10/12/2025
संघ की विचारधारा से जुड़े लोगों को मांसाहार पर इतना तमाशा क्यों करना पड़ता है?
उनके ही पूर्व सरसंघचालक एम.एस. गोलवलकर जी तो खुलकर कहते हैं - "शास्त्रों में मांसाहार पर कोई नियम नहीं है!
मद्यपान में भी कोई दोष नहीं है...!!"
गोलवलकर जी खुद मनुस्मृति को हवाला देते हुए ये बात कह रहे है । (स्रोत - पेज नंबर 120 , श्री गुरुजी समग्र , खंड 9)
तो फिर ये मांसाहार और शाकाहार को लेकर इतना बवाल क्यों???