला सूचना कार्यालय देहरादून में तैनाती दी गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी अपनी नई तैनाती स्थल पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करेंगे और इसकी सूचना मुख्यालय को देंगे, साथ ही, कार्यभार ग्रहण करने से पहले किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
महानिदेशक बंशीधर तिवारी, द्वारा जारी किया गया यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

सद्भावना सम्मेलन का दूसरा दिन: उमड़ा जनसैलाब, अनुशासित भक्त और शांति सद्भावना का अनूठा समन्वयपुलक-पुलक उठी देवभूमि, देश-व...
14/04/2026

सद्भावना सम्मेलन का दूसरा दिन: उमड़ा जनसैलाब, अनुशासित भक्त और शांति सद्भावना का अनूठा समन्वय

पुलक-पुलक उठी देवभूमि, देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने लिया दिव्य सत्संग का लाभ

*हरिद्वार,(कुलभूषण) बैसाखी महोत्सव के पावन अवसर पर मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय 'सद्भावना सम्मेलन' के दूसरे दिन आज हरिद्वार के ऋषिकुल कॉलेज ग्राउंड में आस्था और अनुशासन का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। जहाँ एक ओर विश्व के कई हिस्सों में अशांति और तनाव का माहौल है, वहीं हरिद्वार की इस पवित्र भूमि पर उमड़ा जनसैलाब पूरी दुनिया को 'शांति और सद्भाव' का संदेश दे रहा है।

शांति का वैश्विक केंद्र बना सम्मेलन
आज सम्मेलन के दूसरे दिन देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम में दिखा अनुशासन यह सिद्ध करता है कि आध्यात्मिक चेतना से ही समाज में व्यवस्था और शांति स्थापित की जा सकती है।

भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जन्म दिन पर
भारतीय संविधान के निर्माता शिल्पकार भारतरत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के जन्मदिन दिवस आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

14 अप्रैल, 1891 को महू में जन्मे एक बालक डॉ.भीमराव अम्बेडकर ने अपनी कलम और संघर्ष से पूरे देश की तकदीर लिख दी।

बचपन में ‘अछूत’ कहकर स्कूल में अलग बिठाया गया। पानी पीने तक की मनाही थी। लेकिन बाबासाहेब ने अपमान को अपनी ताकत बनाया।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डीएससी–उस दौर में दो-दो डॉक्टरेट।
उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा जाति नहीं देखती, अवसर देखती है।

बाबासाहेब 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने। 2 साल 11 महीने 18 दिन में दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान दिया।

बाबासाहेब का संविधान सिर्फ कानून की किताब नहीं है। यह 140 करोड़ लोगों का सामाजिक अनुबंध है।
डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी ने कहा था “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो”

वह मानते थे कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा। आज बेटियां IIT-IIM में टॉप कर रही हैं। यह उनका ही सपने था।

समान नागरिक संहिता (UCC) जिसे उत्तराखंड सरकार ने सबसे पहले लागू किया है। उन्ही के द्वारा संविधान में प्रदत्त एक कानून है।

बाबासाहेब ने कहा था– “मैं उस धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।”

श्री महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज की विषम परिस्थितियों में पूरी दुनिया को सद्भावना की अत्यंत आवश्यकता है और यह सम्मेलन उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
महाराज श्री एवं दिव्य विभूतियों का भव्य स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ सतपाल महाराज एवं अन्य दिव्य विभूतियों के मंच आगमन के साथ हुआ। मानव उत्थान सेवा समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सतपाल महाराज का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर पधारे हेमंत द्वीवेदी(अध्यक्ष-बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति), द्रोण गुलाटी (मैंनेजिंग डायरेक्टर-एलोराज मेल्टिंग मोमेंट्स), डॉ. लोकेश ओहरी जी(मानव वैज्ञानिक और फ़िल्म मेकर) का स्वागत सतपाल महाराज, विभु महाराज और सुयश महाराज द्वारा मोमेंटो, अंग वस्त्र और पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया। आश्रम के सेवादारों और स्थानीय पदाधिकारियों ने महाराज जी को पुष्प-गुच्छ और मालाएं भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

