28/08/2025
बिरुड़ पंचमी की सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं🎉🎉| बिरुड़ पंचमी कुमाऊँ, उत्तराखंड का एक पारंपरिक लोक पर्व है जो भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जहाँ बिरुड़ (अंकुरित अनाज) तांबे के बर्तन में गौरा (माता पार्वती) और महेश (भगवान शिव) के विवाह से संबंधित पर्व के लिए तैयार किए जाते हैं। इस दिन से शुरू होकर सातूं-आठूं नामक पर्व सप्तमी और अष्टमी तिथि तक चलता है, जिसमें अंत में प्रसाद के रूप में बिरुड़ों का सेवन किया जाता है।पहाड़ों में इन दिनों होता है आनन्द और उत्सव का माहौल. अगले कुछ दिन गाँव के लोग मिलकर आंगन में खेल लगाते नज़र आयेंगे. अनेक तरह के लोकगीत जैसे – झोड़े, झुमटा, चांचरी आदि गाते पहाड़ी झूमते नज़र आयेंगे. आनन्द और उत्सव का माहौल का कारण है सातों-आठों का लोकपर्व. सातों-आठों कुमाऊं का प्रमुख लोकपर्व है. इस लोकपर्व में गमारा दीदी और महेश भिना पूजे जाते हैं।
हमारी समृद्ध संस्कृति के लिए एक हो जाइए..!