24/06/2025
**वंदे भारत में पानी टपकता भारत: देश की प्रीमियम ट्रेन का असली चेहरा**
दिल्ली जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को उस वक्त हैरानी का सामना करना पड़ा, जब ट्रेन की छत से पानी टपकने लगा। वायरल हो चुके इस वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह ट्रेन के अंदर छत से भारी मात्रा में पानी गिर रहा है, और यात्री अपने सामान व खुद को भीगने से बचा रहे हैं।
यह घटना सिर्फ एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की *'प्रतीकात्मक प्रीमियम'* सोच पर एक बड़ा सवाल है। क्या सिर्फ चमचमाते डिब्बे और हाईस्पीड नाम दे देने से कोई ट्रेन वाकई “प्रीमियम” बन जाती है?
❗ क्या कहती है ये घटना?
* यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन तेज बारिश के दौरान चल रही थी।
* पानी सीधे इलेक्ट्रॉनिक पैनल, सीटों और यात्रियों के ऊपर गिर रहा था।
* यात्रियों ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया।
🔍 मुद्दा सिर्फ पानी का नहीं है...
यह सिर्फ पानी का रिसाव नहीं है, यह *देखभाल की लापरवाही*, *गुणवत्ता की अनदेखी* और *शोबाज़ी की पोल खोलने वाली* तस्वीर है। करोड़ों रुपए खर्च कर बुलेट ट्रेन जैसी कल्पनाएं करने वाले सिस्टम को ये तस्वीर आईना दिखाती है।
💬 लोग कह रहे हैं:
* *"बुलेट ट्रेन छोड़ो, पहले जो है उसे दुरुस्त करो..."*
* *"ये प्रीमियम है या फिर दिल्ली की लोकल ट्रेन?"*
🔧 सवाल उठते हैं:
1. जब वंदे भारत जैसी हाई-एंड ट्रेनों में ऐसी घटनाएं होंगी तो आम यात्री क्या उम्मीद करे?
2. क्या मेंटेनेंस सिर्फ उद्घाटन समारोह तक सीमित है?
3. क्या रेलवे का ध्यान सिर्फ प्रचार पर है, सेवा पर नहीं?
🤔 निष्कर्ष:
वंदे भारत एक्सप्रेस को भारत की "शान" बताने वालों को अब जवाब देना होगा — *शान पानी में क्यों बह रही है?* अगर इतनी बड़ी लापरवाही प्रीमियम ट्रेन में हो सकती है, तो बाकी ट्रेनों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।
🚨 हमारा संदेश:
हम किसी सरकार के विरोधी नहीं, लेकिन *'अंधभक्तों के खिलाफ ज़रूर हैं'*। अगर देश की जनता को वाकई बेहतर सेवा चाहिए, तो सिर्फ प्रचार नहीं, *जवाबदेही* भी जरूरी है।
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