महाराज श्री का दिव्य संदेश:
"मानव धर्म ही विश्व शांति का आधार"
सम्मेलन के मुख्य आकर्षण पूज्य सतपाल महाराज ने अपने सारगर्भित प्रवचनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाराज जी ने वर्तमान समय की चुनौतियों और आध्यात्मिक समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"आज मनुष्य बाहर की दुनिया में शांति खोज रहा है, जबकि वास्तविक शांति उसके स्वयं के भीतर स्थित है। जब तक मनुष्य का मन शांत नहीं होगा, तब तक विश्व में शांति की कल्पना करना व्यर्थ है। सद्भावना का अर्थ केवल साथ बैठना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम और आत्मिक भाव रखना है।"

सतपाल महाराज का दिव्य और सामाजिक समरसता संदेश:* सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण ही सच्चा धर्म
हरिद्वार के पावन तट पर आयोजित 'सद्भावना सम्मेलन' के दिव्य मंच से सतपाल महाराज ने मानवता, पर्यावरण और राष्ट्रभक्ति के प्रति एक जागृत आह्वान किया। उनके प्रवचन में पंच परिवर्तन सहित मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:
१. सामाजिक समरसता
महाराज जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव को मिटाने पर जोर देते हुए कहा, "हमें सामाजिक समरसता (Social Harmony) को अपने जीवन में उतारना होगा। जाति, पंथ और भाषा के भेदों को भुलाकर मंदिर, पानी और श्मशान को सभी के लिए सुलभ बनाना होगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सभी पहले मानव हैं और मानवता ही हमारा मूल धर्म है।
२.कुटुंब प्रबोधन-
वर्तमान तकनीकी युग में बिखरते परिवारों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने 'कुटुंब प्रबोधन' की बात की। महाराज जी ने कहा कि नई पीढ़ी को नैतिक मूल्य और संस्कार सिखाना अनिवार्य है। चाहे हम कितनी भी प्रगति कर लें, यदि पारिवारिक रिश्ते मजबूत नहीं होंगे, तो समाज का आधार कमजोर बना रहेगा।
३. पर्यावरण संरक्षण: 'प्लास्टिक मुक्त भारत' का संकल्प
पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए महाराज जी ने कहा कि आज नदियाँ और जीव-जंतु प्लास्टिक के प्रदूषण से कराह रहे हैं। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि:
* प्लास्टिक का पूर्ण बहिष्कार करें।
* पानी का सदुपयोग करें और वृक्षारोपण को बढ़ावा दें।
* देवभूमि और अपनी धरती को स्वच्छ और पवित्र रखें।
४. स्वदेशी- राष्ट्रभक्ति और आत्मनिर्भरता,
महाराज जी ने 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र देते हुए स्थानीय व्यवसायों, विशेषकर पहाड़ी उत्पादों (हल्दी, मसाले, चटनी) को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने उत्तराखंड के विकास कार्यों, जैसे सड़कों के नेटवर्क विस्तार और चारधाम यात्रा के सुदृढ़ीकरण की सराहना करते हुए कहा कि हमें राष्ट्रहित में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए।
५. नागरिक कर्तव्य विश्व शांति के लिए मानसिक तैयारी
वैश्विक अशांति और युद्धों के संदर्भ में महाराज जी ने कहा कि हमें किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रभक्ति का अर्थ केवल शब्दों में नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने में है।

"सद्भावना सम्मेलन का यह विशाल जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि शांति और प्रेम ही विश्व को जोड़ने का एकमात्र मार्ग है।"

