16/01/2026
यह मामला दिल्ली में नकली और जहरीली कोल्ड ड्रिंक के बड़े रैकेट से जुड़ा है, जिसे हाल ही में दिल्ली पुलिस ने उजागर किया। नीचे पूरी जानकारी सरल और क्रमबद्ध तरीके से दी जा रही है:
क्या हुआ था?
दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में लगभग 14,000 लीटर नकली कोल्ड ड्रिंक बरामद की।
यह कोल्ड ड्रिंक प्रसिद्ध ब्रांड्स की नक़ल करके बनाई जा रही थी ताकि लोग असली समझकर खरीद लें।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि यह स्कूलों, ठेलों और छोटी दुकानों के ज़रिए बच्चों को बेची जा रही थी।
नकली कोल्ड ड्रिंक कैसे बनाई जा रही थी?
जांच में सामने आया किः
गंदा और अशुद्ध पानी इस्तेमाल किया जा रहा था
केमिकल फ्लेवर, रंग (synthetic dyes) और सस्ते मीठे घोल मिलाए जाते थे
कोई फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड (FSSAI norms) फॉलो नहीं किए जा रहे थे
बोतलें और लेबल भी नकली थे, जो असली ब्रांड जैसे दिखते थे
▲ कितना खतरनाक था यह?
डॉक्टरों और फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसारः
इससे फूड पॉइज़निंग, उल्टी-दस्त, पेट में तेज़ दर्द हो सकता है
बच्चों में लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है
लंबे समय तक सेवन से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा मौके से हजारों लीटर तैयार नकली ड्रिंक, खाली बोतलें, ढक्कन और केमिकल बरामद किए इस रैकेट से जुड़े कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया IPC और Food Safety Act के तहत केस दर्ज किया गया
बच्चों को क्यों बनाया गया टारगेट ?
बच्चे ब्रांड और पैकेजिंग देखकर आसानी से भरोसा कर लेते हैं सस्ती कीमत में दुकानदार भी इन्हें बेच देते हैं गर्मी के मौसम में खपत ज़्यादा होने से मुनाफ़ा तेज़
! आम लोगों के लिए चेतावनी
नकली कोल्ड ड्रिंक से बचने के लिए: बहुत सस्ती कीमत पर मिलने वाली ब्रांडेड ड्रिंक से सावधान रहें ढक्कन, सील और लेबल ध्यान से जांचें सड़क किनारे खुली या संदिग्ध बोतल से परहेज़ करें शक हो तो स्थानीय प्रशासन या फूड सेफ्टी विभाग को सूचना दें
बड़ा सवाल
क्या हम जो पी रहे हैं, वो वाकई सुरक्षित है?
यह घटना दिखाती है कि खाद्य सुरक्षा सिर्फ सरकार नहीं, हम सबकी ज़िम्मेदारी है।