31/05/2026
सन् 1959 में जब दलाई लामा वेश बदलकर तिब्बत से निकले, तब उन्हें नहीं पता था कि हिमालय की यह कठिन यात्रा इतिहास बन जाएगी। बर्फीले पहाड़ों, चीनी सैनिकों और अनिश्चितताओं के बीच तवांग वह पहला भारतीय नगर बना, जिसने उन्हें शरण और सम्मान दिया। यही यात्रा तिब्बती निर्वासन की शुरुआत और भारत-तिब्बत संबंधों के एक नए अध्याय का प्रतीक बन गई।
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