समिति की व्यवस्थाओं की सराहना
मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रेमनगर आश्रम के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हज़ारों स्वयंसेवक दिन-रात सेवा में जुटे हैं। सम्मेलन का अनुशासन देखकर प्रशासन और स्थानीय नागरिक भी प्रभावित दिखे।
आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से इस आध्यात्मिक गंगा में डुबकी लगाने का सादर आह्वान किया है। मंच संचालन डॉ. संतोष यादव ने किया।

14/04/2026

चिनग्वाड़ और बीरों क्षेत्र से सटे जंगलों में लगी आग
रुद्रप्रयाग। मौसम साफ होने के बाद जनपद में वनाग्नि की घटनाएं शुरू हो गई हैं। मंगलवार को जिला मुख्यालय के चिनग्वाड़ और बीरों क्षेत्र से सटे जंगलों में आग लग गई जिससे आसपास के क्षेत्र में धुआं और धुंध फैल गई। आग करीब एक हेक्टेयर वन क्षेत्र में तेजी से फैल गई थी जिससे बड़ा वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार के साथ 16 सदस्यीय दल मौके पर पहुंचा। तेज धूप और धुएं के बीच कई घंटे की मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी माना जा रहा है। उधर तिलवाड़ा क्षेत्र के कंडाली के पास भी जंगल में आग लग गई। वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है।

ऐतिहासिक सौगात: पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पणदेहरादून: उत्तराखंड के विकास के इतिहास में आज ए...
14/04/2026

ऐतिहासिक सौगात: पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
देहरादून: उत्तराखंड के विकास के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का भव्य उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की "भाग्य रेखा" करार दिया।
देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए राज्य के विकास को नई दिशा देने का दावा किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड की जनता, संत समाज और देशभर से जुड़े लोगों को प्रणाम करते हुए की। उन्होंने कार्यक्रम में देरी के लिए क्षमा मांगते हुए बताया कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में भारी जनसमर्थन और उत्साह के कारण समय अधिक लग गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, रेल, एयरवे और वॉटरवे—देश की “भाग्य रेखाएं” हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जहां देश में सालाना 2 लाख करोड़ रुपये से कम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होता था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उत्तराखंड में ही 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को क्षेत्र के लिए गेमचेंजर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे यात्रा समय कम होगा जिससे ईंधन और परिवहन लागत घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह मार्ग उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों—देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा—के लिए मुख्य कनेक्टिविटी बनेगा।
प्रधानमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर के श्रद्धालु इसका इंतजार करते हैं। उन्होंने पंच बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग का स्मरण करते हुए राज्य की आध्यात्मिक विरासत को नमन किया। साथ ही उन्होंने विंटर टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन में बढ़ती भागीदारी को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने यात्रियों और पर्यटकों से अपील की कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और प्लास्टिक व कचरे से पहाड़ों को बचाएं। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाया गया है।
प्रधानमंत्री ने “नारीशक्ति वंदन अधिनियम” का उल्लेख करते हुए कहा कि 2029 से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू होना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस दिशा में सहयोग की अपील की। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शहीद जसवंत सिंह रावत को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि “वन रैंक वन पेंशन” के तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये पूर्व सैनिकों को दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” के संतुलन के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाना लक्ष्य है। उन्होंने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए विकास का नया द्वार बताया।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके साथ ही दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी। 11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था, जो पूरा होने के बाद अब उद्घाटन के लिए तैयार है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।
काफी समय से एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को खासा इंतजार था। इस बीच कई बार उद्घाटन की तिथि की चर्चाएं भी चलीं लेकिन लोगों का इंतजार बढ़ता गया। और आज ये एक्सप्रेस वे पीएम मोदी ने जनता को समर्पित किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज उत्तराखंड को ऐसी सौगात दी जा रही है जो यहां के विकास को नई गति देगी। जॉन एफ कैनेडी ने कहा था कि अमेरिका की सड़कें अच्छी नहीं क्योंकि अमेरिका अमीर देश है। यहां देहरादून, हरिद्वार और पूरे उत्तराखंड के लिए एक नई राह खुलने वाली है। 213 किलोमीटर का है। दिल्ली से देहरादून जाने के लिए दो से सवा दो घंटे में सफर होगा। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक का कॉरिडोर जून में करेंगे लोकार्पण। 1700 करोड़ का देहरादून का 4 लेन बाइपास हम करेंगे। 2300 करोड़ से हरिद्वार में 4 लेन बाईपास का जल्द काम शुरू करेंगे। 800 करोड़ का देहरादून से मसूरी 2 लेन की डीपीआर बन रही है। इसे भी जल्द शुरू करेंगे। 5200 करोड़ से टनकपुर पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख मार्ग बनाया जा रहा है। यह सालभर में पूरा हो जाएगा। 640 किमी का ऑल वेदर रोड का काम पूरा हुआ। केदारनाथ में 1300 करोड़ का रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड तक दिसंबर 2026 तक शुरू करेंगे। यमुनोत्री में 2500 करोड़ से धरासू से यमुनोत्री तक का काम हम 2028 तक पूरा करेंगे। भूस्खलन के लिए हमने योजनाएं तैयार की हैं। 4300 करोड़ से 296 कार्यों को हमने मंजूरी दी है। 5800 करोड़ के 194 कार्यों की तैयारी हो रही है। सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12 किमी रोपवे बनाने का काम शुरू हुआ। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब का 12.4किमी रोपवे बनाया जा रहा है। अनेक जगह पर सड़क के बजाय हम टनल बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड के भविष्य को हम बदलेंगे। पर्यटन में इजाफा होगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सीएम धामी ने कहा कि जब भी पीएम मोदी आए हैं कोई ना कोई सौगात दी है। पीएम मोदी ने उत्तराखंड में पर्यटन को नया विजन दिया है। आज इस कॉरिडोर की सौगात लेकर आए हैं। 2027 के चुनाव में भी हम कमल खिलाएंगे। एक्सप्रे, वे पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी, वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगाई गई हैं। पीएम बनने के बाद मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। बता दें कि मोदी, प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ व मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था। इस दौरान मंच पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, त्रिवेंद्र रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्री मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, खजान दास, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, भरत चौधरी मौजूद रहे।

14/04/2026

*देवभूमि में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में उमड़े लोग

14/04/2026
14/04/2026

श्री डाट काली मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

स्वामी रामदेव से मिला दुनिया का सबसे लंबा किशोर, योग और आसन की लेगा प्रशिक्षण हरिद्वार।   दुनिया के सबसे लंबे किशोरों मे...
13/04/2026

स्वामी रामदेव से मिला दुनिया का सबसे लंबा किशोर, योग और आसन की लेगा प्रशिक्षण
हरिद्वार। दुनिया के सबसे लंबे किशोरों में गिने जा रहे सहारनपुर के 8 फीट 2 इंच लंबे करण राठी ने हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योग गुरु स्वामी रामदेव से मुलाकात की। इसका वीडियो सामने आने के बाद करण की असाधारण लंबाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। वीडियो में स्वामी रामदेव खुद करण की लंबाई देखकर हैरान नजर आते हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर योग के माध्यम से सुधार की बात करते दिखाई देते हैं। करण राठी के पिता संजय राठी पेशे से डॉक्टर हैं। करण मूलरूप से हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं और वर्तमान में यूपी के सहारनपुर में रह रहे हैं। करण ने स्वामी रामदेव को बताया कि वे 12वीं कक्षा के छात्र हैं और इसके बाद उन्हें डॉक्टर की पढ़ाई करनी है। करण असामान्य हाइट के चलते पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि उनकी लंबाई 8 फीट 2 इंच है, जो उन्हें दुनिया के सबसे लंबे किशोरों में शामिल करती है। खास बात यह है कि करण के माता-पिता की लंबाई भी सात फीट से ज्यादा बताई जाती है, जिससे उनके परिवार में लंबाई का यह गुण आनुवंशिक माना जा रहा है। हालांकि, अत्यधिक लंबाई के साथ करण को कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं परेशानियों के समाधान के लिए करण की माता श्वेता राठी पतंजलि योगपीठ पहुंची हैं और वहां पर इलाज करवा रही हैं। करण भी माता के साथ पतंजलि योगपीठ में रह रहे हैं। पतंजलि योगपीठ में योग गुरु स्वामी रामदेव से मार्गदर्शन लिया। स्वामी रामदेव ने करण को नियमित योगाभ्यास, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।

देहरादून ट्रैफिक अलर्ट: प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस ने जारी किया रूट चार्ट, जसवंत ग्राउंड के आसपास रहेगा कड़ा पहरा
13/04/2026

देहरादून ट्रैफिक अलर्ट: प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस ने जारी किया रूट चार्ट, जसवंत ग्राउंड के आसपास रहेगा कड़ा पहरा

देहरादून, प्रधानमंत्री के 14 अप्रैल को दून दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने कई रास्तों पर डायवर्जन प्लान बनाया है, जिसके...

हर्ष चौधरी और तरुषी डोभाल बने मिस्टर एवं मिस उत्तराखंड 2026देहरादून:  मिस्टर एंड मिस उत्तराखंड 2026 का ग्रैंड फिनाले देह...
12/04/2026

हर्ष चौधरी और तरुषी डोभाल बने मिस्टर एवं मिस उत्तराखंड 2026

देहरादून: मिस्टर एंड मिस उत्तराखंड 2026 का ग्रैंड फिनाले देहरादून के होटल रेजेंटा में बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर से प्रतिभागियों और दर्शकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम को माया देवी यूनिवर्सिटी द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा हिमालयन बज ने धर्मा क्रिएशन के सहयोग से आयोजित किया।
तरुषी डोभाल को मिस उत्तराखंड 2026 का ताज पहनाया गया, जबकि हर्ष चौधरी ने मिस्टर उत्तराखंड 2026 का खिताब अपने नाम किया और शाम के शीर्ष प्रतिभागी बनकर उभरे। वहीं वंशिता कांडपाल और लोकपाल पोखरियाल को क्रमश, मिस उत्तराखंड मॉडल ऑफ द ईयर और मिस्टर उत्तराखंड मॉडल ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया।
रनर-अप श्रेणी में नेहा महारा और प्रकाश राणा प्रथम रनर-अप घोषित हुए, जबकि शिवम भट्ट और लता कोरंगा ने द्वितीय रनर-अप का स्थान हासिल किया।
इस प्रतियोगिता में पूरे उत्तराखंड से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें देहरादून और हल्द्वानी में आयोजित ऑडिशन के माध्यम से 36 फाइनलिस्ट चुने गए। प्रतिभागियों ने प्रोफेशनल ग्रूमिंग सेशंस में भाग लिया और विभिन्न सब-कॉन्टेस्ट्स के जरिए अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान कई सब-टाइटल्स और पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
निर्णायक मंडल में कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं, जिनमें क्षितिज डोभाल (संस्थापक, उनहु), तुषार शाही (मिस्टर उत्तराखंड 2026), राहुल गुप्ता (संस्थापक, वास्तुकार एसोसिएट्स ), सीमा कश्यप और लावण्या आहूजा (संस्थापक, फ्रॉन्ट्रो कुटूर ), साथ ही रेस्टोरेंट व्यवसायी अनीशा विरमानी और अनिरुद्ध रैथवान (संस्थापक, आर होटल्स ) शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान माया देवी यूनिवर्सिटी की उपाध्यक्ष डॉ. त्रिप्ती जुयाल सेमवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संस्थान की भविष्य की योजनाओं और ऐसे मंचों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
यह संस्करण हिमालयन बज़ द्वारा आयोजित मिस्टर एंड मिस उत्तराखंड का 10वां संस्करण था, जिसने राज्य में प्रतिभा, फैशन और युवा सशक्तिकरण के एक दशक का जश्न मनाया।

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